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दो तीर जोड़ें तो क्या मिलता है? परिणामी का खेल

सदिश वह राशि है जिसमें परिमाण भी होता है और दिशा भी। दो सदिशों को त्रिभुज नियम या समांतर चतुर्भुज नियम से जोड़ा जाता है, क्योंकि दिशा बदलने पर परिणाम बदल जाता है। परिणामी का परिमाण R = √(A² + B² + 2AB cosθ) होता है। नीचे तीर खींचकर और नाव व छाते के दृश्य चलाकर खुद जाँचें।

तीर का सिरा खींचकर परिमाण और दिशा बदलें

सदिश Aसदिश Bपरिणामी Rघटक
गति

नियंत्रण

दृश्य चुनें

योग का नियम

3.0 N
4.0 N
90 °
20 °

मापन

परिणामी का परिमाण, R
5.00N
परिणामी की दिशा, α (A से)
53.1°
x-घटक, Rx
1.45N
y-घटक, Ry
4.78N
सिर्फ़ परिमाण जोड़ें, A + B
7.00N
बीच का कोण, θ
90°

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. “दो सदिशों का योग” दृश्य में शुरुआत में A = 3 N और B = 4 N हैं, बीच में 90°। परिणामी R = 5.00 N है। यह जाना-पहचाना 3-4-5 है।
  2. कैनवास पर तीर का सिरा खींचकर परिमाण और दिशा बदलें, या स्लाइडर चलाएँ। त्रिभुज नियम और समांतर चतुर्भुज नियम बारी-बारी से चुनें: परिणामी वही रहता है।
  3. दोनों सदिशों के बीच का कोण 0° से 180° तक घुमाकर देखें कि R कैसे बदलता है, और “सिर्फ़ परिमाण जोड़ें” वाले मान से तुलना करें।
  4. “नदी पार करती नाव” दृश्य में नाव का रुख़ घुमाएँ। बहाव, पार करने का समय और परिणामी चाल पढ़ें, फिर “न्यूनतम मार्ग वाला रुख़ लें” चालू करें।
  5. “बारिश और छाता” दृश्य में चलने की चाल बढ़ाएँ। जाँचें कि सूखा रखने वाला झुकाव tan θ = व्यक्ति की चाल ÷ बारिश की चाल से मिलता है।

नाव सीधी क्यों नहीं जाती?

नदी के एक किनारे पर खड़े होकर नाव का मुँह ठीक सामने वाले घाट की ओर करके चप्पू चलाएँ तो क्या होता है? नाव उस घाट पर नहीं पहुँचती, धारा के साथ थोड़ी दूर नीचे जाकर लगती है। मल्लाह यह जानता है, इसलिए वह शुरू से ही नाव का मुँह थोड़ा ऊपर की ओर रखता है।

बारिश में भी यही होता है। बूँदें सीधी नीचे गिरती हैं, फिर भी साइकिल पर या चलते समय लगता है कि बारिश सामने से टकरा रही है। छाता सीधा पकड़ें तो चेहरा भीग जाता है।

दोनों किस्सों में एक ही बात है: एक चीज़ पर दो अलग गतियाँ या बल एक साथ काम कर रहे हैं और उनकी दिशाएँ अलग हैं। तब संख्याएँ सीधे जोड़ देना काफ़ी नहीं। 3 और 4 का योग हमेशा 7 नहीं होता, कभी 5, कभी 1, कभी 6.08। क्यों, यही इस पाठ में समझेंगे।

शुरू से: अदिश और सदिश

कुछ राशियों के लिए सिर्फ़ संख्या और मात्रक काफ़ी हैं। “मेरा द्रव्यमान 50 kg है”, “कमरे का तापमान 30°C है”, “सड़क 2 km लंबी है”। ये अदिश राशियाँ हैं। 2 kg और 3 kg हमेशा 5 kg ही होते हैं।

कुछ राशियों में दिशा भी बतानी पड़ती है। “मैं 5 km चला” अधूरी ख़बर है, क्योंकि पता नहीं कहाँ पहुँचा। “उत्तर की ओर 5 km” कहने से जगह तय हो जाती है। वेग, बल, विस्थापन और त्वरण ऐसी ही राशियाँ हैं। इन्हें सदिश राशियाँ कहते हैं।

