नियंत्रण
कमानी कैसे लगी है
कमानियों का संयोजन
मापन
- आवर्तकाल, T = 2π√(m/k)
- 1.257s
- आवृत्ति, f = 1/T
- 0.796Hz
- कोणीय आवृत्ति, ω = √(k/m)
- 5.00rad/s
- प्रभावी कमानी स्थिरांक
- 25.0N/m
- अधिकतम चाल, Aω
- 1.00m/s
- अधिकतम त्वरण, Aω²
- 5.00m/s²
सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें
- पहले डिफ़ॉल्ट देखें: 1 kg का गुटका, 25 N/m की कमानी और 0.20 m आयाम। आवर्तकाल 1.257 s दिख रहा है। स्टॉपवॉच से एक दोलन का समय नापकर मिलाएँ।
- द्रव्यमान का स्लाइडर बढ़ाएँ। भारी गुटका सुस्त होता है, इसलिए आवर्तकाल बढ़ता है। अब कमानी स्थिरांक बढ़ाएँ, कड़ी कमानी गुटके को तेज़ी से लौटाती है।
- आयाम बदलें। अधिकतम चाल उसी के साथ बदलती है, पर आवर्तकाल बिल्कुल नहीं बदलता।
- x–t ग्राफ़ और कला आरेख साथ-साथ देखें। अवमंदन शून्य हो तो कला आरेख एक बंद दीर्घवृत्त बनाता है, अवमंदन जोड़ने पर वह भीतर की ओर सर्पिल बनकर केंद्र में समा जाता है।
- नीचे की तीन ऊर्जा पट्टियाँ देखें: गतिज घटती है तो स्थितिज बढ़ती है, कुल ऊर्जा वही रहती है।
- संयोजन को श्रेणी और फिर समानांतर करके प्रभावी कमानी स्थिरांक और आवर्तकाल का बदलाव देखें।
पेन की कमानी असल में एक छोटी घड़ी है
बॉलपेन के अंदर की छोटी कमानी को दबाकर छोड़ें। वह उछलती है, नीचे आती है, फिर उछलती है, और हर उछाल लगभग बराबर समय लेती है। कोई स्टॉपवॉच नहीं पकड़े है, फिर भी उस कुंडली में एक घड़ी छिपी है।
यह घड़ी कितनी तेज़ चलेगी, यह सिर्फ़ दो बातों पर टिका है: गुटका कितना भारी है और कमानी कितनी कड़ी है। भारी गुटका सुस्त होता है, धीरे झूलता है। कड़ी कमानी झटके से लौटाती है, तेज़ झूलती है। हैरानी की बात यह है कि आपने उसे कितना खींचा, इससे समय नहीं बदलता। थोड़ा खींचें या ज़्यादा, एक दोलन का समय वही रहता है।
इस पाठ में हम उसी छिपी घड़ी का नियम खोजेंगे। उसका नाम सरल आवर्त गति है। गाड़ी के शॉक-एब्ज़ॉर्बर, घड़ी का लोलक, गिटार का तार, यहाँ तक कि क्रिस्टल में परमाणुओं का कंपन, सब इसी गणित पर चलते हैं।
शुरू से: दोलन क्या होता है
दीवार घड़ी का लोलक, झूले पर बैठा बच्चा, हवा में हिलती टहनी, सब एक निश्चित स्थान के दोनों ओर बार-बार आते-जाते हैं। उस निश्चित स्थान को साम्य स्थिति कहते हैं। वस्तु को चुपचाप छोड़ने पर वह जहाँ ठहरती है, वही साम्य स्थिति है।
वस्तु को साम्य स्थिति से हटाएँ तो एक बल उसे वापस खींचता है। इसे प्रत्यानयन बल कहते हैं। कमानी को खींचें या दबाएँ, दोनों में वह लौटना चाहती है। पर लौटते समय वस्तु साम्य पर रुकती नहीं। उसमें वेग है, जड़त्व है, इसलिए वह दूसरी ओर निकल जाती है। वहाँ प्रत्यानयन बल उसे फिर लौटाता है, और यह चक्र चलता रहता है।
किसी भी दोलन को चार राशियाँ बताती हैं: साम्य से विस्थापन x, आयाम A (अधिकतम विस्थापन), आवर्तकाल T (एक पूरे दोलन का समय) और आवृत्ति f (प्रति सेकंड दोलन)। इनका संबंध f = 1/T है। आवर्तकाल 0.5 s हो तो आवृत्ति 2 Hz।
वे शब्द जो जानने ही हैं
