Home
Login

Color

Indigo
Red
Green
Teal
Blue
Purple
Rose

Mode

Light
EN

प्रक्षेप्य को खुद फेंककर देखें

जब किसी वस्तु को क्षैतिज से किसी कोण पर फेंका जाता है और वह केवल गुरुत्व के प्रभाव में चलती है, तो उसकी गति को प्रक्षेप्य गति कहते हैं; उसका पथ परवलयाकार होता है। नीचे प्रारंभिक वेग, प्रक्षेपण कोण और g बदलें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई और परास तुरंत दिखेंगे।

निशाना लगाने के लिए मंच पर खींचें — दिशा से कोण, लंबाई से वेग

प्रक्षेप पथवेगघटक vₓघटक vᵧपिछला प्रक्षेपण
गति

नियंत्रण

20 m/s
45 °
0 m

गुरुत्वीय त्वरण, g (m/s²)

मापन

समय, t
0.00s
क्षैतिज दूरी, x
0.0m
ऊँचाई, y
0.0m
परिणामी वेग, v
20.0m/s
क्षैतिज वेग, vₓ
14.1m/s
ऊर्ध्वाधर वेग, vᵧ
14.1m/s
अधिकतम ऊँचाई, H
10.2m
क्षैतिज परास, R
40.8m
उड्डयन काल, T
2.89s

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. वेग और कोण के स्लाइडर खिसकाएँ, या मंच पर खींचकर सीधे निशाना लगाएँ — खींचने की दिशा से कोण और लंबाई से वेग तय होता है।
  2. "पिछले प्रक्षेपण रखें" चालू रखकर 30° और फिर 60° पर फेंकें — दोनों का परास बराबर होगा।
  3. ग्रह बदलें: चंद्रमा पर g कम है, इसलिए वही प्रक्षेपण कहीं दूर और ऊँचा जाता है।
  4. हरा तीर (vₓ) पूरे पथ में नहीं बदलता; लाल तीर (vᵧ) शिखर पर शून्य होकर दिशा बदलता है।
  5. गति 0.25× करके धीरे देखें और किसी भी पल रोककर मापन पैनल के मान कॉपी में मिलाएँ।

छक्का, कबड्डी की छलांग और फव्वारा — सब प्रक्षेप्य हैं

क्रिकेट में जब बल्लेबाज़ गेंद को हवा में उठाकर छक्का मारता है, तो क्या आपने देखा है कि गेंद सीधी रेखा में नहीं जाती? पहले ऊपर उठती है, एक पल के लिए जैसे रुक जाती है, फिर मुड़कर बाउंड्री के बाहर गिरती है। यही मुड़ा हुआ रास्ता आज का विषय है।

कबड्डी में खिलाड़ी जब छलांग लगाकर पाला पार करता है, तो उसका शरीर भी एक वक्र रेखा में चलता है। और मान लीजिए आप नीचे से छत पर खड़े दोस्त की ओर गेंद फेंकते हैं — सीधा ऊपर फेंकेंगे तो गेंद आपके ही सिर पर लौटेगी, सीधा सामने फेंकेंगे तो छत तक पहुँचेगी ही नहीं। इसलिए आप अपने-आप एक कोण चुनते हैं — थोड़ा ऊपर, थोड़ा आगे। यही "कोण का चुनाव" प्रक्षेप्य गति की भौतिकी है।

पार्क के फव्वारे को देखिए — पानी की हर धार एक सुंदर मेहराब बनाती है। पानी की हर बूँद असल में एक छोटा प्रक्षेप्य है। गेंद, तीर, कूदता मेंढक, डस्टबिन की ओर उछाला गया कागज़ — सब एक ही नियम मानते हैं। नियम समझ लिया तो आप फेंकने से पहले ही बता सकेंगे कि वस्तु कितनी ऊँची जाएगी, कहाँ गिरेगी और कितनी देर हवा में रहेगी।

बिलकुल शुरुआत से: प्रक्षेप्य गति असल में दो अलग गतियाँ हैं

प्रक्षेप्य गति समझने की सबसे बड़ी तरकीब है गति को दो हिस्सों में बाँटना — एक क्षैतिज (दाएँ-बाएँ) और एक ऊर्ध्वाधर (ऊपर-नीचे)। मज़े की बात यह है कि ये दोनों गतियाँ एक-दूसरे पर कोई असर नहीं डालतीं। दोनों अपने-अपने ढंग से चलती हैं और मिलकर वक्र पथ बनाती हैं।

