अभी की संख्याओं से हल
- 1. ढाल = ऊर्ध्वाधर अंतर ÷ क्षैतिज अंतरΔy / Δx = 4 / 2 = 2
- 2. x = 0 रखकर y-अंतःखंडx = 0 ⇒ y = −4
- 3. y = 0 रखकर x-अंतःखंडy = 0 ⇒ x = 2
- 4. tan θ = ढाल, इसलिए कोणtan θ = 2 ⇒ θ ≈ 63.43°
नियंत्रण
क्या खींचना है
मापन
- रेखा का समीकरण
- y = 2x − 4
- ढाल, m
- 2
- x-अक्ष से कोण, θ
- 63.43°
- y-अंतःखंड
- (0, −4)
- x-अंतःखंड
- (2, 0)
सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें
- पहले बिना छुए देखिए: “एक रेखा · y = mx + c” मोड में स्क्रीन पर y = 2x − 4 है। यह x-अक्ष को (2, 0) और y-अक्ष को (0, −4) पर काटती है और कोण लगभग 63.43° है।
- ढाल m का स्लाइडर बदलिए: रेखा खड़ी या सपाट होती है, और m ऋणात्मक हो तो दाईं ओर नीचे उतरती है। c का स्लाइडर पूरी रेखा को ऊपर-नीचे खिसकाता है, ढाल नहीं बदलता।
- “दो बिंदु” मोड चुनकर दोनों बिंदुओं को खींचिए। ढाल तुरंत बदलता है। दोनों बिंदुओं को एक ही x पर रखें तो रेखा ऊर्ध्वाधर हो जाती है और ढाल “अपरिभाषित” लिखा आता है।
- अब “दो रेखाएँ” मोड। शुरू में 2x + 3y = 12 और x − y = 1 खिंचे हैं। नारंगी बिंदु (3, 2) ही हल है, और “हल का प्रकार” में “एक अद्वितीय हल” लिखा है।
- a₂ और b₂ बदलकर दूसरी रेखा को पहली के समांतर बनाइए: प्रतिच्छेद बिंदु गायब हो जाता है और प्रकार “कोई हल नहीं” हो जाता है। फिर c₂ ऐसा रखिए कि रेखाएँ एक हो जाएँ, तब प्रकार “अनंत हल” होगा।
- “हल चरण-दर-चरण दिखाएँ” चालू रखिए। नीचे आपकी चुनी संख्याओं से ढाल, अंतःखंड, कोण, अनुपात की जाँच और वज्रगुणन का हल आता है। “दिखने वाला परिसर” बढ़ाकर दूर के प्रतिच्छेद बिंदु भी पकड़िए।
दो रिक्शे वाले और वह दूरी जहाँ किराया बराबर हो जाता है
घर के बाहर दो रिक्शे वाले खड़े हैं। पहला कहता है, “पहले 20 रुपये दीजिए, फिर 10 रुपये प्रति किलोमीटर।” दूसरा कहता है, “मेरा कोई अग्रिम शुल्क नहीं, 15 रुपये प्रति किलोमीटर।” किसके रिक्शे में बैठना फायदे का है?
