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वेन आरेख खुद रंगकर सीखें: समुच्चय की संक्रियाएँ और गिनती

समुच्चय सुपरिभाषित वस्तुओं का संग्रह है, और वेन आरेख समुच्चयों को सार्वत्रिक समुच्चय U के आयत के भीतर वृत्तों से दिखाता है। सम्मिलन A ∪ B में दोनों के सभी अवयव आते हैं और सर्वनिष्ठ A ∩ B में केवल वे जो दोनों में हैं। U = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12}, A = {2, 4, 6, 8, 10, 12}, B = {3, 6, 9, 12} लेने पर A ∪ B में 8 और A ∩ B में 2 अवयव हैं।

समुच्चय Aसमुच्चय Bरंगा हुआ क्षेत्र (उत्तर)संक्रिया बदलते ही उसका क्षेत्र रंग से भर जाता है

नियंत्रण

क्या देखना है

समुच्चयों की संख्या

संक्रिया चुनें

मापन

संक्रिया
सम्मिलन
प्रतीकों में
A ∪ B
रंगे हुए क्षेत्र
3 / 4

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. “संक्रियाएँ और छायांकन” में एक-एक संक्रिया चुनें (A ∪ B, A ∩ B, A − B, A′ …): संबंधित क्षेत्र रंग से भर जाता है। हर बार पहले अनुमान लगाएँ कि कौन-से क्षेत्र रंगेंगे।
  2. “तीन समुच्चय” चुनें: आरेख में आठ क्षेत्र आ जाते हैं। A ∩ B ∩ C, (A ∩ B) − C और A − (B ∪ C) की तुलना करें और देखें कि हर एक कहाँ बैठता है।
  3. “संख्याएँ रखें” में 1 से 12 तक की संख्याएँ अपने-अपने क्षेत्र में पहुँच जाती हैं। A और B बदलें (सम, 3 के गुणज, अभाज्य, 12 के गुणनखंड …) और मापन में उत्तर का सारणीबद्ध रूप मिलाएँ।
  4. “गणना सूत्र” में n(A), n(B) और n(A ∩ B) खिसकाएँ: वृत्तों का क्षेत्रफल और अतिव्यापन पैमाने के अनुसार बदलता है और n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B) तुरंत निकल आता है। असंभव मान दें तो सिमुलेशन उसे सुधारकर चेतावनी दिखाता है।
  5. “डी मॉर्गन के नियम” में दाईं ओर का चित्र चालू-बंद करें: दोनों चित्र एक ही क्षेत्र रंगते हैं, इसलिए नियम के दोनों पक्ष बराबर हैं।

क्रिकेट, फ़ुटबॉल और चालीस विद्यार्थियों की कक्षा

एक कक्षा में 40 विद्यार्थी हैं। 25 क्रिकेट खेलते हैं, 18 फ़ुटबॉल खेलते हैं और 8 दोनों खेलते हैं। प्रश्न: कितने विद्यार्थी कम से कम एक खेल खेलते हैं? बहुत से लोग झट से 25 और 18 जोड़कर 43 कह देते हैं। पर 43 तो कक्षा के कुल 40 विद्यार्थियों से भी ज़्यादा है। गड़बड़ कहाँ हुई?

गड़बड़ यह है कि जो 8 विद्यार्थी दोनों खेल खेलते हैं, उन्हें दो बार गिन लिया गया: एक बार क्रिकेट वालों में, एक बार फ़ुटबॉल वालों में। विद्यार्थी तो एक ही है। इसलिए दो बार गिने गए समूह को एक बार घटाना होगा: 43 − 8 = 35। यानी 35 विद्यार्थी कम से कम एक खेल खेलते हैं और बाकी 5 कोई नहीं खेलते।

दो बार गिनने की इस उलझन से बचने का सबसे आसान तरीका एक चित्र बनाना है: पूरी कक्षा के लिए एक बड़ा आयत और उसके भीतर दो वृत्त जो थोड़ा-सा एक-दूसरे पर चढ़े हों। बीच का साझा भाग “दोनों खेलते हैं” वाला समूह है। इस चित्र को वेन आरेख कहते हैं, और ऊपर का सिमुलेशन यही आरेख बनाता है, साथ में क्षेत्र रंगने और संख्याएँ गिनने का मौका भी देता है।

चित्र बन जाए तो हिसाब लगभग मुफ़्त हो जाता है: केवल क्रिकेट 17, केवल फ़ुटबॉल 10, दोनों 8, कोई नहीं 5। चारों क्षेत्रों का जोड़ ठीक 40 है। यही चार क्षेत्र पूरे अध्याय की जान हैं।

शुरुआत से: समुच्चय क्या है और अवयव क्या है

समुच्चय सुपरिभाषित वस्तुओं का संग्रह है। “सुपरिभाषित” शब्द अहम है: किसी भी वस्तु के बारे में निश्चित रूप से कहा जा सके कि वह समुच्चय में है या नहीं। “आपकी कक्षा के सम अनुक्रमांक वाले विद्यार्थी” एक समुच्चय है, क्योंकि हर अनुक्रमांक देखकर तय हो जाता है। “कक्षा के सबसे अच्छे विद्यार्थी” समुच्चय नहीं है, क्योंकि “अच्छा” किसे कहें, इस पर सहमति नहीं बनती।