क्षैतिज दिशा में क्या होता है? गेंद हाथ से छूटने के बाद उसे आगे धकेलने वाला कोई नहीं, पीछे खींचने वाला भी कोई नहीं (फ़िलहाल वायु प्रतिरोध को भूल जाइए)। न्यूटन का पहला नियम कहता है कि बल न हो तो वेग नहीं बदलता। इसलिए क्षैतिज वेग पूरे पथ में नियत रहता है — गेंद हर सेकंड आगे बराबर दूरी तय करती है।

ऊर्ध्वाधर दिशा में कहानी अलग है। यहाँ पृथ्वी लगातार गेंद को नीचे खींचती है। इसलिए ऊपर जाने का वेग हर सेकंड लगभग 9.8 m/s घटता है, एक समय शून्य हो जाता है (यही शिखर है), फिर गेंद नीचे गिरने लगती है और नीचे का वेग हर सेकंड 9.8 m/s बढ़ता है।

अब दोनों को मिलाइए: आगे की ओर एकसमान चाल + ऊपर उठकर नीचे आना। आगे की दूरी समय के साथ सीधे बढ़ती है, जबकि ऊँचाई समय के वर्ग के अनुसार बदलती है। ऐसी दो चीज़ें मिलकर जो वक्र बनाती हैं, उसे गणित में परवलय (parabola) कहते हैं। इसीलिए प्रक्षेप्य का पथ हमेशा परवलयाकार होता है।

एक मज़ेदार प्रयोग सोचिए: एक ही ऊँचाई से एक गेंद को आप बस छोड़ दें और उसी पल दूसरी गेंद को ज़ोर से बगल की ओर फेंक दें। कौन पहले ज़मीन पर गिरेगी? जवाब — दोनों एक साथ! क्योंकि गिरना केवल ऊर्ध्वाधर गति का मामला है, और ऊर्ध्वाधर दिशा में दोनों शून्य वेग से एक ही g के साथ गिर रही हैं। बगल का वेग गेंद को बस दूर ले जाता है, गिरने को तेज़ या धीमा नहीं करता।

प्रक्षेप्य गति के मुख्य शब्द

सूत्रों से पहले शब्द साफ़ कर लेते हैं। परीक्षा में "किसे कहते हैं" वाले प्रश्न इन्हीं से आते हैं।

शब्दप्रतीकआसान अर्थमात्रक
प्रक्षेप्य—कोण पर फेंकी गई वस्तु जो केवल गुरुत्व के प्रभाव में चलती है—
प्रारंभिक वेगv₀फेंकने के क्षण वस्तु का वेगm/s
प्रक्षेपण कोणθप्रारंभिक वेग क्षैतिज से जो कोण बनाता हैडिग्री (°)
उड्डयन कालTफेंकने से गिरने तक का कुल समयs
अधिकतम ऊँचाईHप्रक्षेप्य जितना सबसे ऊपर जाता हैm
क्षैतिज परासRप्रक्षेपण बिंदु से गिरने के बिंदु तक की क्षैतिज दूरीm
प्रक्षेप पथ—प्रक्षेप्य जिस वक्र पथ पर चलता है; यह परवलय है—
गुरुत्वीय त्वरणgपृथ्वी हर सेकंड वेग को जितना बदलती है (≈ 9.8)m/s²

सूत्रों को चरण-दर-चरण निकालें

रटने के बजाय सूत्र खुद निकालना सीख लें तो परीक्षा में गलती का डर नहीं रहता। मान लीजिए ज़मीन से v₀ वेग और θ कोण पर एक वस्तु फेंकी गई और वायु प्रतिरोध नहीं है। ऊपर की दिशा को धनात्मक मानते हैं।

चरण 1: वेग को दो घटकों में बाँटें

प्रारंभिक वेग v₀ एक तिरछा तीर है। त्रिकोणमिति से इसे क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर घटकों में बाँटते हैं:

vₓ = v₀cosθक्षैतिज घटक — पूरे पथ में नियत

vᵧ₀ = v₀sinθऊर्ध्वाधर घटक का प्रारंभिक मान

vᵧ = v₀sinθ − gtt समय बाद ऊर्ध्वाधर वेग

चरण 2: शिखर तक पहुँचने का समय

शिखर पर वस्तु और ऊपर नहीं जाती, इसलिए वहाँ ऊर्ध्वाधर वेग शून्य है। vᵧ = 0 रखने पर v₀sinθ − gt = 0, यानी शिखर तक का समय t = v₀sinθ/g।