जवाब दूरी पर निर्भर है। पास जाना हो तो दूसरा सस्ता है, क्योंकि पहले का अग्रिम शुल्क भारी पड़ता है। दूर जाना हो तो पहला सस्ता है, क्योंकि उसकी प्रति किलोमीटर दर कम है। बीच में एक दूरी ऐसी है जहाँ दोनों का किराया ठीक बराबर होता है। उसे निकालने के लिए किराया y और दूरी x मानकर दो समीकरण लिखिए: y = 10x + 20 और y = 15x।
दोनों रैखिक हैं, इसलिए आलेख में दो सरल रेखाएँ बनती हैं। जहाँ रेखाएँ कटती हैं, वहाँ एक ही x के लिए दोनों y बराबर हैं, यानी किराया बराबर। हल करने पर 4 किलोमीटर पर दोनों का किराया 60 रुपये आता है। इससे कम दूरी पर दूसरा, ज़्यादा पर पहला सस्ता है।
यह पूरा पन्ना उसी प्रतिच्छेद बिंदु को खोजने का है। ऊपर के सिमुलेशन में आप रेखा खींचेंगे, ढाल और अंतःखंड समझेंगे, फिर दो समीकरण एक ही ग्रिड पर डालकर हल पढ़ेंगे। यह भी देखेंगे कि दो रेखाएँ कभी क्यों नहीं मिलतीं और कभी पूरी तरह क्यों मिल जाती हैं।
| दूरी (किमी) | पहले का किराया (रुपये) | दूसरे का किराया (रुपये) |
|---|---|---|
| 0 | 20 | 0 |
| 2 | 40 | 30 |
| 4 | 60 | 60 |
| 6 | 80 | 90 |
| 8 | 100 | 120 |
शुरू से: निर्देशांक तल
कागज़ पर एक क्षैतिज और एक ऊर्ध्वाधर रेखा खींचिए। जहाँ वे कटती हैं वह मूल बिंदु है, जिसे O लिखते हैं। क्षैतिज रेखा x-अक्ष और ऊर्ध्वाधर रेखा y-अक्ष है। मूल बिंदु से दाएँ और ऊपर संख्याएँ धनात्मक, बाएँ और नीचे ऋणात्मक होती हैं।
तल के किसी भी बिंदु को दो संख्याओं (x, y) से पहचाना जाता है। पहली संख्या बताती है कि मूल बिंदु से कितना दाएँ (या बाएँ), दूसरी बताती है कि कितना ऊपर (या नीचे)। इसे क्रमित युग्म या निर्देशांक कहते हैं। (3, 2) का मतलब 3 कदम दाएँ, 2 ऊपर। (2, 3) अलग बिंदु है, इसलिए क्रम मायने रखता है।
अक्ष तल को चार भागों में बाँटते हैं, जिन्हें चतुर्थांश कहते हैं। पहले में x और y दोनों धनात्मक, दूसरे में x ऋणात्मक और y धनात्मक, तीसरे में दोनों ऋणात्मक, चौथे में x धनात्मक और y ऋणात्मक। x-अक्ष के हर बिंदु पर y = 0 और y-अक्ष के हर बिंदु पर x = 0 होता है। यही दो तथ्य अंतःखंड निकालने में काम आएँगे।
सिमुलेशन का ग्राफ़ पेपर ठीक यही है: बीच में मूल बिंदु और हर खाना एक इकाई। “दिखने वाला परिसर” स्लाइडर से चित्र छोटा-बड़ा होता है, ताकि छोटी संख्याएँ बड़े खानों में दिखें या दूर का प्रतिच्छेद बिंदु पकड़ में आए।
हर रैखिक समीकरण एक सरल रेखा है
समीकरण ax + by = c (जहाँ a और b दोनों शून्य नहीं) के अनंत हल होते हैं। x + y = 5 के हल (1, 4), (2, 3), (5, 0), (7, −2) और (0.5, 4.5) भी हैं। कोई भी x चुनिए, y अपने आप तय हो जाता है।
इन हलों को बिंदुओं की तरह लगाइए तो सब एक ही सरल रेखा पर आते हैं। उलटा भी सच है: उस रेखा का हर बिंदु समीकरण को संतुष्ट करता है। इसलिए समीकरण और रेखा एक ही चीज़ के दो रूप हैं, और इसी कारण इसे रैखिक समीकरण कहते हैं।
इससे एक काम की बात निकलती है। रेखा खींचने के लिए केवल दो बिंदु चाहिए, क्योंकि दो भिन्न बिंदुओं से ठीक एक सरल रेखा गुज़रती है। जाँच के लिए तीसरा बिंदु भी निकाल लेना अच्छी आदत है। तीनों एक सीध में न आएँ तो कहीं गणना की गलती है।