इस अध्याय के हर प्रश्न में ये शब्द लौटकर आते हैं। अर्थ और मात्रक साथ-साथ याद रखें।
| शब्द | सरल अर्थ | मात्रक |
|---|---|---|
| सरल आवर्त गति | विस्थापन के अनुक्रमानुपाती प्रत्यानयन बल से होने वाला दोलन | कोई नहीं |
| विस्थापन, x | साम्य स्थिति से दूरी, दिशा सहित | m |
| आयाम, A | साम्य से अधिकतम विस्थापन | m |
| आवर्तकाल, T | एक पूरे दोलन का समय | s |
| आवृत्ति, f | प्रति सेकंड पूरे दोलनों की संख्या | Hz |
| कोणीय आवृत्ति, ω | रेडियन प्रति सेकंड, ω = 2πf | rad/s |
| कला, ωt + φ | वह कोण जो बताता है कि चक्र के किस चरण में हैं | rad |
| कमानी स्थिरांक, k | कमानी की कठोरता: प्रति मीटर खिंचाव पर बल | N/m |
| प्रत्यानयन बल | जो बल वस्तु को साम्य की ओर लौटाता है | N |
हुक का नियम: कमानी कितने ज़ोर से खींचती है
कमानी को हल्का खींचें तो वह थोड़ी बढ़ती है, ज़ोर से खींचें तो ज़्यादा। रॉबर्ट हुक ने देखा कि छोटे खिंचाव में बल और बढ़ाव सीधे अनुपात में हैं। बल दोगुना करें तो बढ़ाव भी दोगुना। यही हुक का नियम है।
कमानी जो बल लौटाती है, उसकी दिशा विस्थापन के विपरीत होती है। दाएँ खींचें तो वह बाएँ खींचती है। इसीलिए सूत्र में ऋण चिह्न है। k कमानी स्थिरांक है: बड़ा k यानी कड़ी कमानी, छोटा k यानी मुलायम।
यदि 12 N बल से कमानी 0.08 m खिंचती है तो k = 12 ÷ 0.08 = 150 N/m। मतलब हर एक मीटर के खिंचाव पर 150 N लगता, भले ही हम व्यवहार में छोटे खिंचाव तक ही रहते हैं।
सीमा भी याद रखें। बहुत ज़्यादा खींचने पर कमानी अपनी पुरानी आकृति में नहीं लौटती और हुक का नियम लागू नहीं रहता। यह नियम केवल प्रत्यास्थता सीमा के भीतर सही है।
F = −kxहुक का नियम: बल विस्थापन के अनुक्रमानुपाती, दिशा विपरीत
k = F ÷ xकमानी स्थिरांक की परिभाषा, मात्रक N/m
यह सरल आवर्त गति क्यों है
बल पता हो तो त्वरण पता चल जाता है। न्यूटन का दूसरा नियम कहता है F = ma। यहाँ बल −kx है, इसलिए ma = −kx, यानी a = −(k/m)x। देखिए क्या हुआ: त्वरण विस्थापन के अनुक्रमानुपाती है और उलटी दिशा में है। यही शर्त सरल आवर्त गति की परिभाषा है।
k/m एक धनात्मक स्थिरांक है। इसे ω² नाम दें तो नियम बनता है a = −ω²x। यही ω कोणीय आवृत्ति है, और इससे ω = √(k/m) मिलता है।
यदि त्वरण, मान लीजिए, x² के अनुपात में होता तो दोलन तब भी होता, पर वह सरल आवर्त नहीं होता। साफ़ sin या cos तरंग के लिए त्वरण ठीक −ω²x होना चाहिए।
a = −(k/m) x = −ω²xSHM की शर्त
ω = √(k/m)कोणीय आवृत्ति
आवर्तकाल किस पर निर्भर करता है
ω = 2π/T से T = 2π/ω, और ω रखने पर T = 2π√(m/k)। इस सूत्र में तीन बातें छिपी हैं। एक: द्रव्यमान बढ़ने पर T बढ़ता है, वर्गमूल के हिसाब से। दो: कमानी कड़ी हो तो T घटता है। तीन: सूत्र में A नहीं है, यानी आवर्तकाल आयाम पर निर्भर नहीं करता।
द्रव्यमान चार गुना करने पर आवर्तकाल दोगुना होता है। डिफ़ॉल्ट 1 kg और 25 N/m पर T = 1.257 s। द्रव्यमान चौगुना करें तो T पहले का 2.0 गुना हो जाता है। k चौगुना करें तो T पहले का 0.5 गुना, यानी आधा। वर्गमूल भूले तो अंक कटेंगे।