सदिश को हम तीर से दिखाते हैं। तीर की लंबाई परिमाण बताती है और तीर का सिरा दिशा। पुस्तकों में सदिश मोटे अक्षरों में या ऊपर तीर लगाकर लिखा जाता है; यहाँ हम सादे A, B और R लिखेंगे, और केवल परिमाण के लिए |A|।

अदिश राशिसदिश राशिअंतर कहाँ है
दूरीविस्थापनदूरी पथ की लंबाई है; विस्थापन शुरू से अंत तक की सीधी रेखा और दिशा
चालवेगवेग = चाल + दिशा
द्रव्यमानभार (बल)भार हमेशा नीचे की ओर
कार्य, ऊर्जाबलबल दिशा के साथ बदलता है, ऊर्जा नहीं
तापमानत्वरणत्वरण उस ओर जिस ओर वेग बदल रहा हो

ये शब्द ज़रूर आने चाहिए

इस अध्याय के प्रश्नों में नीचे के शब्द बार-बार आते हैं। अर्थ के साथ मिलाकर याद रखें।

शब्दसरल अर्थकहाँ दिखता है
सदिशपरिमाण और दिशा दोनों वाली राशिवेग, बल, विस्थापन
अदिशकेवल परिमाण वाली राशिद्रव्यमान, समय, तापमान
परिणामीकई सदिशों के बराबर असर वाला एक ही सदिशदो रस्सियों का मिला-जुला खिंचाव
घटकसदिश को अक्षों के अनुदिश तोड़ने पर मिले हिस्सेढलान पर खिंचाव के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर हिस्से
त्रिभुज नियमएक तीर के सिरे पर दूसरे की पूँछ रखनाचलने के दो चरणों का विस्थापन
समांतर चतुर्भुज नियमदोनों को एक बिंदु से खींचकर चतुर्भुज पूरा करनाएक ही गाँठ पर बँधी दो रस्सियाँ
आपेक्षिक वेगएक वस्तु का दूसरी वस्तु से देखा गया वेगचलती बस से देखी गई बारिश
मात्रक सदिशपरिमाण 1 वाला सदिश, केवल दिशा बताता हैअक्ष के अनुदिश दिशा

त्रिभुज नियम: सिरे पर पूँछ

मान लीजिए आप पूर्व में 3 m चले, फिर मुड़कर उत्तर में 4 m। शुरुआत से अब आप कितनी दूर और किस दिशा में हैं? पहला तीर खींचिए, उसके सिरे पर दूसरे की पूँछ रखिए। शुरू से अंतिम सिरे तक तीसरा तीर खींचिए। वही परिणामी है।

यही त्रिभुज नियम है। यदि दो सदिशों को एक ही क्रम में किसी त्रिभुज की दो भुजाओं से निरूपित किया जाए, तो उसकी तीसरी भुजा, उलटे क्रम में, उनके परिणामी को परिमाण और दिशा में बताती है।

सिमुलेशन की शुरुआती स्थिति में A और B के बीच 90° है, इसलिए त्रिभुज समकोण है: 3, 4 और कर्ण 5.00। पाइथागोरस भी यही कहता है।

क्या फ़र्क पड़ता है कि पहले A रखें या B? नहीं पड़ता। सदिश योग क्रम नहीं देखता: A + B = B + A। सिमुलेशन में दोनों तीर उलटकर रखें, परिणामी उसी बिंदु पर पहुँचेगा।

R = A + Bपरिणामी सदिश, किसी भी क्रम में

A + B = B + Aक्रमविनिमय नियम

समांतर चतुर्भुज नियम: दो पूँछ, एक बिंदु

दो लोग मिलकर एक भारी बोरा खींच रहे हैं, दोनों की रस्सियाँ एक ही गाँठ से बँधी हैं। दोनों खिंचाव ऐसे बल हैं जिनकी पूँछ एक बिंदु पर है। यहाँ तीर पर तीर रखना बेढंगा लगता है, इसलिए समांतर चतुर्भुज नियम।

A और B को एक ही बिंदु से खींचिए। फिर समांतर चतुर्भुज पूरा कीजिए: A के सिरे से B के समांतर रेखा, B के सिरे से A के समांतर रेखा। जहाँ ये मिलें, वह कोना है। शुरुआती बिंदु से उस कोने तक का विकर्ण ही परिणामी है।

समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। इसलिए A के सिरे से खींची गई B की प्रतिलिपि दरअसल त्रिभुज नियम ही है। दोनों नियम एक ही चित्र हैं, बस खींचने का ढंग अलग। सिमुलेशन में नियम बदलकर देखें, R नहीं हिलता।

परिणामी का परिमाण और दिशा

चित्र से अंदाज़ा मिल जाता है। संख्या चाहिए तो अक्ष A के अनुदिश लें। B को दो हिस्सों में तोड़ें: A के अनुदिश B cosθ और उसके लंबवत B sinθ। तब परिणामी का A के अनुदिश हिस्सा A + B cosθ और लंबवत हिस्सा B sinθ है।

ये दोनों हिस्से एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ हैं और R उसका कर्ण। इसलिए R² = (A + B cosθ)² + (B sinθ)²। कोष्ठक खोलकर sin²θ + cos²θ = 1 लगाएँ तो उलझन कट जाती है और प्रसिद्ध सूत्र बचता है।

दिशा के लिए समकोण त्रिभुज की स्पर्शज्या लें: सम्मुख ÷ आसन्न। α, R और A के बीच का कोण है। यूनानी अक्षर यहाँ केवल नाम है।

R² = (A + B cosθ)² + (B sinθ)²दोनों हिस्सों पर पाइथागोरस

R = √(A² + B² + 2AB cosθ)परिणामी का परिमाण, θ = A और B के बीच का कोण

tan α = B sinθ ÷ (A + B cosθ)R, A के साथ α कोण बनाता है

कोण बदलने पर परिणामी कैसे बदलता है

3 N और 4 N लें और θ को खोलें। तालिका की संख्याएँ कोड में निकाली गई हैं; सिमुलेशन में परिमाण 3 और 4 रखकर कोण स्लाइडर घुमाएँ और मिलाएँ।

दो चरम स्थितियाँ याद रखने लायक हैं। θ = 0° पर तीर एक ही दिशा में हैं और R सबसे बड़ा, A + B। θ = 180° पर वे विपरीत हैं और R सबसे छोटा, अंतर। बाकी हर कोण पर R इनके बीच में रहता है। शुरुआती स्थिति में 3 + 4 = 7 होने पर भी R केवल 5.00 है, क्योंकि कोण 90° है।

  • θ = 0°: एक ही दिशा, परिमाण सीधे जुड़ते हैं।
  • θ = 90°: समकोण, R = √(A² + B²)।
  • θ = 180°: विपरीत दिशा, परिमाण घटते हैं।
  • A = B हो तो R = 2A cos(θ/2) और परिणामी कोण को समद्विभाजित करता है।
θ (डिग्री)cosθR (N)α (डिग्री)
01.007.000.0
600.506.0834.7
900.005.0053.1
120-0.503.6173.9
180-1.001.00180.0

घटक: एक सदिश के दो हिस्से

उलटा काम भी होता है। तिरछे सदिश को दो अक्षों के अनुदिश तोड़ा जा सकता है। ढलान पर गाड़ी खींचते समय आपके खिंचाव का एक हिस्सा गाड़ी को आगे बढ़ाता है और दूसरा उसे ऊपर उठाना चाहता है। यही हिस्से घटक हैं।

x-अक्ष से θ कोण पर लगे बल F का x-घटक F cosθ और y-घटक F sinθ होता है। दोनों परस्पर लंबवत हैं, इसलिए पाइथागोरस से फिर F मिल जाता है।

“परिणामी के घटक दिखाएँ” चालू हो तो हरी रेखाएँ Rx और Ry दिखाती हैं। शुरुआत में Rx = 1.45 N और Ry = 4.78 N। A और B के घटक अलग-अलग जोड़ने पर भी यही संख्याएँ मिलती हैं। कठिन प्रश्न इसी तरह आसान होते हैं: हर सदिश को तोड़ें, x में x और y में y जोड़ें, अंत में एक बार पाइथागोरस।

Fx = F cosθx-अक्ष के अनुदिश घटक

Fy = F sinθy-अक्ष के अनुदिश घटक

F = √(Fx² + Fy²)घटकों से फिर मूल मान

Rx = Ax + Bx, Ry = Ay + Byपरिणामी के घटक = घटकों के योग

नदी में नाव: दो वेग एक साथ

नाव शांत पानी में v वेग से चल सकती है। पर पानी खुद u वेग से बह रहा है। किनारे से देखने पर नाव का असली वेग दोनों का सदिश योग है।