दो समीकरणों को साथ लेने पर वह युग्म या समीकरण निकाय कहलाता है। निकाय का हल वह (x, y) है जो दोनों को संतुष्ट करे। आलेख में यह वह बिंदु है जो दोनों रेखाओं पर हो, और दो रेखाओं पर एक साथ वही बिंदु हो सकता है जहाँ वे कटती हैं।
ज़रूरी शब्द एक जगह
परीक्षा के ज्ञान-आधारित प्रश्न सीधे इन्हीं शब्दों से आते हैं, इसलिए तालिका अच्छी तरह देख लें।
| पद | संकेत | अर्थ |
|---|---|---|
| रैखिक समीकरण युग्म | a₁x + b₁y = c₁, a₂x + b₂y = c₂ | दो चरों x, y में दो रैखिक समीकरण जिन्हें एक साथ संतुष्ट करना है |
| आलेख | — | समीकरण के सारे हलों को बिंदुओं के रूप में लगाने पर बना चित्र |
| मूल बिंदु | O (0, 0) | जहाँ दोनों अक्ष मिलते हैं |
| अक्ष | x-अक्ष, y-अक्ष | दो परस्पर लंब संख्या रेखाएँ |
| ढाल | m | दाईं ओर एक इकाई चलने पर रेखा कितनी ऊपर उठती है |
| अंतःखंड | x-अंतःखंड, y-अंतःखंड | रेखा जिस बिंदु पर अक्ष को काटती है |
| प्रतिच्छेद बिंदु | (x, y) | जहाँ दो रेखाएँ कटती हैं, यानी निकाय का हल |
| संगत | — | निकाय का कम से कम एक हल है |
| असंगत | — | निकाय का कोई हल नहीं है |
| आश्रित | — | दोनों समीकरण एक ही रेखा दर्शाते हैं |
| स्वतंत्र | — | दोनों समीकरण अलग-अलग रेखाएँ दर्शाते हैं |
ढाल: दो बिंदुओं से पढ़िए
ढाल बताता है कि रेखा कितनी खड़ी है। सीढ़ी की सोचिए: हर कदम पर आगे जितना बढ़ें वह क्षैतिज अंतर (run) है और ऊपर जितना चढ़ें वह ऊर्ध्वाधर अंतर (rise)। ढाल = ऊर्ध्वाधर अंतर ÷ क्षैतिज अंतर। सिमुलेशन का धूसर बिंदीदार त्रिभुज यही दोनों लंबाइयाँ दिखाता है।
रेखा पर कोई दो बिंदु (x₁, y₁) और (x₂, y₂) हों तो m = (y₂ − y₁) / (x₂ − x₁)। शुरुआती बिंदु (−2, −3) और (2, 5) लें तो ऊर्ध्वाधर अंतर 5 − (−3) = 8, क्षैतिज अंतर 2 − (−2) = 4, इसलिए m = 8/4 = 2।
बिंदुओं का क्रम बदलने से ढाल नहीं बदलता, क्योंकि ऊपर और नीचे दोनों के चिह्न एक साथ पलट जाते हैं। बस एक नियम है: अंश और हर में घटाना एक ही क्रम में हो। (y₂ − y₁) के नीचे (x₁ − x₂) लिख दिया तो चिह्न गलत आएगा।
ढाल का चिह्न दिशा बताता है। ढाल जितना बड़ा, रेखा उतनी खड़ी। ढाल शून्य हो तो रेखा क्षैतिज है। क्षैतिज अंतर शून्य हो तो भाग नहीं हो सकता, इसलिए ऊर्ध्वाधर रेखा का ढाल अपरिभाषित है। सिमुलेशन में दोनों बिंदुओं को एक ही x पर लाकर यह खुद देखिए।
ढाल का कोण से भी संबंध है। रेखा x-अक्ष की धनात्मक दिशा से जो कोण θ बनाती है, उसका tan θ ही ढाल है। m = 1 हो तो θ = 45°। शुरुआती रेखा में m = 2, इसलिए θ ≈ 63.43°। ऋणात्मक ढाल पर कोण भी ऋणात्मक है, यानी रेखा दाईं ओर नीचे उतरती है।
m = (y₂ − y₁) / (x₂ − x₁)दो बिंदुओं से ढाल
m = tan θθ, x-अक्ष से कोण है
| ढाल m | रेखा | उदाहरण |
|---|---|---|
| m > 0 | बाएँ से दाएँ ऊपर चढ़ती है | y = 2x − 4 |
| m < 0 | बाएँ से दाएँ नीचे उतरती है | y = −x + 3 |
| m = 0 | क्षैतिज, x-अक्ष के समांतर | y = 3 |
| run = 0 | ऊर्ध्वाधर, ढाल अपरिभाषित | x = 3 |
रेखा के समीकरण के रूप