नीचे की तालिका की हर संख्या सूत्र से कोड में निकाली गई है। किसी भी खाने को सिमुलेशन में रखकर मिलाएँ।
एक और हैरान करने वाली बात: T गुरुत्व g पर निर्भर नहीं है। लटकी कमानी को चाँद पर ले जाएँ तो उसका आवर्तकाल वही रहेगा। लोलक वाली घड़ी वहाँ अलग चलती।
T = 2π√(m/k)कमानी-द्रव्यमान निकाय का आवर्तकाल
f = 1/T = (1/2π)√(k/m)आवृत्ति (NCERT में ν)
| द्रव्यमान (kg) ↓ / k (N/m) → | 25 | 100 | 400 |
|---|---|---|---|
| 0.25 | 0.628 | 0.314 | 0.157 |
| 1.00 | 1.257 | 0.628 | 0.314 |
| 4.00 | 2.513 | 1.257 | 0.628 |
एक दोलन की कहानी: विस्थापन, वेग और त्वरण
गुटके को 0.20 m खींचकर छोड़ें। शुरू में चाल शून्य है पर बल सबसे ज़्यादा, इसलिए त्वरण भी सबसे ज़्यादा। जैसे-जैसे गुटका भीतर आता है, बल घटता है पर चाल बढ़ती है। साम्य बिंदु पर बल और त्वरण शून्य हैं जबकि चाल अधिकतम। गुटका आगे निकलता है, धीमा होता है, दूसरे सिरे पर रुकता है और लौटता है।
गणित में विस्थापन एक cos तरंग है। हम गुटके को सिरे से छोड़ते हैं, इसलिए आरंभिक कला φ = 0। वेग विस्थापन के बदलाव की दर है और त्वरण वेग के बदलाव की दर, इसलिए वेग का ग्राफ़ sin जैसा है और त्वरण विस्थापन का उलटा।
कला बताती है कि हम चक्र के किस चरण में हैं; कोण ωt + φ ही कला है। वेग विस्थापन से चौथाई चक्र (π/2 रेडियन) आगे चलता है: x शिखर पर हो तो v शून्य, x शून्य हो तो v शिखर पर।
तालिका डिफ़ॉल्ट सेटिंग (1 kg, 25 N/m, 0.20 m) की चार स्थितियाँ दिखाती है। यहाँ ω = 5.00 rad/s, अधिकतम चाल Aω = 1.00 m/s और अधिकतम त्वरण Aω² = 5.00 m/s²।
x = A cos(ωt + φ)विस्थापन; φ आरंभिक कला है
v = −Aω sin(ωt + φ)वेग
a = −Aω² cos(ωt + φ) = −ω²xत्वरण
v = ±ω√(A² − x²)किसी भी स्थिति पर चाल
| x (m) | |v| (m/s) | a (m/s²) | गतिज (J) | स्थितिज (J) |
|---|---|---|---|---|
| 0.20 | 0.00 | -5.00 | 0.000 | 0.500 |
| 0.10 | 0.87 | -2.50 | 0.375 | 0.125 |
| 0.00 | 1.00 | 0.00 | 0.500 | 0.000 |
| -0.20 | 0.00 | 5.00 | 0.000 | 0.500 |
ऊर्जा का लेन-देन
खिंची कमानी ऊर्जा जमा रखती है, जिसे प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। गुटका चलते ही वह ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलती है। साम्य बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा शून्य और गतिज अधिकतम; सिरों पर उलटा। कुल ऊर्जा स्थिर रहती है क्योंकि हम घर्षण और वायु-प्रतिरोध नहीं गिन रहे।
डिफ़ॉल्ट पर कुल ऊर्जा ½ × 25 × 0.20² = 0.500 J। सिमुलेशन की नीचे वाली पट्टियाँ देखें: हरी बढ़ती है तो लाल घटती है, पर कुल की काली पट्टी की लंबाई नहीं बदलती।
दो बातें सीधे निकलती हैं। ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में है, इसलिए A दोगुना तो E चौगुनी। और किसी भी स्थिति पर गतिज = कुल − स्थितिज, इसलिए चाल निकालने के लिए विस्थापन का सूत्र नहीं चाहिए।
E = ½kA²कुल यांत्रिक ऊर्जा
KE = ½mv², PE = ½kx²किसी भी क्षण
½mv² + ½kx² = ½kA²ऊर्जा संरक्षण