समुच्चय की हर वस्तु को उसका अवयव या सदस्य कहते हैं। 4 सम संख्याओं के समुच्चय का अवयव है, लिखते हैं 4 ∈ A। 5 अवयव नहीं है, इसलिए 5 ∉ A। समुच्चयों के नाम सामान्यतः बड़े अक्षरों (A, B, C) से लिखे जाते हैं। क्रम या दोहराव से समुच्चय नहीं बदलता: {1, 2, 3} और {3, 1, 2, 2} एक ही समुच्चय हैं।

सार्वत्रिक समुच्चय U वह बड़ा समुच्चय है जिसमें से चर्चा के सारे समुच्चय लिए जाते हैं। इस पृष्ठ पर U = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12}। यह संदर्भ पर निर्भर है: प्राकृत संख्याओं की बात में U सभी प्राकृत संख्याएँ हो सकता है, और क्रिकेट वाली कहानी में U पूरी कक्षा है। वेन आरेख में U आयत है और हर समुच्चय उसके भीतर एक वृत्त।

क्षेत्र पढ़ना सीखना असली कौशल है। दो समुच्चयों के आरेख में चार क्षेत्र होते हैं: केवल A, केवल B, दोनों में (बीच का साझा भाग) और किसी में नहीं (वृत्तों के बाहर पर आयत के भीतर)। तीन समुच्चयों में आठ क्षेत्र होते हैं। हर संक्रिया बस यह नियम है कि इनमें से कौन-से क्षेत्र रंगने हैं।

मुख्य शब्द एक नज़र में

परिभाषा वाले प्रश्न इसी शब्दावली से आते हैं। प्रतीक को रटने की जगह उसे आरेख से मिलाकर समझें।

शब्दप्रतीकसरल अर्थ
समुच्चयA, B, Cसुपरिभाषित वस्तुओं का संग्रह
अवयव∈, ∉समुच्चय की वस्तु; 4 ∈ A का अर्थ है 4, A का अवयव है
सार्वत्रिक समुच्चयUवह बड़ा समुच्चय जिसमें चर्चा के सभी समुच्चय आते हैं
उपसमुच्चय⊂A का हर अवयव B में भी हो तो A, B का उपसमुच्चय है
रिक्त समुच्चय∅जिसमें कोई अवयव नहीं; यह हर समुच्चय का उपसमुच्चय है
सम्मिलन∪A में या B में या दोनों में आने वाले सब अवयव
सर्वनिष्ठ∩केवल वे अवयव जो A और B दोनों में हैं
अंतरA − BA के वे अवयव जो B में नहीं हैं
पूरकA′U के वे अवयव जो A में नहीं हैं, यानी U − A
घात समुच्चयP(A)A के सभी उपसमुच्चयों का समुच्चय; n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय

समुच्चय लिखने के दो रूप: सारणीबद्ध और समुच्चय निर्माण

सारणीबद्ध (रोस्टर) रूप में अवयव कोष्ठक में एक-एक करके लिखे जाते हैं: A = {2, 4, 6, 8, 10, 12}। समुच्चय निर्माण रूप में अवयवों की जगह शर्त लिखी जाती है: A = {x ∈ U : x सम संख्या है}, पढ़ें “A उन सब x का समुच्चय है जो U में हैं और सम हैं”। दोनों रूप एक ही समुच्चय को बताते हैं।

कब कौन-सा रूप बेहतर है? अवयव कम हों तो सारणीबद्ध रूप साफ़ रहता है। अवयव अनगिनत हों (सभी सम संख्याएँ) या शर्त ही असली बात हो, तब समुच्चय निर्माण रूप सुविधाजनक है। सिमुलेशन में आप शर्त चुनते हैं (निर्माण रूप) और मापन पैनल में उसका सारणीबद्ध रूप अपने आप दिखता है।

कुछ और शर्तें और उनके रूप: 12 के गुणनखंडों का समुच्चय {1, 2, 3, 4, 6, 12} (कुल 6 अवयव), पूर्ण वर्ग संख्याओं का समुच्चय {1, 4, 9} और विषम संख्याओं का समुच्चय {1, 3, 5, 7, 9, 11}। लिखने का ढंग बदलने से समुच्चय नहीं बदलता, केवल पढ़ने में सुविधा बदलती है।

उपसमुच्चय, रिक्त समुच्चय और घात समुच्चय

A का हर अवयव B में भी हो तो A, B का उपसमुच्चय है, लिखते हैं A ⊂ B। जैसे {4, 8, 12} सम संख्याओं के समुच्चय {2, 4, 6, 8, 10, 12} का उपसमुच्चय है। हर समुच्चय अपना उपसमुच्चय होता है और रिक्त समुच्चय ∅ हर समुच्चय का उपसमुच्चय है। जो उपसमुच्चय पूरे समुच्चय के बराबर न हो, वह उचित उपसमुच्चय कहलाता है।