नाव का मुँह सीधे सामने रखें तो नाव का वेग और धारा का वेग परस्पर लंबवत होते हैं और परिणामी √(v² + u²) है। पार करने का समय केवल पार की दिशा वाले घटक पर निर्भर करता है; धारा उसमें कुछ नहीं जोड़ती। वह बस नाव को नीचे की ओर बहा ले जाती है। 100 m चौड़ी नदी, v = 5 m/s और u = 3 m/s पर समय 20.0 s और बहाव 60.0 m है।

अब दो सवाल हैं और दोनों के उत्तर अलग। सबसे कम समय चाहिए तो मुँह सीधा सामने। सबसे कम दूरी, यानी ठीक सामने वाले बिंदु पर उतरना चाहिए, तो मुँह धारा के विरुद्ध झुकाना होगा।

शर्त है कि धारा की दिशा में नेट वेग शून्य हो: नाव के वेग का धारा-विरुद्ध घटक धारा को काट दे, v sinφ = u, यानी sinφ = u ÷ v। यदि u ≥ v हो तो दायाँ पक्ष 1 या उससे बड़ा हो जाता है और हल नहीं मिलता। धारा नाव से तेज़ हो तो ठीक सामने उतरना असंभव है, चाहे जैसे चलाएँ।

एक और बात: न्यूनतम समय वाला मार्ग और न्यूनतम दूरी वाला मार्ग एक नहीं होते। छोटा मार्ग लेने पर समय अधिक लगता है।

vx = u − v sinφधारा की दिशा में नेट वेग (φ = धारा के विरुद्ध झुकाव)

vy = v cosφनदी पार की दिशा में वेग

t = d ÷ (v cosφ)चौड़ाई d हो तो पार करने का समय

sinφ = u ÷ vठीक सामने उतरने की शर्त, केवल u < v पर संभव

बारिश और छाता: आपेक्षिक वेग

बारिश v वेग से सीधी नीचे गिर रही है। आप u वेग से आगे चल रहे हैं। आपको बारिश किस वेग से आती दिखेगी? किसी वस्तु का दूसरी वस्तु से देखा गया वेग आपेक्षिक वेग कहलाता है। नियम: जिसे देख रहे हैं उसके वेग में से देखने वाले का वेग घटा दें।

यानी बारिश का आपेक्षिक वेग = बारिश का वेग − आपका वेग। घटाने का मतलब −u जोड़ना है, जो आपके चलने की उलटी दिशा में एक तीर है। नीचे वाले तीर में पीछे वाला तीर जुड़ने पर बारिश आपकी ओर तिरछी आती है।

छाता उसी ओर पकड़ें जिधर से बारिश आती दिखती है: ऊर्ध्वाधर से आगे की ओर θ झुकाव, जहाँ tan θ = आपकी चाल ÷ बारिश की चाल। शुरुआत में 4 m/s की बारिश और 3 m/s की चाल से tan θ = 0.75, θ = 36.9° और आपेक्षिक वेग 5.00 m/s।

एक दिलचस्प बात: तेज़ चलें तो बारिश आपको और तेज़ और ज़्यादा तिरछी लगती है, जबकि आसमान में कुछ नहीं बदला। “चलने वाले की नज़र से देखें” चालू करें तो बूँदें सचमुच झुक जाती हैं।