ऊपर जाना और नीचे आना एक ही गुरुत्व में, एक ही ऊँचाई पार करके होता है — इसलिए नीचे आने में भी ठीक उतना ही समय लगता है। दोनों जोड़ें तो उड्डयन काल मिलता है।

t(शिखर) = v₀sinθ / g

T = 2v₀sinθ / gउड्डयन काल

चरण 3: अधिकतम ऊँचाई

ऊर्ध्वाधर दिशा में v² = u² − 2gh लगाइए। शिखर पर अंतिम वेग 0 और प्रारंभिक ऊर्ध्वाधर वेग v₀sinθ है, तो 0 = v₀²sin²θ − 2gH।

H = v₀²sin²θ / 2gअधिकतम ऊँचाई

चरण 4: क्षैतिज परास

क्षैतिज दिशा में वेग नियत है, इसलिए दूरी = वेग × समय। पूरे उड्डयन काल तक vₓ से चलने पर R = v₀cosθ × 2v₀sinθ/g। अब 2sinθcosθ = sin2θ सर्वसमिका लगाएँ तो सुंदर सूत्र मिलता है।

R = v₀²sin2θ / gक्षैतिज परास

चरण 5: पथ का समीकरण — परवलय क्यों

x = v₀cosθ·t से t = x/(v₀cosθ)। इसे y = v₀sinθ·t − ½gt² में रखने पर t गायब हो जाता है, बचते हैं केवल x और y।

परिणाम y = ax − bx² के रूप का है, जहाँ a और b नियतांक हैं। x का द्विघात समीकरण मतलब परवलय — यही प्रमाण है कि प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार है।

y = x·tanθ − gx² / (2v₀²cos²θ)प्रक्षेप पथ का समीकरण

चरण 6: 45° पर परास अधिकतम क्यों

v₀ और g नियत हों तो परास केवल sin2θ पर निर्भर है। sin का सबसे बड़ा मान 1 है, जो 2θ = 90° पर, यानी θ = 45° पर मिलता है।

आसान भाषा में: बहुत खड़ा फेंकेंगे तो गेंद देर तक हवा में रहेगी पर आगे कम जाएगी; बहुत सपाट फेंकेंगे तो आगे तेज़ जाएगी पर जल्दी गिर जाएगी। 45° इन दोनों के बीच सबसे अच्छा संतुलन है।

Rmax = v₀² / gθ = 45° पर

चरण 7: पूरक कोणों पर समान परास

θ और (90° − θ) के लिए sin2θ और sin(180° − 2θ) बराबर हैं, क्योंकि sin(180° − x) = sin x। इसलिए 20° और 70°, या 30° और 60° पर फेंकी गई गेंद एक ही जगह गिरती है — बस बड़े कोण वाली ज़्यादा ऊँची जाती है और ज़्यादा समय लेती है।

चरण 8: ऊँचाई से क्षैतिज दिशा में फेंकना

छत से गेंद को सीधा सामने (θ = 0°) फेंकें तो ऊर्ध्वाधर प्रारंभिक वेग शून्य होता है। तब गिरने का समय छोड़ी गई गेंद जैसा ही होता है: h = ½gt², और इतने समय में गेंद आगे u × t जाती है।

t = √(2h / g)गिरने का समय

x = u·√(2h / g)ज़मीन पर गिरने की क्षैतिज दूरी

सिमुलेशन में खुद प्रयोग करें

ऊपर का एनिमेशन सिर्फ़ देखने के लिए नहीं, यह आपकी छोटी प्रयोगशाला है। नीचे के प्रयोग एक-एक करके करें और हर बार पहले अनुमान लगाएँ कि क्या होगा — फिर मिलाएँ।