घात समुच्चय P(A) में A के सभी उपसमुच्चय होते हैं। {a, b, c} के उपसमुच्चय हैं ∅, {a}, {b}, {c}, {a, b}, {a, c}, {b, c}, {a, b, c}: कुल 8। नियम सरल है। हर अवयव या तो उपसमुच्चय में होगा या नहीं, यानी हर अवयव के लिए दो विकल्प। इसलिए n अवयवों वाले समुच्चय के 2 × 2 × … (n बार) = 2ⁿ उपसमुच्चय होते हैं। 4 अवयवों के समुच्चय के 16, 5 अवयवों के 32 और 10 अवयवों के 1,024 उपसमुच्चय होते हैं।

n(P(A)) = 2ⁿn अवयवों वाले समुच्चय के उपसमुच्चयों की संख्या

उचित उपसमुच्चय = 2ⁿ − 1पूरे समुच्चय को छोड़कर

हर संक्रिया और उसका क्षेत्र

अब मुख्य काम। नीचे के उदाहरणों में U = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12}, A = {2, 4, 6, 8, 10, 12} (सम संख्याएँ) और B = {3, 6, 9, 12} (3 के गुणज) हैं। “संख्याएँ रखें” मोड इन्हीं समुच्चयों से शुरू होता है, इसलिए आप पृष्ठ और चित्र का मिलान कर सकते हैं।

सम्मिलन A ∪ B

A ∪ B में वे सब अवयव आते हैं जो A में हैं, या B में हैं, या दोनों में। चित्र में दोनों वृत्त पूरे भर जाते हैं। A ∪ B = {2, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 12}, इसमें 8 अवयव हैं।

यहाँ “या” समावेशी है: जो अवयव दोनों में है वह भी गिना जाता है। रोज़मर्रा की “चाय या कॉफ़ी” अक्सर एक ही विकल्प बताती है, पर गणित में सम्मिलन दोनों को लेता है।

सर्वनिष्ठ A ∩ B

A ∩ B में केवल वे अवयव हैं जो A में भी हैं और B में भी। चित्र में सिर्फ़ बीच का साझा भाग भरता है। A ∩ B = {6, 12}, इसमें 2 अवयव हैं। जो संख्या सम भी है और 3 का गुणज भी, वह 6 का गुणज है: 6 और 12।

दो समुच्चयों में कोई साझा अवयव न हो तो सर्वनिष्ठ रिक्त होता है और समुच्चय असंयुक्त कहलाते हैं। चित्र में वृत्त एक-दूसरे को छूते तक नहीं।

अंतर A − B और B − A

A − B में वे अवयव हैं जो A में हैं पर B में नहीं: {2, 4, 8, 10}, 4 अवयव। चित्र में यह A के वृत्त से साझा भाग काटने पर बचा अर्धचंद्र जैसा भाग है। उलटे क्रम में B − A = {3, 9}, 2 अवयव।

A − B और B − A सामान्यतः अलग समुच्चय होते हैं। अंतर में क्रम मायने रखता है; इसे जोड़ की तरह पलटा नहीं जा सकता।

पूरक A′ और (A ∪ B)′

A′ में U के वे सब अवयव हैं जो A में नहीं हैं: A′ = {1, 3, 5, 7, 9, 11}, 6 अवयव। चित्र में A के वृत्त के बाहर का पूरा भाग, आयत की सीमा तक, भरता है। इसीलिए पूरक निकालने के लिए U पता होना ज़रूरी है।

(A ∪ B)′ दोनों वृत्तों के बाहर का भाग भरता है, यानी वे अवयव जो किसी समुच्चय में नहीं: {1, 5, 7, 11}, 4 अवयव। (A ∩ B)′ साझा भाग को छोड़कर बाकी सब भरता है: {1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11}, 10 अवयव।

सममित अंतर A △ B

A △ B में वे अवयव हैं जो ठीक एक समुच्चय में हैं: (A − B) ∪ (B − A), यानी दोनों वृत्त घटा साझा भाग। A △ B = {2, 3, 4, 8, 9, 10}, 6 अवयव। यह कुछ पाठ्यक्रमों में आता है और परखता है कि आप सूत्र नहीं, क्षेत्र पढ़ना जानते हैं।

तीन समुच्चय एक ही चित्र में

तीन वृत्त आठ क्षेत्र बनाते हैं। सिमुलेशन में “तीन समुच्चय” चुनें और C = अभाज्य संख्याएँ = {2, 3, 5, 7, 11} लें। तब A ∩ B ∩ C = ∅: कोई संख्या एक साथ सम, 3 का गुणज और अभाज्य नहीं है। यह रिक्त समुच्चय का अच्छा उदाहरण है; चित्र का बीच वाला क्षेत्र खाली रहता है।

A ∪ B ∪ C = {2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12} (11 अवयव, केवल 1 छूटा)। (A ∩ B) − C = {6, 12}, क्योंकि 6 और 12 सम तथा 3 के गुणज हैं पर अभाज्य नहीं। A − (B ∪ C) = {4, 8, 10}, यानी वे सम संख्याएँ जो न 3 की गुणज हैं न अभाज्य। और A ∩ (B ∪ C) = {2, 6, 12}।