दो कमानियाँ साथ: श्रेणी और समानांतर
एक कमानी से काम न चले तो दो जोड़ते हैं। श्रेणी क्रम में कमानियाँ सिरे से सिरा जुड़ी होती हैं; वही बल दोनों से गुज़रता है और बढ़ाव जुड़ते हैं। संयोजन मुलायम हो जाता है। समानांतर क्रम में कमानियाँ अगल-बगल होती हैं; बढ़ाव साझा और बल जुड़ते हैं। संयोजन कड़ा हो जाता है।
दोनों ही स्थितियों में गुटका ऐसे दोलन करता है मानो एक ही कमानी हो, जिसका प्रभावी स्थिरांक k है। फिर T = 2π√(m/k) पहले की तरह चलता है। सिमुलेशन में संयोजन बदलें और “प्रभावी कमानी स्थिरांक” देखें।
यहाँ एक मशहूर जाल है। प्रतिरोधों में श्रेणी में जोड़ते हैं और समानांतर में व्युत्क्रम। कमानी स्थिरांक में उलटा है: समानांतर में सीधा जोड़, श्रेणी में व्युत्क्रमों का जोड़। शक का समय पूछें कि बढ़ाव कहाँ साझा है।
1/k = 1/k₁ + 1/k₂श्रेणी क्रम, k = k₁k₂ ÷ (k₁ + k₂)
k = k₁ + k₂समानांतर क्रम
| k₁ (N/m) | k₂ (N/m) | श्रेणी में k (N/m) | समानांतर में k (N/m) |
|---|---|---|---|
| 30 | 60 | 20.0 | 90 |
| 40 | 40 | 20.0 | 80 |
| 20 | 100 | 16.7 | 120 |
| 50 | 150 | 37.5 | 200 |
लटकी कमानी: गुरुत्व कहाँ गया
गुटके को ऊर्ध्वाधर लटकाएँ तो उसका भार mg उसे नीचे खींचता है। वह वहाँ ठहरता है जहाँ कमानी का ऊपर की ओर बल भार के बराबर हो: kΔl = mg, यानी बढ़ाव Δl = mg/k। यही नई साम्य स्थिति है।
अब साम्य से x और नीचे खींचें। कुल बल −k(Δl + x) + mg = −kx। mg और kΔl कट जाते हैं। गुरुत्व गायब! इसलिए लटकी कमानी भी वही SHM करती है, उसी T = 2π√(m/k) से।
इससे काम का सूत्र मिलता है: T = 2π√(Δl/g)। k जाने बिना केवल बढ़ाव नापकर आवर्तकाल निकल आता है। सिमुलेशन में “ऊर्ध्वाधर” चुनें, “साम्य पर खिंचाव” यही mg/k दिखाएगा।
kΔl = mgसाम्य पर बल बराबर
T = 2π√(Δl/g)खिंचाव से सीधे आवर्तकाल
अवमंदन: दोलन थमता क्यों है
असली दुनिया में दोलन हमेशा नहीं चलते। हवा का प्रतिरोध और कमानी के भीतर का घर्षण धीरे-धीरे ऊर्जा सोख लेते हैं। हर दोलन में आयाम थोड़ा घट जाता है। इसे अवमंदित दोलन कहते हैं।
अवमंदन स्लाइडर चालू करें और कला आरेख के दीर्घवृत्त को भीतर की ओर घूमते देखें, क्योंकि चाल और विस्थापन दोनों घट रहे हैं। 1 kg और c = 0.5 N·s/m पर आयाम 2.77 s में आधा हो जाता है।
हल्के अवमंदन में आवर्तकाल लगभग वही रहता है, केवल आयाम घटता है। बहुत भारी अवमंदन में दोलन होता ही नहीं; गुटका धीरे-धीरे साम्य पर आकर बैठ जाता है। गाड़ी का शॉक-एब्ज़ॉर्बर यही काम करता है।
A(t) = A₀ e^(−ct/2m)हल्के अवमंदन में आयाम का क्षय
सिमुलेशन में हाथों से प्रयोग
हर प्रयोग एक मिनट का है। डिफ़ॉल्ट से शुरू करें, और जब चाहें “फिर से शुरू” दबाएँ।
- प्रयोग 1: द्रव्यमान चौगुना करें। T कितने गुना हुआ, लिखें, फिर ऊपर की तालिका से मिलाएँ।
- प्रयोग 2: आयाम 0.05 m से 0.30 m तक घुमाएँ। केवल अधिकतम चाल और त्वरण बदलते हैं; पक्का करें कि T वही रहता है।
- प्रयोग 3: गति 0.25× करें और गुटके के केंद्र से गुज़रते ही रोक दें। कौन-सी ऊर्जा पट्टी सबसे लंबी है?