  • प्रयोग 1: वेग 20 m/s रखकर कोण 15°, 30°, 45°, 60°, 75° पर फेंकें। किस कोण पर परास सबसे ज़्यादा है?
  • प्रयोग 2: "पिछले प्रक्षेपण रखें" चालू करके 30° और 60° साथ-साथ देखें — दोनों पथ एक ही बिंदु पर उतरते हैं।
  • प्रयोग 3: कोण वही रखकर वेग दोगुना करें (10 से 20 m/s)। परास दोगुना हुआ या चारगुना? सूत्र में v₀² है, इसलिए चारगुना होना चाहिए।
  • प्रयोग 4: पृथ्वी से चंद्रमा पर जाएँ। वही प्रक्षेपण कितने गुना दूर जाता है? बृहस्पति पर क्या होता है?
  • प्रयोग 5: प्रक्षेपण ऊँचाई h₀ बढ़ाएँ। अब 45° सबसे अच्छा कोण नहीं रहता — ऊँचाई से फेंकने पर थोड़ा कम कोण ज़्यादा दूर ले जाता है।
  • प्रयोग 6: एनिमेशन को शिखर पर रोककर लाल तीर (vᵧ) खोजें — वह गायब है, पर हरा तीर (vₓ) मौजूद है।

हल सहित प्रश्न

अब संख्याओं के साथ। हर हल चरण-दर-चरण है और आप सिमुलेशन में मान डालकर खुद जाँच सकते हैं। हर जगह g = 9.8 m/s² लिया गया है।

प्रश्न 1: 20 m/s वेग से 45° पर फेंकी गई गेंद

प्रश्न: एक गेंद 20 m/s वेग से क्षैतिज से 45° कोण पर फेंकी जाती है। उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई और परास ज्ञात कीजिए।

पहले घटक: vₓ = 20 × cos45° = 14.14 m/s और vᵧ₀ = 20 × sin45° = 14.14 m/s।

उड्डयन काल T = 2 × 14.14 / 9.8 = 2.89 s। शिखर तक पहुँचने में इसका आधा, 1.44 s लगता है।

अधिकतम ऊँचाई H = (14.14)² / (2 × 9.8) = 10.20 m, और परास R = 20² × sin90° / 9.8 = 40.82 m। कोण 45° है, इसलिए इस वेग पर यही अधिकतम परास है।

प्रश्न 2: 30° बनाम 60° — पूरक कोणों की तुलना

प्रश्न: उसी 20 m/s वेग से एक बार 30° और एक बार 60° पर फेंका गया। कौन ज़्यादा दूर जाएगी?

30° पर: R = 35.35 m, H = 5.10 m, T = 2.04 s। 60° पर: R = 35.35 m, H = 15.31 m, T = 3.53 s।

देखा, परास बिलकुल बराबर! अंतर ऊँचाई और समय में है — 60° वाली गेंद तीन गुना ऊँची जाती है और कहीं ज़्यादा देर हवा में रहती है। फील्डर को कैच पकड़ने का ज़्यादा समय किस गेंद में मिलेगा?

प्रश्न 3: छत से सीधा सामने फेंकी गई गेंद

प्रश्न: 20 m ऊँची छत से एक गेंद 10 m/s वेग से क्षैतिज दिशा में फेंकी जाती है। गेंद कितनी देर में और कितनी दूर गिरेगी?

गिरने का समय t = √(2 × 20 / 9.8) = 2.02 s। इतने समय में आगे की दूरी x = 10 × 2.02 = 20.20 m।

ज़मीन छूते समय ऊर्ध्वाधर वेग gt = 19.8 m/s और क्षैतिज वेग अब भी 10 m/s है, इसलिए परिणामी वेग √(10² + 19.8²) = 22.2 m/s।

प्रश्न 4: दिए गए परास के लिए कोण ज्ञात करें

प्रश्न: 20 m/s वेग से फेंककर आप ठीक 30 m दूर रखी बाल्टी में गेंद डालना चाहते हैं। किस कोण पर फेंकेंगे?

R = v₀²sin2θ/g से sin2θ = Rg/v₀² = 30 × 9.8 / 20² = 0.735। तो 2θ = 47.3°, यानी θ = 23.7°।

पर कहानी यहीं ख़त्म नहीं — पूरक कोण 66.3° पर भी बिलकुल यही परास मिलता है। इसलिए उत्तर दो हैं: 23.7° (नीचा, तेज़) या 66.3° (ऊँचा, धीमा)।

प्रश्न 5: वही प्रक्षेपण चंद्रमा पर

प्रश्न: प्रश्न 1 की गेंद चंद्रमा पर उसी तरह फेंकी जाती है (चंद्रमा पर g = 1.62 m/s²)। अब परास कितना है?