युग्मों के साझा भाग भी देखें: A ∩ C = {2}, B ∩ C = {3} और तीनों का सर्वनिष्ठ ∅। यही संख्याएँ आगे तीन समुच्चयों के गणना सूत्र में काम आएँगी।

डी मॉर्गन के नियम

डी मॉर्गन के नियम कहते हैं कि पूरक लेने पर “और” तथा “या” आपस में बदल जाते हैं। शब्दों में: सम्मिलन का पूरक = पूरकों का सर्वनिष्ठ, और सर्वनिष्ठ का पूरक = पूरकों का सम्मिलन।

(A ∪ B)′ = A′ ∩ B′पहला नियम: किसी में नहीं = A में नहीं और B में नहीं

(A ∩ B)′ = A′ ∪ B′दूसरा नियम: दोनों में नहीं ऐसा नहीं = कम से कम एक में अनुपस्थित

चित्र से प्रमाण

“डी मॉर्गन के नियम” मोड में पहला नियम चुनें। बाईं ओर (A ∪ B)′ दोनों वृत्तों के बाहर का क्षेत्र भरता है। दाईं ओर A′ पूरे A के बाहर, B′ पूरे B के बाहर भरता है और उनका सर्वनिष्ठ ठीक दोनों वृत्तों का बाहरी क्षेत्र है। दोनों चित्र एक जैसे हैं।

चित्र विचार का प्रमाण है पर याद रखने का साधन नहीं, इसलिए शब्दों में भी सोचें। “A ∪ B में नहीं” का अर्थ है A में नहीं और B में भी नहीं, क्योंकि किसी एक में होता तो वह सम्मिलन में आ जाता।

संख्याओं से जाँच

बायाँ पक्ष: (A ∪ B)′ = {1, 5, 7, 11}। दायाँ पक्ष: A′ ∩ B′ = {1, 3, 5, 7, 9, 11} ∩ {1, 2, 4, 5, 7, 8, 10, 11} = {1, 5, 7, 11}। दोनों बराबर हैं। दूसरे नियम में (A ∩ B)′ = {1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11} और A′ ∪ B′ = {1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11}, ये भी बराबर हैं।

वेन आरेख से गिनती: सम्मिलन का सूत्र

दो समुच्चयों के अवयव गिनने पर साझा भाग दो बार गिना जाता है, इसलिए उसे एक बार घटाना पड़ता है। पूरा सूत्र बस यही है, और यह क्रिकेट वाली कहानी का प्रतीक रूप है।

n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B)कम से कम एक समुच्चय में आने वाले अवयव

n(A − B) = n(A) − n(A ∩ B)केवल A में आने वाले अवयव

n(A △ B) = n(A) + n(B) − 2n(A ∩ B)ठीक एक समुच्चय में आने वाले अवयव

n(A ∪ B ∪ C) = n(A) + n(B) + n(C) − n(A ∩ B) − n(B ∩ C) − n(A ∩ C) + n(A ∩ B ∩ C)तीन समुच्चयों का सूत्र

तीन समुच्चयों के सूत्र में अंत में जोड़ क्यों

तीनों को जोड़ने पर हर युग्म का साझा भाग दो बार गिना जाता है, इसलिए तीनों साझा भाग घटाते हैं। पर तीनों का साझा भाग शुरू में तीन बार गिना गया था और घटाने में तीन बार कट गया, यानी अब वह गिना ही नहीं गया। इसलिए अंत में उसे एक बार वापस जोड़ते हैं।

ऊपर के समुच्चयों के लिए: n(A) = 6, n(B) = 4, n(C) = 5, n(A ∩ B) = 2, n(B ∩ C) = 1, n(A ∩ C) = 1, n(A ∩ B ∩ C) = 0। कुल 6 + 4 + 5 − 2 − 1 − 1 + 0 = 11, जो सीधे गिने 11 अवयवों से मेल खाता है।

सिमुलेशन में ये प्रयोग करके देखें

हर प्रयोग से पहले अनुमान लगाएँ, फिर चित्र से मिलान करें।

  • “गणना सूत्र” में शुरुआती मान n(U) = 30, n(A) = 14, n(B) = 11 और n(A ∩ B) = 5 हैं। पहले खुद n(A ∪ B) निकालें, फिर मापन में 20 देखें। दोनों वृत्तों के बाहर 10 अवयव हैं।
  • n(A ∩ B) को सबसे कम कर दें। वृत्त दूर खिसकते जाते हैं और अलग हो जाते हैं, तब n(A ∪ B) = n(A) + n(B)।
  • n(A ∩ B) को अधिकतम कर दें, यानी n(A) और n(B) में से छोटे के बराबर। छोटा वृत्त बड़े के भीतर समा जाता है: B ⊂ A।
  • n(U) घटाते जाएँ जब तक n(A) + n(B) उससे ज़्यादा न हो जाए। सिमुलेशन साझा भाग की न्यूनतम सीमा बढ़ा देता है और स्थिति में चेतावनी दिखाता है, क्योंकि A ∪ B कभी U से बड़ा नहीं हो सकता।
  • “संक्रियाएँ और छायांकन” में A − B और B − A को बारी-बारी चुनें। दोनों क्षेत्र अलग हैं, यानी अंतर में क्रम मायने रखता है।
  • “संख्याएँ रखें” में A को सम और B को विषम संख्याएँ चुनें। साझा भाग रिक्त है, क्योंकि कोई संख्या एक साथ सम और विषम नहीं है, और A ∪ B पूरा U है।
  • डी मॉर्गन मोड में दाएँ चित्र को कई बार चालू-बंद करें और देखें कि दोनों पक्षों को अलग होने का मौका ही नहीं मिलता।