एक ही रेखा को कई तरह लिखा जा सकता है, और अधिकतर काम एक रूप से दूसरे में जाने का होता है। सबसे ज़्यादा काम आता है ढाल-अंतःखंड रूप y = mx + c। यहाँ m ढाल और c, y-अंतःखंड है, यानी x = 0 पर मिलने वाला y। रेखा y-अक्ष को (0, c) पर काटती है।
समीकरण युग्म आमतौर पर मानक रूप ax + by = c में मिलते हैं। इसे y के लिए हल करें तो y = (−a/b)x + c/b, इसलिए ढाल −a/b और y-अंतःखंड c/b। x-अंतःखंड के लिए y = 0 रखिए: x = c/a। शुरुआती पहला समीकरण 2x + 3y = 12: ढाल −2/3 = −2/3, अंतःखंड (6, 0) और (0, 4)।
अंतःखंड रूप x/p + y/q = 1 आलेख खींचने में सुविधाजनक है। रेखा x-अक्ष को (p, 0) और y-अक्ष को (0, q) पर काटती है। मानक रूप को c से भाग देकर यह मिल जाता है। अक्षों पर दो बिंदु लगाइए और जोड़ दीजिए।
ढाल और एक बिंदु (x₀, y₀) पता हो तो बिंदु-ढाल रूप y − y₀ = m(x − x₀)। दो बिंदु हों तो पहले ढाल निकालिए, फिर यह रूप लगाइए। ऊर्ध्वाधर रेखा का अलग रूप x = k है, जिसका ढाल नहीं होता। उसे y = mx + c में नहीं लिख सकते, इसलिए b = 0 होने पर अलग से सोचना पड़ता है।
y = mx + cढाल-अंतःखंड रूप
ax + by = cमानक रूप, ढाल = −a/b
x/p + y/q = 1अंतःखंड रूप
y − y₀ = m(x − x₀)बिंदु-ढाल रूप
x = kऊर्ध्वाधर रेखा
आलेख से युग्म का हल, चरण-दर-चरण
मान लीजिए 2x + 3y = 12 और x − y = 1 हल करने हैं। चरण हमेशा वही रहते हैं, इसलिए एक बार सीखना काफ़ी है।
- हर समीकरण के लिए अलग मान-तालिका बनाइए। x के ऐसे मान लें जिनसे y पूर्णांक आए।
- ग्राफ़ पेपर पर दोनों अक्ष खींचकर सुविधाजनक पैमाना चुनिए, जैसे एक छोटा खाना एक इकाई।
- पहले समीकरण के बिंदु लगाइए, पैमाने से रेखा खींचकर दोनों ओर बढ़ाइए।
- उन्हीं अक्षों पर दूसरे समीकरण के बिंदु लगाकर दूसरी रेखा खींचिए।
- देखिए रेखाएँ कहाँ कटती हैं और उस बिंदु के निर्देशांक पढ़िए। वही हल है।
- हल को दोनों समीकरणों में रखकर जाँच लीजिए।
पहली रेखा 2x + 3y = 12 की तालिका
y = (12 − 2x) / 3। x के लिए 3 के गुणज लेने से y पूर्णांक रहता है:
| x | y |
|---|---|
| 0 | 4 |
| 3 | 2 |
| 6 | 0 |
दूसरी रेखा x − y = 1 की तालिका
यहाँ y = x − 1, इसलिए हर पूर्णांक x पर y पूर्णांक है:
| x | y |
|---|---|
| 0 | −1 |
| 1 | 0 |
| 3 | 2 |
| 4 | 3 |
रेखाएँ कहाँ मिलीं
रेखाएँ (3, 2) पर कटती हैं। जाँच: पहले समीकरण में 2 × 3 + 3 × 2 = 12। दूसरे में 3 − 2 = 1। दोनों सही हैं, इसलिए x = 3, y = 2। सिमुलेशन का “दो रेखाएँ” मोड यही चित्र लेकर शुरू होता है।
आलेख विधि की एक सीमा है। प्रतिच्छेद बिंदु खाने के कोने पर न हो तो पढ़ा गया उत्तर अनुमान रह जाता है। भिन्न वाले उत्तर या बड़ी संख्याओं के लिए बीजगणितीय विधि (प्रतिस्थापन, विलोपन, वज्रगुणन) चाहिए।
तीन तरह के हल और अनुपात की जाँच
तल में दो रेखाएँ केवल तीन तरह से हो सकती हैं, और यही निकाय के तीन परिणाम हैं। (1) एक बिंदु पर कटती हैं: अद्वितीय हल, निकाय संगत और स्वतंत्र। (2) समांतर हैं और कभी नहीं मिलतीं: कोई हल नहीं, निकाय असंगत। (3) एक ही रेखा हैं: अनंत हल, निकाय संगत पर आश्रित।