v(आपेक्षिक) = v(बारिश) − v(व्यक्ति)सदिश घटाव

tan θ = v(व्यक्ति) ÷ v(बारिश)छाते का झुकाव ऊर्ध्वाधर से

|v(आपेक्षिक)| = √(v(बारिश)² + v(व्यक्ति)²)दोनों वेग परस्पर लंबवत हैं

सिमुलेशन में करके देखें

हर प्रयोग एक मिनट का है। एक बार करके देखेंगे तो सूत्र नहीं भूलेंगे।

  • प्रयोग 1: पहले दृश्य में B को धीरे-धीरे घुमाकर θ = 0° करें। क्या R दोनों परिमाणों का योग हुआ? अब θ को 180° तक खोलें। R कितना घटा?
  • प्रयोग 2: A = B करें और θ = 120° रखें। R कितना है? यह A के बराबर क्यों है, सोचें।
  • प्रयोग 3: समांतर चतुर्भुज नियम चुनकर देखें कि विकर्ण R पर बैठता है या नहीं। फिर त्रिभुज नियम पर लौटें।
  • प्रयोग 4: घटक चालू रखकर A घुमाएँ और पता करें कि Rx या Ry का चिह्न कब बदलता है।
  • प्रयोग 5: नदी दृश्य में धारा 0 करके रुख़ घुमाएँ। बहाव कितना है? फिर धारा बढ़ाकर दोबारा चलाएँ।
  • प्रयोग 6: नाव 3 m/s और धारा 4 m/s रखें। न्यूनतम मार्ग वाला रुख़ डैश क्यों दिखा रहा है?
  • प्रयोग 7: बारिश दृश्य में स्वचालित झुकाव बंद करें। स्लाइडर से छाता तब तक झुकाएँ जब तक “सूखा” न आ जाए, कोण लिख लें और tan θ से मिलाएँ।

हल किए हुए प्रश्न

हर संख्या कोड में निकाली गई है। पहले कॉपी में खुद करें, फिर नीचे के चरण देखें।

प्रश्न 1: 3 N और 4 N समकोण पर

3 N और 4 N के दो बल एक बिंदु पर 90° कोण बनाकर लगे हैं। परिणामी का परिमाण और दिशा ज्ञात कीजिए।

R = √(3² + 4² + 2 × 3 × 4 × cos 90°) = 5.00 N, क्योंकि cos 90° = 0। दिशा: tan α = 4 sin 90° ÷ (3 + 4 cos 90°) = 4 ÷ 3, इसलिए α = 53.1°, 3 N वाले बल से।

प्रश्न 2: 10 N और 6 N, 60° पर

10 N और 6 N के बलों के बीच 60° है। परिणामी ज्ञात कीजिए।

A + B cosθ = 10 + 6 × 0.50 = 13.00। B sinθ = 6 × 0.866 = 5.20। R² = 13.00² + 5.20² = 196, अतः R = 14.00 N। tan α = 5.20 ÷ 13.00, α = 21.8°। कोण छोटा है, इसलिए R सीधे योग के काफ़ी पास है।

प्रश्न 3: बराबर दो बल 120° पर

8 N के दो बराबर बलों के बीच 120° कोण है। परिणामी क्या होगा?

R = 2P cos(θ/2) = 2 × 8 × cos 60° = 2 × 8 × 0.50 = 8.00 N। चौंकाने वाली बात: परिणामी हर बल के बराबर है। वह दोनों के ठीक बीच, 60° पर है। 120° के अंतर पर तीन बराबर बल एक-दूसरे को पूरी तरह काट देते हैं, यही संतुलन की कुंजी है।

प्रश्न 4: स्लेज को खींचना

एक स्लेज को 50 N बल से भूमि से 30° ऊपर खींचा जा रहा है। बल के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर घटक ज्ञात कीजिए।

Fx = 50 cos 30° = 43.30 N और Fy = 50 sin 30° = 25.00 N। स्लेज को आगे केवल 43.30 N चलाता है। बाकी 25.00 N उसका थोड़ा भार उठा देता है।

प्रश्न 5: नदी पार करना

100 m चौड़ी नदी की धारा 3 m/s से बह रही है। शांत जल में नाव की चाल 5 m/s है। (क) मुँह सीधा सामने रखने पर परिणामी चाल, समय और बहाव ज्ञात कीजिए। (ख) ठीक सामने उतरने के लिए किस कोण पर रुख़ रखें और समय कितना लगेगा?

(क) परिणामी चाल √(5² + 3²) = 5.83 m/s। पार की चाल 5 m/s, अतः समय 100 ÷ 5 = 20.0 s। बहाव 3 × 20.0 = 60.0 m। मार्ग सीधे से 31.0° के कोण पर है।

(ख) sinφ = 3 ÷ 5 = 0.60, इसलिए φ = 36.9° धारा के विरुद्ध। पार की चाल √(5² − 3²) = 4.00 m/s, अतः समय 100 ÷ 4.00 = 25.0 s। समय बढ़ा, पर बहाव बिल्कुल नहीं।

प्रश्न 6: बारिश में चलना

बारिश 4 m/s से सीधी गिर रही है और एक व्यक्ति 3 m/s से चल रहा है। बारिश का आपेक्षिक वेग क्या होगा और छाता ऊर्ध्वाधर से किस कोण पर पकड़ना चाहिए?