हल किए गए प्रश्न

नीचे की हर संख्या उसी प्रोग्राम से निकाली गई है जो सिमुलेशन चलाता है, इसलिए पृष्ठ और चित्र मेल खाते हैं।

प्रश्न 1: सारणीबद्ध रूप में उत्तर

U = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12}, A = {2, 4, 6, 8, 10, 12} और B = {3, 6, 9, 12} दिए हों तो A ∪ B, A ∩ B, A − B, B − A, A′ और A △ B ज्ञात करें।

A ∪ B = {2, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 12}; A ∩ B = {6, 12}; A − B = {2, 4, 8, 10}; B − A = {3, 9}; A′ = {1, 3, 5, 7, 9, 11}; A △ B = {2, 3, 4, 8, 9, 10}।

जाँच: n(A ∪ B) = 6 + 4 − 2 = 8, जो सूची के अवयवों की संख्या के बराबर है।

प्रश्न 2: सर्वेक्षण की गिनती

60 विद्यार्थियों में से 35 को गणित पसंद है, 28 को अंग्रेज़ी पसंद है और 12 को दोनों। कितने कम से कम एक विषय पसंद करते हैं, कितने किसी को नहीं, और कितने केवल गणित को?

n(M ∪ E) = 35 + 28 − 12 = 51। किसी को नहीं: 60 − 51 = 9। केवल गणित: 35 − 12 = 23। केवल अंग्रेज़ी: 28 − 12 = 16।

प्रश्न 3: साझा संख्या ढूँढना

50 लोगों के समूह में 30 चाय पीते हैं, 25 कॉफ़ी पीते हैं और 5 कुछ नहीं पीते। कितने दोनों पीते हैं?

कम से कम एक पीने वाले: 50 − 5 = 45। सूत्र से n(A ∩ B) = n(A) + n(B) − n(A ∪ B) = 30 + 25 − 45 = 10।

प्रश्न 4: तीन समुच्चय

एक क्लब में n(A) = 50, n(B) = 40, n(C) = 30; n(A ∩ B) = 15, n(B ∩ C) = 10, n(A ∩ C) = 12; n(A ∩ B ∩ C) = 6। n(A ∪ B ∪ C) ज्ञात करें।

50 + 40 + 30 − 15 − 10 − 12 + 6 = 89।

प्रश्न 5: घात समुच्चय

A = {a, b, c} के लिए P(A) लिखें: ∅, {a}, {b}, {c}, {a, b}, {a, c}, {b, c}, {a, b, c}, यानी 8 उपसमुच्चय। उचित उपसमुच्चय एक कम होते हैं। 4 अवयवों वाले समुच्चय के उचित उपसमुच्चय 15 हैं।

प्रश्न 6: डी मॉर्गन का सत्यापन

A = {2, 4, 6, 8, 10, 12}, B = {3, 6, 9, 12} और U = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12} के लिए सत्यापित करें कि (A ∪ B)′ = A′ ∩ B′। A ∪ B = {2, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 12}, इसलिए (A ∪ B)′ = {1, 5, 7, 11}। साथ ही A′ ∩ B′ = {1, 5, 7, 11}। दोनों बराबर हैं, नियम सत्यापित हुआ।

आम गलतियाँ

परीक्षा में सबसे ज़्यादा अंक यही गलतियाँ कटवाती हैं।

  • n(A) और n(B) जोड़कर n(A ∪ B) बता देना, साझा भाग घटाए बिना। क्रिकेट-फ़ुटबॉल वाली कहानी याद करें।
  • A − B और B − A को एक मान लेना। ये सामान्यतः अलग अर्धचंद्र होते हैं।
  • U जाने बिना पूरक निकालना। A′ का अर्थ है “U में जो A में नहीं”, इसलिए U के बिना बेमतलब है।
  • ∈ और ⊂ में गड़बड़ करना। 4 ∈ A (अवयव), पर {4} ⊂ A (उपसमुच्चय)। बाईं ओर वस्तु हो तो ∈, समुच्चय हो तो ⊂।
  • ∅, {∅} और {0} को एक समझ लेना। ∅ में कोई अवयव नहीं; {∅} में एक अवयव है (रिक्त समुच्चय); {0} में एक अवयव है (शून्य)।
  • डी मॉर्गन में पूरक का चिह्न लगाना पर संक्रिया-चिह्न न बदलना। (A ∪ B)′ = A′ ∪ B′ गलत है; ∪ को ∩ बनना चाहिए।
  • “या” को हमेशा “एक पर दोनों नहीं” समझना। समुच्चय में ∪ साझा भाग को भी लेता है।