R = 20² / 1.62 = 246.91 m, H = 61.73 m, T = 17.46 s। पृथ्वी से लगभग 6.0 गुना ज़्यादा!

क्योंकि तीनों सूत्रों में g हर में है — गुरुत्व जितना कमज़ोर, प्रक्षेप्य उतना दूर, उतना ऊँचा और उतनी देर हवा में। सिमुलेशन में "चंद्रमा" चुनकर खुद देखें।

कोण बदलने पर क्या बदलता है: एक नज़र में सारणी

नीचे की सारणी में प्रारंभिक वेग 20 m/s और g = 9.8 m/s² लेकर पाँच कोणों का हिसाब है। 15° और 75°, 30° और 60° के जोड़ों का परास मिलाकर देखें।

  • कोण बढ़ने पर ऊँचाई और उड्डयन काल हमेशा बढ़ते हैं।
  • परास 45° तक बढ़ता है, फिर घटता है — और पूरक कोणों पर बराबर रहता है।
प्रक्षेपण कोणपरास Rअधिकतम ऊँचाई Hउड्डयन काल T
15°20.4 m1.4 m1.06 s
30°35.3 m5.1 m2.04 s
45°40.8 m10.2 m2.89 s
60°35.3 m15.3 m3.53 s
75°20.4 m19.0 m3.94 s

वे गलतियाँ जो लगभग सभी करते हैं

इस अध्याय में कुछ गलतियाँ बार-बार दिखती हैं। इन्हें पहचान लें तो MCQ में आसान अंक नहीं कटेंगे।

  • गलत: "शिखर पर वेग शून्य है।" सही: केवल ऊर्ध्वाधर वेग शून्य है; क्षैतिज वेग v₀cosθ तब भी है।
  • गलत: "शिखर पर त्वरण शून्य है।" सही: त्वरण पूरे पथ में g, नीचे की ओर है — शिखर पर भी।
  • गलत: "भारी गेंद कम दूर जाती है।" सही: वायु प्रतिरोध न हो तो किसी सूत्र में द्रव्यमान है ही नहीं।
  • गलत: sin2θ को 2sinθ मान लेना। sin2θ = 2sinθcosθ; sin90° = 1 पर 2sin45° ≈ 1.414।
  • गलत: ऊँचाई से फेंकने पर भी T = 2v₀sinθ/g लगाना। यह सूत्र केवल उसी ऊँचाई पर लौटने के लिए है।

असल ज़िंदगी में प्रक्षेप्य

खेल का मैदान प्रक्षेप्यों से भरा है। फ़ुटबॉल की कॉर्नर किक, बास्केटबॉल का थ्रो, भाला फेंक और गोला फेंक — खिलाड़ी अभ्यास करते-करते सही कोण सीख लेते हैं। गोला कंधे की ऊँचाई से फेंका जाता है, इसलिए उसका सबसे अच्छा कोण 45° से थोड़ा कम होता है — जो आपने सिमुलेशन में h₀ बढ़ाकर देखा।

दमकलकर्मी पाइप का कोण पानी की धार के परास को ध्यान में रखकर तय करते हैं। फव्वारे बनाने वाले भी पानी का वेग और नोज़ल का कोण मिलाकर सुंदर मेहराब बनाते हैं।

असल में हवा का प्रतिरोध होता है। वह वस्तु को दोनों दिशाओं में धीमा करता है, इसलिए असली पथ पूरा परवलय नहीं रहता — नीचे आने वाला हिस्सा ज़्यादा खड़ा होता है, परास घटता है और सबसे अच्छा कोण 45° से नीचे आ जाता है। हल्की और बड़ी वस्तुओं (जैसे बैडमिंटन की शटल) पर यह असर सबसे ज़्यादा होता है। किताब के सूत्र "प्रतिरोध-रहित" आदर्श स्थिति के लिए हैं।

परीक्षा कॉर्नर: CBSE कक्षा 11 और JEE/NEET की छोटी तरकीबें

प्रक्षेप्य गति के प्रश्न कुछ जाने-पहचाने ढाँचों में आते हैं। क्या पूछा जाता है और कैसे उत्तर दें, देख लें:

परिभाषा और तर्क वाले प्रश्न (CBSE)