आपेक्षिक चाल √(4² + 3²) = 5.00 m/s। tan θ = 3 ÷ 4 = 0.75, अतः θ = 36.9°, आगे की ओर झुका हुआ।

प्रश्न 7: उलटी दिशा से हल

एक साइकिल सवार 6 m/s से जा रहा है और उसे बारिश ऊर्ध्वाधर से 30° पर आती दिखती है। बारिश की वास्तविक चाल क्या है?

tan 30° = 0.577 = 6 ÷ v(बारिश), अतः v(बारिश) = 6 ÷ 0.577 = 10.39 m/s। जाँच: आपेक्षिक चाल √(10.39² + 6²) = 12.00 m/s।

जिन गलतियों पर अंक कटते हैं

कॉपियों में वही कुछ गलतियाँ बार-बार मिलती हैं। सूची पढ़कर अपनी गलतियाँ पहचानें।

  • परिमाणों को सीधे जोड़ना। 3 N और 4 N का योग 7 N तभी है जब दोनों एक दिशा में हों, वरना R छोटा होता है।
  • θ को गड़बड़ा देना। θ वह कोण है जो दोनों सदिशों की पूँछ एक बिंदु पर रखने पर बनता है। त्रिभुज का भीतरी कोण 180° − θ होता है।
  • tan α के हर में सिर्फ़ A लिखना। हर में A + B cosθ ही आएगा।
  • नदी के प्रश्न में चौड़ाई को परिणामी चाल से भाग देना। समय में केवल पार की दिशा का घटक लगता है।
  • आपेक्षिक वेग में चिह्न की भूल। देखने वाले का वेग घटाया जाता है, यानी उसका उलटा जोड़ा जाता है।
  • कोण निकालते समय कैलकुलेटर को रेडियन मोड में छोड़ देना।
  • यह भूल जाना कि परिणामी का मात्रक वही है जो जोड़े जा रहे सदिशों का है।

रोज़मर्रा में सदिश योग

एक बार पहचानना आ जाए तो हर जगह दिखता है। कुछ नमूने:

  • हवाई जहाज़ और हवा: पायलट एक ओर मुँह करता है, हवा दूसरी ओर धकेलती है, इसलिए रुख़ पहले से झुकाना पड़ता है।
  • नाव और स्टीमर: व्यस्त नदी पार कराने वाला माँझी यही जोड़ बिना कैलकुलेटर करता है।
  • रस्साकशी: दो टीमें, दो बल सदिश, और एक परिणामी जो जीत तय करता है।
  • पेड़ पर झूला: दोनों रस्सियों का मिला हुआ खिंचाव झूले के भार को संतुलित रखता है।
  • घूमती फुटबॉल: पैर का धक्का और बगल की हवा मिलकर टेढ़ा मार्ग बनाते हैं।
  • चक्रवात का मार्ग: हवा का वेग और समुद्री धारा मिलकर वास्तविक पथ तय करते हैं।

परीक्षा का कोना: CBSE / NCERT कक्षा 11

अध्याय 3 (समतल में गति) के प्रश्न अक्सर नदी, बारिश या बलों के परिणामी की कहानी में आते हैं। एक नमूना देखें।

नमूना प्रश्न

एक व्यक्ति 12 m/s की चाल से गिरती बारिश में 5 m/s से चल रहा है। एक नाव शांत जल में 4 m/s की चाल से चल सकती है और 120 m चौड़ी नदी की धारा 3 m/s है।

(क) सदिश राशि की परिभाषा लिखिए। (1 अंक)

(ख) बारिश का आपेक्षिक वेग और छाते का झुकाव ज्ञात कीजिए। (3 अंक) उत्तर: √(12² + 5²) = 13.00 m/s, tan θ = 5 ÷ 12, θ = 22.6°।

(ग) नाव को ठीक सामने उतरने के लिए किस कोण पर रखें और समय कितना लगेगा? सीधे मुँह रखने पर समय और बहाव क्या होंगे? (4 अंक) उत्तर: φ = 48.6°, पार की चाल 2.65 m/s, समय 45.4 s। सीधे मुँह पर समय 30.0 s और बहाव 90.0 m।