असल ज़िंदगी में वेन आरेख कहाँ काम आते हैं

सर्च बॉक्स में “चाय AND कॉफ़ी” लिखें तो इंजन सर्वनिष्ठ खोजता है, “चाय OR कॉफ़ी” पर सम्मिलन और “चाय NOT कॉफ़ी” पर अंतर। डेटाबेस के SQL में JOIN और UNION इन्हीं संक्रियाओं के कंप्यूटर रूप हैं।

शॉपिंग साइट के फ़िल्टर यही करते हैं: “ब्रांड A या B” और साथ में “कीमत 500 से कम” एक सम्मिलन के बाद सर्वनिष्ठ है। सर्वेक्षण, चुनाव के आँकड़े, लक्षणों से रोग मिलाना, पुस्तकालय की विषय-सूची: हर जगह यही चित्र है।

प्रायिकता में घटनाएँ समुच्चय होती हैं: P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B) इस पृष्ठ के गणना सूत्र का प्रायिकता रूप है। डिजिटल परिपथों में AND, OR और NOT गेट सर्वनिष्ठ, सम्मिलन और पूरक ही हैं।

परीक्षा कोना: कक्षा 11 और CBSE

CBSE कक्षा 11 के पहले अध्याय “समुच्चय” में परिभाषाएँ, वेन आरेख बनाना, सर्वसमिका का सत्यापन (जैसे डी मॉर्गन के नियम) और n(A ∪ B) वाले शब्द-प्रश्न नियमित आते हैं। सत्यापन के प्रश्न में बाएँ और दाएँ पक्ष को अलग-अलग निकालकर मिलाना होता है।

एक नमूना प्रश्न

एक कक्षा के 40 विद्यार्थियों में से 25 क्रिकेट और 18 फ़ुटबॉल खेलते हैं। 8 दोनों खेलते हैं।

(क) सर्वनिष्ठ की परिभाषा लिखें। (ख) वेन आरेख बनाएँ। (ग) कितने कम से कम एक खेल खेलते हैं? (घ) कितने ठीक एक खेल खेलते हैं और कितने कोई नहीं?

(ग) का उत्तर: 35। (घ) का उत्तर: ठीक एक खेल, n(A △ B) = 27; कोई नहीं, 5।

पुनरावृत्ति: अंतिम समय का सार

परीक्षा से पहले की रात बस यह सूची और ऊपर की शब्दावली-सारणी एक बार देख लेना काफ़ी है।

  • समुच्चय = सुपरिभाषित संग्रह; अवयव के लिए ∈ और ∉; सार्वत्रिक समुच्चय U।
  • सारणीबद्ध रूप में अवयव लिखते हैं; समुच्चय निर्माण रूप में शर्त।
  • A ∪ B = कम से कम एक में; A ∩ B = दोनों में; A − B = A में पर B में नहीं; A′ = U − A।
  • A △ B = (A − B) ∪ (B − A) = ठीक एक में।
  • डी मॉर्गन: (A ∪ B)′ = A′ ∩ B′ और (A ∩ B)′ = A′ ∪ B′।
  • n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B); तीन समुच्चयों में अंत में + n(A ∩ B ∩ C)।
  • n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय और 2ⁿ − 1 उचित उपसमुच्चय होते हैं।
  • आरेख बनाएँ, हर क्षेत्र में संख्या लिखें, फिर जोड़ें-घटाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेन आरेख क्या है?

वेन आरेख हर समुच्चय को एक वृत्त से दिखाता है और सार्वत्रिक समुच्चय U को सभी वृत्तों को घेरने वाले आयत से। जहाँ वृत्त मिलते हैं वहाँ दोनों समुच्चयों के साझा अवयव होते हैं, और वृत्तों के बाहर वे जो किसी में नहीं। क्षेत्र रंगकर सम्मिलन, सर्वनिष्ठ, अंतर और पूरक एक नज़र में समझ आते हैं।

सम्मिलन और सर्वनिष्ठ में क्या अंतर है?

सम्मिलन A ∪ B में कम से कम एक समुच्चय के अवयव आते हैं, जबकि सर्वनिष्ठ A ∩ B में केवल दोनों के साझा अवयव। A = {2, 4, 6, 8, 10, 12} और B = {3, 6, 9, 12} लेने पर सम्मिलन में 8 और सर्वनिष्ठ में 2 अवयव हैं।

समुच्चयों का अंतर A − B क्या होता है?

A − B उन अवयवों का समुच्चय है जो A में हैं पर B में नहीं। ऊपर के समुच्चयों में {2, 4, 6, 8, 10, 12} − {3, 6, 9, 12} = {2, 4, 8, 10}। क्रम मायने रखता है: B − A = {3, 9}, जो अलग समुच्चय है।

पूरक निकालने के लिए सार्वत्रिक समुच्चय क्यों चाहिए?