चित्र बनाए बिना भी यह पता चल सकता है, गुणांकों के अनुपात से। a₁x + b₁y = c₁ और a₂x + b₂y = c₂ में a₁/a₂, b₁/b₂, c₁/c₂ की तुलना कीजिए। a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ हो तो ढाल अलग हैं, इसलिए रेखाएँ अवश्य कटेंगी। a₁/a₂ = b₁/b₂ हो तो ढाल बराबर हैं, इसलिए रेखाएँ समांतर या संपाती हैं। तब c₁/c₂ तय करता है: भिन्न हो तो समांतर, बराबर हो तो संपाती।
शुरुआती युग्म में a₁/a₂ = 2 और b₁/b₂ = −3। दोनों अलग हैं, इसलिए रेखाएँ कटेंगी। सिमुलेशन के मापन पैनल में तीनों अनुपात और a₁b₂ − a₂b₁ (यहाँ −5) हमेशा दिखते हैं। यह शून्य न हो तो ठीक एक हल होता है।
बीजगणितीय रूप वज्रगुणन है: D = a₁b₂ − a₂b₁ ≠ 0 हो तो x = (c₁b₂ − c₂b₁) / D और y = (a₁c₂ − a₂c₁) / D। शुरुआती युग्म में D = −5, x = −15/(−5) = 3 और y = −10/(−5) = 2। आलेख के उत्तर से मेल खाता है।
a₁/a₂ ≠ b₁/b₂अद्वितीय हल
a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂कोई हल नहीं
a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂अनंत हल
| अनुपात | रेखाएँ | हल | नाम |
|---|---|---|---|
| a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ | एक बिंदु पर कटती हैं | ठीक एक | संगत, स्वतंत्र |
| a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂ | समांतर | कोई नहीं | असंगत |
| a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂ | संपाती (एक ही रेखा) | अनंत | संगत, आश्रित |
सिमुलेशन में खुद करके देखिए
हर प्रयोग एक-दो मिनट का है। पहले अनुमान लगाइए, फिर मिलाइए।
प्रयोग 1: ढाल बदलिए, कोण देखिए
“एक रेखा” मोड में c को स्थिर रखकर m को 0 से धीरे-धीरे बढ़ाइए। रेखा सपाट से खड़ी होती जाती है और कोण θ बढ़ता है। m = 1 पर θ ठीक 45° है।
अब m को ऋणात्मक कीजिए। रेखा उलटी ओर झुकती है और θ ऋणात्मक हो जाता है। m = 0 पर रेखा पूरी क्षैतिज है और x-अंतःखंड गायब हो जाता है, क्योंकि समांतर रेखा अक्ष को नहीं काटती।
प्रयोग 2: c बदलकर रेखा खिसकाइए
ढाल वही रखकर c को घटाइए-बढ़ाइए। पूरी रेखा समांतर रूप से ऊपर-नीचे खिसकती है, आकार और कोण वही रहते हैं। y-अंतःखंड का बिंदु (0, c) y-अक्ष पर चलता है।
x-अंतःखंड भी खिसकता है। समान ढाल वाली रेखाएँ एक परिवार बनाती हैं जिन्हें केवल c अलग करता है, और इस परिवार की रेखाएँ आपस में कभी नहीं कटतीं।
प्रयोग 3: दो बिंदु खींचकर ढाल पढ़िए
“दो बिंदु” चुनकर P₁ और P₂ खींचिए। शुरू में P₁ (−2, −3) और P₂ (2, 5) हैं, ढाल 2। P₂ को सीधे ऊपर उठाएँ तो ढाल बढ़ता है, नीचे लाएँ तो घटता है।
दोनों बिंदुओं को एक ही x पर लाइए: रेखा ऊर्ध्वाधर, ढाल “अपरिभाषित”, θ = 90° और y-अंतःखंड नहीं। दोनों को एक ही जगह रखें तो रेखा तय नहीं होती, और स्क्रीन पर यह लिखा आता है।
प्रयोग 4: समांतर युग्म बनाइए
“दो रेखाएँ” मोड में शुरुआत 2x + 3y = 12 और x − y = 1 से है। a₂ को 2 और b₂ को −2 कीजिए। पहली रेखा का ढाल −2/3 है और दूसरी का 1, अभी बराबर नहीं, इसलिए अनुपात हाथ से मिलाने होंगे।
a और b के लिए कोई भी जोड़ी लें, जैसे (2, 3) और (4, 6), ताकि a₁/a₂ = b₁/b₂ हो। फिर c₁ और c₂ ऐसे रखिए कि c₁/c₂ अलग रहे। प्रतिच्छेद बिंदु गायब हो जाएगा और प्रकार “कोई हल नहीं” होगा।