उत्तर कैसे लिखें

पहले शर्त लिखें: धारा की दिशा में नेट वेग शून्य। फिर सूत्र, प्रतिस्थापन और मात्रक। अंत में दोनों समयों की तुलना की एक पंक्ति जोड़ें: ठीक सामने उतरने में समय अधिक लगता है क्योंकि पार की चाल घट जाती है।

अभ्यास: (1) 5 N और 12 N के बल समकोण पर हों तो परिणामी 13.00 N, A से 67.4° पर। (2) 6 N और 8 N समकोण पर: 10.00 N। (3) 10 N के दो बल 60° पर: 17.32 N। (4) बारिश 6 m/s और व्यक्ति 8 m/s: आपेक्षिक चाल 10.00 m/s, कोण 53.1°।

तेज़ दोहराव

परीक्षा से एक रात पहले ये पंक्तियाँ एक नज़र में देख लें।

  • सदिश में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, अदिश में केवल परिमाण।
  • त्रिभुज नियम: सिरे पर पूँछ। समांतर चतुर्भुज नियम: एक बिंदु पर दो पूँछ। परिणामी एक ही।
  • R = √(A² + B² + 2AB cosθ) और tan α = B sinθ ÷ (A + B cosθ)।
  • θ = 0° पर R अधिकतम और θ = 180° पर न्यूनतम।
  • घटक: F cosθ और F sinθ। परिणामी के घटक = घटकों के योग।
  • नदी: समय = चौड़ाई ÷ पार की चाल। ठीक सामने उतरने के लिए sinφ = u ÷ v।
  • बारिश: tan θ = व्यक्ति की चाल ÷ बारिश की चाल, आपेक्षिक वेग = बारिश का वेग − व्यक्ति का वेग।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सदिश जोड़ने पर परिमाण सीधे क्यों नहीं जुड़ते?

क्योंकि सदिश की दिशा भी होती है, और दिशाएँ अलग हों तो एक का असर दूसरे को आंशिक रूप से काट देता है। परिमाण सीधे तभी जुड़ते हैं जब दोनों एक ही दिशा में हों। बाकी सब स्थितियों में R = √(A² + B² + 2AB cosθ), जो कभी A + B से बड़ा नहीं होता।

क्या त्रिभुज नियम और समांतर चतुर्भुज नियम के उत्तर अलग होते हैं?

नहीं, दोनों एक ही चित्र हैं। समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं, इसलिए चतुर्भुज का विकर्ण और त्रिभुज की तीसरी भुजा एक ही तीर है। अंतर केवल इतना है कि खींचना कहाँ से शुरू करते हैं।

परिणामी शून्य कब होता है?

जब दो सदिशों का परिमाण बराबर हो और वे ठीक विपरीत दिशाओं में हों, यानी θ = 180° और A = B। 120° के अंतर पर तीन बराबर सदिश भी पूरी तरह एक-दूसरे को काट देते हैं।

नदी पार करने में न्यूनतम समय और न्यूनतम दूरी के उत्तर अलग क्यों हैं?

समय केवल पार की दिशा की चाल पर निर्भर करता है, इसलिए न्यूनतम समय में मुँह सीधा सामने रहता है, पर तब धारा नाव को नीचे बहा देती है। ठीक सामने उतरने के लिए मुँह धारा के विरुद्ध झुकाना पड़ता है, जिससे पार की चाल घटती है और समय बढ़ता है।

धारा नाव से तेज़ हो तो क्या ठीक सामने उतरा जा सकता है?

नहीं। ठीक सामने उतरने के लिए sinφ = u ÷ v चाहिए, और u ≥ v होने पर यह अनुपात 1 या उससे अधिक हो जाता है, जो किसी कोण से संभव नहीं। तब केवल बहाव को कम से कम किया जा सकता है।

आपेक्षिक वेग क्या है?

किसी वस्तु का दूसरी गतिशील वस्तु से देखा गया वेग आपेक्षिक वेग है। देखी जा रही वस्तु के वेग में से देखने वाले का वेग सदिश के रूप में घटाया जाता है। इसीलिए सीधी गिरती बारिश चलती बस से तिरछी दिखती है।

सूखा रहने के लिए छाता किस कोण पर पकड़ें?