पूरक A′ का अर्थ है U के वे अवयव जो A में नहीं हैं। U पता न हो तो यह कहना असंभव है कि “A में नहीं” किसमें से चुनना है। U बदलने पर उसी A का पूरक भी बदल जाता है।

डी मॉर्गन के नियम क्या हैं?

पहला नियम (A ∪ B)′ = A′ ∩ B′ है और दूसरा (A ∩ B)′ = A′ ∪ B′। पूरक लेने पर सम्मिलन और सर्वनिष्ठ आपस में बदल जाते हैं। सिमुलेशन में हर नियम के दोनों पक्ष एक ही क्षेत्र रंगते हैं।

n(A ∪ B) का सूत्र क्या है?

n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B)। साझा भाग n(A) और n(B) दोनों में गिना जाता है, इसलिए उसे एक बार घटाते हैं। सिमुलेशन के शुरुआती मानों पर 14 + 11 − 5 = 20।

रिक्त समुच्चय क्या है और क्या वह हर समुच्चय का उपसमुच्चय है?

रिक्त समुच्चय ∅ में कोई अवयव नहीं होता। हाँ, यह हर समुच्चय का उपसमुच्चय है, क्योंकि ∅ का ऐसा कोई अवयव नहीं जो दूसरे समुच्चय में न हो। इसे {∅} या {0} से न मिलाएँ, जिनमें एक-एक अवयव है।

किसी समुच्चय के कितने उपसमुच्चय होते हैं?

n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय होते हैं, क्योंकि हर अवयव या तो अंदर होता है या बाहर। 3 अवयवों के 8, 4 के 16 और 10 अवयवों के 1,024 उपसमुच्चय हैं।

सममित अंतर क्या है?

A △ B उन अवयवों का समुच्चय है जो A और B में से ठीक एक में हैं, यानी (A − B) ∪ (B − A)। ऊपर के उदाहरण में यह {2, 3, 4, 8, 9, 10} है और n(A △ B) = n(A) + n(B) − 2n(A ∩ B)।

असंयुक्त समुच्चय किसे कहते हैं?

जिन समुच्चयों का सर्वनिष्ठ रिक्त हो, वे असंयुक्त कहलाते हैं। सम और विषम संख्याओं के समुच्चय असंयुक्त हैं, इसलिए n(A ∪ B) = n(A) + n(B) और वेन आरेख में उनके वृत्त एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते।

इस विषय पर और पढ़ाई

एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।

गणित के और एनिमेशन

कक्षा 7 · 10

पाइथागोरस प्रमेय

पाइथागोरस प्रमेय क्या है, सूत्र कर्ण² = आधार² + लंब², प्रमाण, विलोम, पाइथागोरस त्रिक और हल सहित 10 उदाहरण: त्रिभुज खींचकर खुद देखें।

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त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त

त्रिकोणमितीय अनुपात क्या है, sin cos tan के मान 0° से 360° तक, मानक कोणों की तालिका, चतुर्थांश के चिह्न और सूत्र: इकाई वृत्त पर बिंदु घुमाकर खुद देखें, हल सहित।

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द्विघात समीकरण क्या है, गुणनखंड और पूर्ण वर्ग विधि, द्विघाती सूत्र, विविक्तकर से मूलों की प्रकृति, शीर्ष और परवलय का ग्राफ़: एनिमेशन में खुद बदलकर देखें।

कक्षा 9 · 10

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वृत्त के सभी प्रमेय: केंद्र पर कोण, एक ही वृत्तखंड के कोण, अर्धवृत्त में कोण, चक्रीय चतुर्भुज, जीवा और स्पर्श रेखा। उपपत्ति, हल उदाहरण और इंटरैक्टिव चित्र।

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प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता

प्रायिकता किसे कहते हैं, प्रतिदर्श समष्टि और सूत्र P(E) = n(E)/n(S) कैसे काम करता है, और बार-बार उछालने पर प्रयोगसिद्ध दर सैद्धांतिक प्रायिकता के कितने पास आ जाती है — सिक्के, पासे और रंगीन गेंदों के इंटरैक्टिव सिमुलेशन में।

कक्षा 10 · 11

समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी

समांतर श्रेढ़ी और गुणोत्तर श्रेढ़ी के n-वें पद व योग के सूत्र, गाउस की जोड़ी तकनीक और अनंत श्रेढ़ी के सूत्र a/(1−r) को बार-चार्ट एनिमेशन में स्वयं बदलकर समझें, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 10

माध्य, माध्यिका और बहुलक

माध्य, माध्यिका और बहुलक निकालने के सूत्र, अपवाद (आउटलायर) मिलने पर माध्यिका क्यों नहीं बदलती जबकि माध्य बहुत बदल जाता है, और वर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका-बहुलक सूत्र: संख्या रेखा पर बिंदु खींचकर स्वयं देखें, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 10

रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख

सरल रेखा का ढाल, अंतःखंड और कोण एनिमेशन में देखें। दो रैखिक समीकरणों का आलेख खींचकर हल निकालें और अनुपात से संगत-असंगत पहचानें, कक्षा 10 के अनुसार।