- प्रयोग 4: श्रेणी चुनें और k₁ को k₂ के बराबर रखें। क्या प्रभावी k आधा है? अब समानांतर करके दोगुना देखें।
- प्रयोग 5: ऊर्ध्वाधर चुनकर द्रव्यमान बढ़ाएँ। खिंचाव बढ़ता है, फिर भी T का सूत्र वही रहता है। अपने शब्दों में कारण लिखें।
- प्रयोग 6: अवमंदन धीरे-धीरे बढ़ाएँ और कला आरेख का आकार देखें। दोलन कब लगभग रुक जाता है?
हल किए गए प्रश्न
छह प्रश्न, चरण-दर-चरण। हर संख्या कोड में निकाली गई है, इसलिए आप वही मान डालकर मिला सकते हैं।
प्रश्न 1: आवर्तकाल और आवृत्ति
0.5 kg का गुटका 200 N/m की कमानी से लटका है। आवर्तकाल, आवृत्ति और कोणीय आवृत्ति ज्ञात करें।
ω = √(k/m) = √(200 ÷ 0.5) = 20.0 rad/s। T = 2π/ω = 0.314 s। f = 1/T = 3.18 Hz।
प्रश्न 2: अधिकतम चाल, त्वरण और ऊर्जा
2 kg का द्रव्यमान 50 N/m की कमानी पर है और आयाम 0.10 m है। अधिकतम चाल, अधिकतम त्वरण और कुल ऊर्जा निकालें।
ω = 5.0 rad/s। Aω = 0.50 m/s। Aω² = 2.50 m/s²। E = ½kA² = 0.250 J।
x = 0.05 m पर चाल v = ω√(A² − x²) = 0.433 m/s। गतिज ऊर्जा 0.1875 J और स्थितिज 0.0625 J। दोनों का योग 0.250 J ही है।
प्रश्न 3: पहले k, फिर आवर्तकाल
12 N का बल कमानी को 0.08 m खींचता है। उस पर 3 kg का गुटका लटकाया जाए तो आवर्तकाल क्या होगा?
k = F/x = 150 N/m। T = 2π√(3 ÷ 150) = 0.889 s।
प्रश्न 4: श्रेणी बनाम समानांतर
30 N/m और 60 N/m की कमानियों से 0.8 kg का गुटका झुलाया जाता है। दोनों संयोजनों में आवर्तकाल निकालें।
श्रेणी: k = 20 N/m, T = 1.257 s। समानांतर: k = 90 N/m, T = 0.592 s। श्रेणी का आवर्तकाल समानांतर का 2.12 गुना है।
प्रश्न 5: खिंचाव से आवर्तकाल
0.5 kg का द्रव्यमान लटकी कमानी को 0.049 m खींचता है। g = 9.8 m/s² लेकर T निकालें।
k = mg/Δl = 100 N/m, इसलिए T = 2π√(m/k) = 0.444 s। सीधे 2π√(Δl/g) लगाने पर भी 0.444 s आता है।
प्रश्न 6: आयाम कब आधा होगा
1 kg का द्रव्यमान c = 0.5 N·s/m से अवमंदित है। आयाम आधा होने में और एक-चौथाई होने में कितना समय लगेगा?