"प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं?" — शब्द-सारणी की परिभाषा लिखें और "केवल गुरुत्व के प्रभाव में" ज़रूर जोड़ें। "पथ परवलयाकार क्यों है?" — पथ का समीकरण y = ax − bx² दिखाकर बताएँ कि यह x में द्विघात है।

व्युत्पत्ति वाले प्रश्न

T, H और R के सूत्र ऊपर के चरण 1 से 4 की तरह निकालें — हर चरण में उपयोग किया गया समीकरण लिखें।

JEE/NEET की तेज़ तरकीबें

बहुविकल्पी प्रश्नों में समय बचाने के लिए ये संबंध याद रखें:

  • पूरक कोणों पर R समान: R₁ = R₂, और H₁ + H₂ = v₀²/2g।
  • R = 4H cotθ — इसलिए R = H तब, जब tanθ = 4।
  • पूरक कोणों के उड्डयन काल का गुणनफल T₁T₂ = 2R/g।
  • शिखर पर संवेग का ऊर्ध्वाधर घटक शून्य, गतिज ऊर्जा = ½m(v₀cosθ)²।

एक नज़र में दोहराव

परीक्षा से पहले सिर्फ़ यह हिस्सा पढ़ लें तो पूरा अध्याय याद आ जाएगा।

  • प्रक्षेप्य = कोण पर फेंकी गई वस्तु, केवल गुरुत्व के अधीन; पथ परवलय।
  • vₓ = v₀cosθ नियत; vᵧ = v₀sinθ − gt बदलता है; त्वरण हमेशा g नीचे की ओर।
  • T = 2v₀sinθ/g, H = v₀²sin²θ/2g, R = v₀²sin2θ/g।
  • 45° पर परास अधिकतम (v₀²/g); पूरक कोणों पर परास बराबर।
  • ऊँचाई h से क्षैतिज प्रक्षेपण में t = √(2h/g), x = u·t।
  • g घटे (चंद्रमा पर) तो T, H, R सब बढ़ते हैं; द्रव्यमान किसी सूत्र में नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रक्षेप्य गति का समीकरण क्या है?

पथ का समीकरण y = x·tanθ − gx²/(2v₀²cos²θ) है। यह y = ax − bx² के रूप का है, इसलिए प्रक्षेप्य का पथ परवलय होता है।

अधिकतम परास किस कोण पर होता है?

R = v₀²sin2θ/g में sin2θ का अधिकतम मान 1 है, जो θ = 45° पर मिलता है। तब Rmax = v₀²/g।

उड्डयन काल का सूत्र क्या है?

प्रक्षेप्य जितने समय हवा में रहता है वह उड्डयन काल है: T = 2v₀sinθ/g, जब वह उसी ऊँचाई पर गिरे जहाँ से फेंका गया।

प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार क्यों होता है?

क्योंकि क्षैतिज विस्थापन समय के समानुपाती और ऊर्ध्वाधर विस्थापन समय के वर्ग पर निर्भर है; t हटाने पर y, x का द्विघात फलन बनता है, जो परवलय है।

शिखर पर प्रक्षेप्य का वेग और त्वरण कितना होता है?

शिखर पर ऊर्ध्वाधर वेग शून्य होता है, इसलिए वेग = क्षैतिज घटक v₀cosθ। त्वरण तब भी g है, सीधा नीचे की ओर।

किस कोण पर परास और अधिकतम ऊँचाई बराबर होते हैं?

R = H रखने पर tanθ = 4 मिलता है, यानी θ ≈ 76°।

क्या द्रव्यमान का प्रक्षेप्य गति पर असर पड़ता है?

वायु प्रतिरोध न हो तो नहीं। T, H, R किसी सूत्र में द्रव्यमान नहीं है — भारी और हल्की गेंद एक ही वेग और कोण पर एक ही पथ पर चलती हैं।

इस विषय पर और पढ़ाई

एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।

भौतिकी के और एनिमेशन

कक्षा 10 · 12

प्रकाश का अपवर्तन

प्रकाश का अपवर्तन किसे कहते हैं, अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, क्रांतिक कोण व पूर्ण आंतरिक परावर्तन — आसान भाषा में, इंटरैक्टिव एनिमेशन और हल उदाहरण सहित।