कक्षा 11

sin, cos, tan के आलेख

स्लाइडर से y = A sin(Bx + C) + D बनाएँ: आयाम, आवर्तकाल, कला विस्थापन, परिसर और tan के अनंतस्पर्शी खुद देखें। त्रिकोणमितीय फलन के आलेख, हल सहित।

कक्षा 10

पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण

टाइलों से पूर्ण वर्ग बनाने की विधि देखें, द्विघात समीकरण के मूल और शीर्ष निकालें और जानें कि सूत्र क्यों काम करता है। मुफ़्त सिमुलेशन, हल किए उदाहरणों सहित।

कक्षा 10

वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न

वृत्त को टुकड़ों में काटकर आयत बनाओ और देखो कि क्षेत्रफल πr² कैसे बनता है। परिधि, पाई, त्रिज्यखंड, चाप और हल किए प्रश्नों वाला मुफ़्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन।

कक्षा 8 · 10

ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला

छह ठोसों को 3D में घुमाइए, जाल खोलकर देखिए और शंकु का पानी बेलन में उड़ेलकर समझिए कि वह ठीक तीन बार में क्यों भरता है। सूत्रों और हल किए प्रश्नों के साथ निःशुल्क सिमुलेशन।

कक्षा 10

समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई

स्लाइडर से त्रिभुज को बड़ा-छोटा करें और देखें कि कोण बराबर रहते हैं, भुजाओं का अनुपात k रहता है और क्षेत्रफल k² गुना होता है। AA, SSS, SAS नियमों और छाया के सवालों वाला मुफ़्त सिमुलेशन।

कक्षा 9 · 10

निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ

ग्रिड पर बिंदु खींचकर देखें कि दूरी सूत्र, मध्य-बिंदु, ढाल और विभाजन सूत्र कैसे बदलते हैं। लंब समद्विभाजक बिंदुपथ और हल किए प्रश्नों वाला मुफ़्त निर्देशांक ज्यामिति सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय

द्वि-शंकु के आर-पार तल को झुकाइए और देखिए वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय या अतिपरवलय कैसे बनता है। मानक समीकरण, नाभि और उत्केंद्रता के साथ मुफ़्त सिमुलेशन और हल किए हुए प्रश्न।

कक्षा 10 · 11

फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना

x², |x|, √x, sin x या 2^x चुनिए और a, b, h, k के स्लाइडर खींचिए। देखिए ग्राफ़ कैसे खिसकता, खिंचता, सिकुड़ता और पलटता है, पीछे फीके मूल ग्राफ़ के साथ। मुफ़्त सिमुलेशन और हल किए हुए प्रश्न।

कक्षा 11 · 12

अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक

x², x³, sin x, eˣ या 1/x पर बिंदु P खींचिए और अंतर h को शून्य की ओर घटाइए। देखिए छेदक कैसे स्पर्श रेखा बनती है और उसकी ढाल अवकलज, नीचे अवकलज का ग्राफ़ भी। निःशुल्क सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल

x², x³, sin x, eˣ या √x के नीचे के क्षेत्रफल को 100 तक पट्टियों में बाँटिए और बायाँ, दायाँ, मध्य बिंदु व समलंब योग की तुलना सटीक समाकलन से कीजिए। त्रुटि घटते देखिए। निःशुल्क सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए

ε–δ परिभाषा से सीमा को आँखों से देखिए। फलन चुनिए, ε घटाइए और δ पट्टी को सिकुड़ते देखिए। बाएँ-दाएँ सीमा, छेद, sin x / x और छलाँग, जहाँ कोई δ नहीं चलता। मुफ़्त सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन

दो त्रिविमीय सदिशों को खींचकर घुमाइए। योग समांतर चतुर्भुज बनकर, डॉट गुणन छाया और कोण बनकर, क्रॉस गुणन लंब तीर बनकर दिखेगा, जिसकी लंबाई क्षेत्रफल है। मुफ़्त सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक

2×2 आव्यूह बदलकर देखिए कि जाली, इकाई वर्ग और एक F-आकृति कैसे चलते हैं। î और ĵ कहाँ जाते हैं, सारणिक कैसे चिह्नित क्षेत्रफल है, और व्युत्क्रम। मुफ़्त सिमुलेशन।

कक्षा 11 · 12

सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल

आर्गंड तल पर दो सम्मिश्र संख्याएँ खींचिए। योग समांतर चतुर्भुज बनकर, गुणनफल घुमाव और खिंचाव बनकर, संयुग्मी, घात सर्पिल बनकर और इकाई के मूल दिखेंगे। मुफ़्त सिमुलेशन।

कक्षा 9 · 12

बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़

बिट पलटिए और देखिए दशमलव, बाइनरी, ऑक्टल व हेक्स साथ बदलते हैं। 2 से भाग, 3-4 बिट के समूह और कैरी वाला बाइनरी जोड़, हल किए उदाहरणों के साथ। मुफ़्त सिमुलेशन।

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