t½ = 2m ln 2 ÷ c = 2.77 s। एक-चौथाई के लिए दो अर्ध-काल, यानी 5.55 s।
वे गलतियाँ जो सब करते हैं
इनसे बचें तो आधे अंक बच जाते हैं।
- यह मानना कि आयाम बढ़ने से आवर्तकाल बढ़ता है। SHM में T आयाम से स्वतंत्र है।
- द्रव्यमान ग्राम में छोड़ देना। m हमेशा kg में लें, वरना T गलत आएगा।
- T = 2π√(k/m) लिख देना। द्रव्यमान ऊपर और k नीचे: √(m/k)।
- श्रेणी में कमानी स्थिरांक जोड़ देना। श्रेणी में व्युत्क्रम जुड़ते हैं, समानांतर में सीधे।
- लटकी कमानी में गुरुत्व को अलग बल मानकर T बदल देना। साम्य से नापने पर g निकल जाता है।
- साम्य बिंदु पर त्वरण अधिकतम मानना। वहाँ त्वरण शून्य है, चाल अधिकतम।
- बल और ऊर्जा को एक कर देना। बल −kx है, स्थितिज ऊर्जा ½kx²। दोनों अलग हैं।
असली ज़िंदगी में कहाँ
सरल आवर्त गति आपके आसपास कई जगह छिपी है।
- गाड़ी और मोटरसाइकिल का सस्पेंशन: कमानी झटके सोखती है और शॉक-एब्ज़ॉर्बर अवमंदन देता है।
- यांत्रिक घड़ी: बैलेंस व्हील और हेयरस्प्रिंग की जोड़ी एक स्थिर लय में चलती है।
- कमानी तराज़ू: खिंचाव से भार निकलता है, क्योंकि F = kx।
- इमारतें और पुल: हवा और भूकंप में हिलते हैं, इंजीनियर उनकी प्राकृतिक आवृत्ति निकालते हैं।
- गिटार का तार और स्वरित्र: सूक्ष्म SHM कंपन से सटीक स्वर निकलता है।
- अणुओं के बंध: दो परमाणुओं का बंध कमानी जैसा काँपता है, और अवरक्त स्पेक्ट्रमिकी उसे पढ़ती है।
परीक्षा कोना: CBSE/NCERT शैली के प्रश्न
प्रश्न: 100 N/m की कमानी पर 0.4 kg का द्रव्यमान लगा है। उसे साम्य से 0.05 m खींचकर छोड़ा जाता है।
(a) सरल आवर्त गति की परिभाषा लिखिए। [1 अंक]
(b) कमानी-द्रव्यमान निकाय का आवर्तकाल आयाम पर निर्भर क्यों नहीं करता? [2 अंक]। संकेत: a = −ω²x और ω में A नहीं है।
(c) आवर्तकाल ज्ञात कीजिए। [3 अंक]। उत्तर: T = 2π√(0.4 ÷ 100) = 0.397 s, जहाँ ω = 15.81 rad/s।
(d) अधिकतम चाल और कुल ऊर्जा निकालिए, और बताइए कि केंद्र पर पूरी ऊर्जा किस रूप में है। [4 अंक]। उत्तर: Aω = 0.791 m/s और E = ½kA² = 0.125 J। साम्य पर स्थितिज ऊर्जा शून्य है, इसलिए पूरी 0.125 J गतिज है।
अतिरिक्त: अधिकतम बल kA = 5.0 N और अधिकतम त्वरण Aω² = 12.50 m/s²।
एक नज़र में दोहराव
परीक्षा से पहले की रात यह सूची एक बार पढ़ लें।
- हुक का नियम: F = −kx, छोटे खिंचाव में सही।
- SHM में त्वरण विस्थापन के अनुक्रमानुपाती और विपरीत दिशा में: a = −ω²x।
- ω = √(k/m), T = 2π√(m/k), f = 1/T।
- आवर्तकाल आयाम से स्वतंत्र है।
- अधिकतम चाल Aω केंद्र पर, अधिकतम त्वरण Aω² सिरों पर।
- कुल ऊर्जा E = ½kA²; गतिज और स्थितिज ऊर्जा बारी-बारी से बदलती हैं।
- श्रेणी: 1/k = 1/k₁ + 1/k₂। समानांतर: k = k₁ + k₂।
- लटकी कमानी: T = 2π√(Δl/g)।
- अवमंदन में आयाम चरघातांकी रूप से घटता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कमानी का आवर्तकाल किस पर निर्भर करता है?