कक्षा 10 · 12

ओम का नियम

ओम का नियम क्या है, सूत्र V=IR, V-I ग्राफ और श्रेणी-पार्श्व क्रम — विभवांतर व प्रतिरोध बदलकर धारा देखें। कक्षा 10 व 12 के हल प्रश्न।

कक्षा 11

सरल लोलक

सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।

कक्षा 12

विद्युत क्षेत्र

विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं, तीव्रता का सूत्र व SI मात्रक, क्षेत्र रेखाओं के गुण — आवेश रखकर रेखाएँ देखें। कूलॉम के नियम के हल उदाहरण।

कक्षा 11 · 12

तरंगों का व्यतिकरण

अध्यारोपण का सिद्धांत, संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें, फ्रिंज चौड़ाई β=λD/d — दो स्रोत खिसकाकर देखें। कक्षा 11-12 के हल उदाहरण।

कक्षा 9 · 11

मुक्त पतन

मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।

कक्षा 10 · 12

लेंस द्वारा प्रतिबिंब

उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।

कक्षा 9 · 11

न्यूटन के गति के नियम

न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।

कक्षा 10 · 12

गोलीय दर्पण किरण आरेख

अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।

कक्षा 10 · 12

विद्युत चुंबकीय प्रेरण

विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

संवेग संरक्षण और संघट्ट

संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

कार्य, ऊर्जा और शक्ति

कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 11 · JEE

आनत तल

ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 9 · 11

एकसमान वृत्तीय गति

डोरी से बँधी गेंद घुमाकर कोणीय वेग, आवर्तकाल, a=v²/r और अभिकेंद्र बल F=mv²/r देखें। डोरी कटने पर गेंद कहाँ जाती है? बैंकिंग व हल किए उदाहरणों सहित।

कक्षा 9

अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग

एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।

कक्षा 9 · 11

उत्तोलक और आघूर्ण

सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।

कक्षा 11

द्रव्यमान केंद्र

छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।

कक्षा 11

कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति

कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।

कक्षा 11

सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम

दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।

कक्षा 11

सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना

दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।

कक्षा 11

केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा

उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।

कक्षा 11

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह

दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।

कक्षा 11

तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें

सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।

कक्षा 11

अनुनाद नली और ध्वनि की चाल

अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।

कक्षा 11

विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन

लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।

कक्षा 11 · 12

डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम

ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।

कक्षा 10 · 12

प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष

सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।

कक्षा 12

किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम

दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।

कक्षा 12

व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु

व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 12

एकल झिरी से विवर्तन

झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।

कक्षा 10 · 12

आँख के दोष और उनका निवारण

सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।

कक्षा 12

प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम

ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक

प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।

कक्षा 10 · 12

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका

छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।

कक्षा 12

एसी जनित्र

चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।

कक्षा 10 · 12

ट्रांसफ़ॉर्मर

ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।

कक्षा 9 · 12

ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण

ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव

निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।

कक्षा 10 · 12

मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर

चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।

कक्षा 11 · 12

गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल

डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।

कक्षा 12

अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी

p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।

कक्षा 10 · 12

रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता

240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।

कक्षा 12

बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम

हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।

अन्य विषयों के एनिमेशन

रसायन विज्ञान

परमाणु की संरचना

रसायन विज्ञान

अम्ल, क्षारक और pH मान

रसायन विज्ञान

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

रसायन विज्ञान

गैस नियम: बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक, आवोगाद्रो और PV = nRT