आगे की ओर, जिधर से बारिश आती दिखती है, ऊर्ध्वाधर से θ कोण पर, जहाँ tan θ = आपकी चाल ÷ बारिश की चाल। खड़े रहने पर θ = 0° है, और जितना तेज़ चलेंगे उतना अधिक झुकाना पड़ेगा।

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कक्षा 11 · JEE

प्रक्षेप्य गति

प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? कोण व वेग बदलकर पथ देखें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई, क्षैतिज परास के सूत्र व हल उदाहरण। कक्षा 11, JEE/NEET।

कक्षा 11

सरल लोलक

सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।

कक्षा 12

विद्युत क्षेत्र

विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं, तीव्रता का सूत्र व SI मात्रक, क्षेत्र रेखाओं के गुण — आवेश रखकर रेखाएँ देखें। कूलॉम के नियम के हल उदाहरण।

कक्षा 11 · 12

तरंगों का व्यतिकरण

अध्यारोपण का सिद्धांत, संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें, फ्रिंज चौड़ाई β=λD/d — दो स्रोत खिसकाकर देखें। कक्षा 11-12 के हल उदाहरण।

कक्षा 9 · 11

मुक्त पतन

मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।

कक्षा 10 · 12

लेंस द्वारा प्रतिबिंब

उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।

कक्षा 9 · 11

न्यूटन के गति के नियम

न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।

कक्षा 10 · 12

गोलीय दर्पण किरण आरेख

अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।

कक्षा 10 · 12

विद्युत चुंबकीय प्रेरण

विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

संवेग संरक्षण और संघट्ट

संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

कार्य, ऊर्जा और शक्ति

कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 11 · JEE

आनत तल

ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 9 · 11

एकसमान वृत्तीय गति

डोरी से बँधी गेंद घुमाकर कोणीय वेग, आवर्तकाल, a=v²/r और अभिकेंद्र बल F=mv²/r देखें। डोरी कटने पर गेंद कहाँ जाती है? बैंकिंग व हल किए उदाहरणों सहित।

कक्षा 9

अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग

एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।

कक्षा 9 · 11

उत्तोलक और आघूर्ण

सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।

कक्षा 11

द्रव्यमान केंद्र

छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।

कक्षा 11

कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति

कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।

कक्षा 11

सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना

दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।

कक्षा 11

केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा

उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।

कक्षा 11

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह

दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।

कक्षा 11

तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें

सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।

कक्षा 11

अनुनाद नली और ध्वनि की चाल

अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।

कक्षा 11

विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन

लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।

कक्षा 11 · 12

डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम

ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।

कक्षा 10 · 12

प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष

सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।

कक्षा 12

किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम

दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।

कक्षा 12

व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु

व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 12

एकल झिरी से विवर्तन

झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।

कक्षा 10 · 12

आँख के दोष और उनका निवारण

सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।

कक्षा 12

प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम

ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक

प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।

कक्षा 10 · 12

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका

छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।

कक्षा 12

एसी जनित्र

चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।

कक्षा 10 · 12

ट्रांसफ़ॉर्मर

ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।

कक्षा 9 · 12

ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण

ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव

निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।

कक्षा 10 · 12

मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर

चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।

कक्षा 11 · 12

गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल

डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।

कक्षा 12

अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी

p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।

कक्षा 10 · 12

रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता

240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।

कक्षा 12

बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम

हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।

अन्य विषयों के एनिमेशन

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प्रकाश संश्लेषण

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पेशी संकुचन और स्लाइडिंग-फ़िलामेंट मॉडल

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पौधों में परिवहन: जाइलम, फ्लोएम और वाष्पोत्सर्जन

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खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल: ऊर्जा प्रवाह और 10 % नियम

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जनसंख्या वृद्धि: चरघातांकी और लॉजिस्टिक वक्र

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प्राकृतिक चयन: पेप्पर्ड मॉथ और कालिख वाला पेड़

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प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया

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परागण और निषेचन

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पाइथागोरस प्रमेय

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त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त

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द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़

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वृत्त के प्रमेय

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ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण

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प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता

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समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी

गणित

माध्य, माध्यिका और बहुलक

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समुच्चय और वेन आरेख

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रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख

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sin, cos, tan के आलेख

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पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण

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वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न

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ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला

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समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई

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निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ

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शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय

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फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना

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अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक

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रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल

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सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए

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त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन

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आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक

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सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल

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बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़