केवल द्रव्यमान m और कमानी स्थिरांक k पर, T = 2π√(m/k) के अनुसार। द्रव्यमान बढ़ने पर आवर्तकाल बढ़ता है, कमानी कड़ी हो तो घटता है। आयाम, गुरुत्व या दोलन की दिशा से कोई फ़र्क नहीं पड़ता।
आयाम बढ़ाने पर आवर्तकाल क्यों नहीं बदलता?
बड़ा आयाम यानी प्रबल प्रत्यानयन बल और लंबा रास्ता। अतिरिक्त बल गुटके को अनुपात में तेज़ चलाता है, और दोनों प्रभाव ठीक कट जाते हैं, इसलिए हर दोलन का समय बराबर रहता है।
आवर्ती गति और SHM में क्या अंतर है?
आवर्ती गति वह है जो नियमित अंतराल पर दोहराई जाए। SHM उसका विशेष रूप है, जिसमें त्वरण विस्थापन के अनुक्रमानुपाती और विपरीत दिशा में होता है। हर SHM आवर्ती है, पर हर आवर्ती गति SHM नहीं।
साम्य स्थिति पर चाल अधिकतम क्यों होती है?
सिरे से साम्य तक पूरे रास्ते बल गति की दिशा में रहता है, इसलिए गुटका लगातार तेज़ होता है। केंद्र पर बल शून्य हो जाता है पर चाल अधिकतम होती है। उसके बाद बल उलटा लगकर गुटके को धीमा करता है।
श्रेणी क्रम में कमानी मुलायम क्यों हो जाती है?
श्रेणी में वही बल दोनों कमानियों पर लगता है और हर एक खिंचती है, इसलिए कुल बढ़ाव जुड़ जाता है। उसी बल पर अधिक बढ़ाव का मतलब छोटा प्रभावी स्थिरांक, यानी मुलायम संयोजन।
लटकी कमानी में गुरुत्व आवर्तकाल को क्यों नहीं बदलता?
गुरुत्व केवल साम्य स्थिति को mg/k नीचे खिसकाता है। नई साम्य स्थिति से नापने पर कुल बल −kx रह जाता है, g कट जाता है। इसलिए पृथ्वी और चाँद पर उसी गुटके और कमानी का आवर्तकाल बराबर है।
कला आरेख क्या दिखाता है?
यह वेग को विस्थापन के विरुद्ध खींचता है। अवमंदन के बिना SHM एक बंद दीर्घवृत्त बनाता है, जिसका आकार ऊर्जा तय करती है। अवमंदन हो तो वक्र भीतर की ओर सर्पिल बनकर केंद्र में समा जाता है।
परीक्षा के लिए कौन-से सूत्र याद रखें?