रसायन विज्ञान

आयनिक बंध कैसे बनता है

रसायन विज्ञान

वैद्युत अपघटन और फैराडे के नियम

रसायन विज्ञान

सहसंयोजक बंध

रसायन विज्ञान

आवर्त सारणी की आवर्तिता

रसायन विज्ञान

अभिक्रिया की दर और संघट्ट सिद्धांत

रसायन विज्ञान

द्रव्य की अवस्थाएँ: ठोस, द्रव, गैस और तापन वक्र

रसायन विज्ञान

परमाणु कक्षक: s, p, d के आकार, क्वांटम संख्याएँ और नोड

रसायन विज्ञान

आणविक आकृतियाँ और VSEPR सिद्धांत: आबंध युग्म, एकाकी युग्म और कोण

रसायन विज्ञान

मोल अवधारणा: मोलर द्रव्यमान, आवोगाद्रो संख्या और मोलर आयतन

रसायन विज्ञान

विसरण और निःस्राव: ग्राहम का नियम

रसायन विज्ञान

रासायनिक समीकरण संतुलन: विधि, उदाहरण और अभ्यास

रसायन विज्ञान

रासायनिक साम्य: साम्य स्थिरांक Kc और ले शातेलिए का सिद्धांत

रसायन विज्ञान

अनुमापन: ब्यूरेट और सूचक से अज्ञात सांद्रता निकालना

रसायन विज्ञान

गैल्वेनिक सेल: डेनियल सेल, EMF और नर्स्ट समीकरण

रसायन विज्ञान

ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ: ऑक्सीकरण संख्या, इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण और अर्ध-अभिक्रिया

रसायन विज्ञान

हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन और संरचनात्मक समावयवी 3D में

रसायन विज्ञान

प्रकार्यात्मक समूह: ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड, कीटोन, अम्ल, एस्टर और ऐमीन

रसायन विज्ञान

बहुलकीकरण: योगात्मक और संघनन बहुलक, पॉलिथीन और नायलॉन

रसायन विज्ञान

मिश्रण अलग करने की विधियाँ: निस्यंदन, आसवन, क्रोमैटोग्राफी, क्रिस्टलन

रसायन विज्ञान

क्रिस्टल जालक: SC, BCC और FCC एकक कोष्ठिका, संकुलन क्षमता और घनत्व

रसायन विज्ञान

रेडियोएक्टिवता: अल्फ़ा, बीटा, गामा क्षय और अर्ध-आयु

जीव विज्ञान

समसूत्री कोशिका विभाजन

जीव विज्ञान

विसरण और परासरण

जीव विज्ञान

प्रकाश संश्लेषण

जीव विज्ञान

मानव हृदय की संरचना और कार्य

जीव विज्ञान

मेंडल के आनुवंशिकता नियम

जीव विज्ञान

डीएनए प्रतिकृति

जीव विज्ञान

कोशिकीय श्वसन

जीव विज्ञान

एंजाइम क्रिया

जीव विज्ञान

तंत्रिका आवेग और एक्शन पोटेंशियल

जीव विज्ञान

नेफ्रॉन और मूत्र निर्माण की प्रक्रिया

जीव विज्ञान

अर्धसूत्री विभाजन (मियोसिस)

जीव विज्ञान

पाचन तंत्र

जीव विज्ञान

श्वसन क्रियाविधि: अंतःश्वसन और उच्छ्वसन

जीव विज्ञान

प्रोटीन संश्लेषण

जीव विज्ञान

रक्त परिसंचरण: दोहरा परिसंचरण और हृदय निर्गम

जीव विज्ञान

कोशिका की संरचना और कोशिकांग: पादप कोशिका बनाम जंतु कोशिका

जीव विज्ञान

प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप

जीव विज्ञान

मानव नेत्र: संरचना, प्रतिबिंब और समंजन

जीव विज्ञान

पेशी संकुचन और स्लाइडिंग-फ़िलामेंट मॉडल

जीव विज्ञान

पौधों में परिवहन: जाइलम, फ्लोएम और वाष्पोत्सर्जन

जीव विज्ञान

खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल: ऊर्जा प्रवाह और 10 % नियम

जीव विज्ञान

जनसंख्या वृद्धि: चरघातांकी और लॉजिस्टिक वक्र

जीव विज्ञान

प्राकृतिक चयन: पेप्पर्ड मॉथ और कालिख वाला पेड़

जीव विज्ञान

प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया

जीव विज्ञान

परागण और निषेचन

गणित

पाइथागोरस प्रमेय

गणित

त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त

गणित

द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़

गणित

वृत्त के प्रमेय

गणित

ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण

गणित

प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता

गणित

समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी

गणित

माध्य, माध्यिका और बहुलक

गणित

समुच्चय और वेन आरेख

गणित

रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख

गणित

sin, cos, tan के आलेख

गणित

पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण

गणित

वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न

गणित

ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला

गणित

समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई

गणित

निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ

गणित

शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय

गणित

फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना

गणित

अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक

गणित

रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल

गणित

सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए

गणित

त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन

गणित

आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक

गणित

सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल

गणित

बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़