F = −kx, a = −ω²x, ω = √(k/m), T = 2π√(m/k), v = ω√(A² − x²), E = ½kA², तथा श्रेणी और समानांतर के नियम। हर सूत्र का मात्रक भी जानें।
इस विषय पर और पढ़ाई
एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।
HSC
HSC Physics: syllabus and preparation
SSC
SSC Physics: syllabus and preparation
Admission
Engineering admission test preparation
Textbook
Class 9-10 Physics textbook
Admission
Dhaka University science unit admission 2026-27
English
Composition: The Uses of Electricity
Bangla
প্রতিবেদন: বিজ্ঞান মেলা (बांग्ला में)
English
Paragraph: Science in Everyday Life
SSC
SSC suggestions
HSC
HSC suggestions
Admission
University admission guide
SSC
SSC syllabus
HSC
HSC syllabus
Study abroad
Study in Germany
Test prep
Digital SAT Math guide
Scholarship
Scholarships to study abroad
IELTS
IELTS vocabulary: science and research
Tool
GPA calculator
Career
Civil engineer resume example
भौतिकी के और एनिमेशन
कक्षा 10 · 12
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ओम का नियम क्या है, सूत्र V=IR, V-I ग्राफ और श्रेणी-पार्श्व क्रम — विभवांतर व प्रतिरोध बदलकर धारा देखें। कक्षा 10 व 12 के हल प्रश्न।
कक्षा 11 · JEE
प्रक्षेप्य गति
प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? कोण व वेग बदलकर पथ देखें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई, क्षैतिज परास के सूत्र व हल उदाहरण। कक्षा 11, JEE/NEET।
कक्षा 11
सरल लोलक
सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।
कक्षा 12
विद्युत क्षेत्र
विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं, तीव्रता का सूत्र व SI मात्रक, क्षेत्र रेखाओं के गुण — आवेश रखकर रेखाएँ देखें। कूलॉम के नियम के हल उदाहरण।
कक्षा 11 · 12
तरंगों का व्यतिकरण
अध्यारोपण का सिद्धांत, संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें, फ्रिंज चौड़ाई β=λD/d — दो स्रोत खिसकाकर देखें। कक्षा 11-12 के हल उदाहरण।
कक्षा 9 · 11
मुक्त पतन
मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।
कक्षा 10 · 12
लेंस द्वारा प्रतिबिंब
उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।
कक्षा 9 · 11
न्यूटन के गति के नियम
न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।
कक्षा 10 · 12
गोलीय दर्पण किरण आरेख
अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।
कक्षा 10 · 12
विद्युत चुंबकीय प्रेरण
विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
संवेग संरक्षण और संघट्ट
संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 11 · JEE
आनत तल
ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 9 · 11
एकसमान वृत्तीय गति
डोरी से बँधी गेंद घुमाकर कोणीय वेग, आवर्तकाल, a=v²/r और अभिकेंद्र बल F=mv²/r देखें। डोरी कटने पर गेंद कहाँ जाती है? बैंकिंग व हल किए उदाहरणों सहित।
कक्षा 9
अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग
एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।
कक्षा 9 · 11
उत्तोलक और आघूर्ण
सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।
कक्षा 11
द्रव्यमान केंद्र
छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।
कक्षा 11
सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम
दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।
कक्षा 11
सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना
दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।
कक्षा 11
केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा
उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।
कक्षा 11
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह
दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।
कक्षा 11
तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें
सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।
कक्षा 11
अनुनाद नली और ध्वनि की चाल
अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।
कक्षा 11
विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन
लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।
कक्षा 11 · 12
डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम
ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।
कक्षा 10 · 12
प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष
सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।
कक्षा 12
किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम
दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।
कक्षा 12
व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु
व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 12
एकल झिरी से विवर्तन
झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।
कक्षा 10 · 12
आँख के दोष और उनका निवारण
सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।
कक्षा 12
प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम
ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक
प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।
कक्षा 10 · 12
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका
छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।
कक्षा 12
एसी जनित्र
चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।
कक्षा 10 · 12
ट्रांसफ़ॉर्मर
ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।
कक्षा 9 · 12
ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण
ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव
निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।
कक्षा 10 · 12
मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर
चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।
कक्षा 11 · 12
गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल
डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।
कक्षा 12
अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी
p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।
कक्षा 10 · 12
रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता
240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।
कक्षा 12
बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम
हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।
अन्य विषयों के एनिमेशन
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परमाणु की संरचना
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पेशी संकुचन और स्लाइडिंग-फ़िलामेंट मॉडल
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पौधों में परिवहन: जाइलम, फ्लोएम और वाष्पोत्सर्जन
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प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया
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परागण और निषेचन
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पाइथागोरस प्रमेय
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त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त
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द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़
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वृत्त के प्रमेय
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ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण
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प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता
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समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी
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माध्य, माध्यिका और बहुलक
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समुच्चय और वेन आरेख
गणित
रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख
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sin, cos, tan के आलेख
गणित
पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण
गणित
वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न
गणित
ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला
गणित
समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई
गणित
निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ
गणित
शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय
गणित
फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना
गणित
अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक
गणित
रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल
गणित
सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए
गणित
त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन
गणित
आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक
गणित
सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल
गणित






