प्रयोग 5: दोनों रेखाओं को एक कीजिए
समांतर युग्म में c₂ ऐसा रखिए कि तीनों अनुपात बराबर हो जाएँ। दूसरी रेखा बिंदीदार होकर पहली पर बैठ जाती है और प्रकार “अनंत हल” हो जाता है।
अब “दिखने वाला परिसर” 20 कीजिए और प्रतिच्छेद बिंदु दूर धकेलिए: a₂ और b₂ को लगभग समांतर कर दें तो कटान बहुत दूर चला जाता है। लगभग समांतर रेखाएँ भी कटती हैं, पर बहुत दूर।
हल किए गए उदाहरण (सभी संख्याएँ गणना से)
हर प्रश्न परीक्षा में लिखे जाने वाले चरणों में सजाया है। उदाहरण 1 सिमुलेशन की शुरुआती रेखा है, 2 और 3 समीकरण युग्म।
उदाहरण 1: y = 2x − 4 का ढाल, अंतःखंड और कोण
रेखा y = 2x − 4 है, इसलिए m = 2 और c = −4। y-अंतःखंड (0, −4)। x-अंतःखंड के लिए y = 0 रखें: 0 = 2x + (−4), तो x = 2।
कोण: tan θ = 2, इसलिए θ ≈ 63.43°। ढाल धनात्मक है, तो रेखा बाएँ से दाएँ चढ़ती है। हर 2 इकाई दाएँ चलने पर यह 4 ऊपर उठती है।
उदाहरण 2: 2x + 3y = 12 और x − y = 1 (शुरुआती युग्म)
ढाल-अंतःखंड रूप में y = −(2/3)x + 4 और y = x − 1। ढाल −2/3 और 1 अलग हैं, इसलिए एक हल है।
वज्रगुणन: D = 2 × (−1) − 1 × 3 = −5। x = (12 × (−1) − 1 × 3) / (−5) = −15/(−5) = 3। y = (2 × 1 − 1 × 12) / (−5) = −10/(−5) = 2।
हल (3, 2); निकाय संगत और स्वतंत्र है।
उदाहरण 3: x + y = 7 और x − y = 3
दोनों को जोड़ने पर y कट जाता है: 2x = 7 + 3, इसलिए x = 5। पहले समीकरण में रखने पर y = 7 − 5 = 2।
आलेख में पहली रेखा ढाल −1 से उतरती है और दूसरी ढाल 1 से चढ़ती है। ये उलटे ढाल (5, 2) पर मिलते हैं।
उदाहरण 4: 2x + 3y = 6 और 4x + 6y = 18
अनुपात: a₁/a₂ = 1/2, b₁/b₂ = 1/2, c₁/c₂ = 1/3। पहले दो बराबर, तीसरा अलग, इसलिए a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂।
रेखाएँ समांतर हैं: कोई हल नहीं, निकाय असंगत। बीजगणित भी यही कहता है: पहले को दोगुना करें तो 4x + 6y = 12, पर दूसरा 18 कहता है, और 12 = 18 असंभव है।
उदाहरण 5: x − 2y = 4 और 3x − 6y = 12
अनुपात: 1/3, 1/3, 1/3। तीनों बराबर, इसलिए a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂।
दूसरा समीकरण पहले का तीन गुना है, यानी वही रेखा। अनंत हल हैं, जैसे x = 4, y = 0 या x = 2, y = −1। निकाय संगत पर आश्रित है।
उदाहरण 6: केवल अनुपात से चार युग्मों का प्रकार
हल किए बिना बताइए क्या होगा:
(क) 3x + 2y = 12; 6x + 4y = 24: 1/2, 1/2, 1/2, इसलिए a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂, अनंत हल। (ख) x + 2y = 4; 2x + 4y = 9: 1/2, 1/2, 4/9, इसलिए a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂, कोई हल नहीं।
(ग) 2x − y = 3; x + y = 3: 2 ≠ −1, एक हल (2, 1)। (घ) 5x − 3y = 2; 10x − 6y = 7: 1/2, 1/2, 2/7, इसलिए a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂, कोई हल नहीं।
उदाहरण 7: k का मान
k के किस मान पर 2x + 3y = 8 और 4x + 6y = 20 का कोई हल नहीं होगा?
समांतर के लिए a₁/a₂ = b₁/b₂, यानी 2/4 = k/6, इसलिए k = 3। तब c₁/c₂ = 8/20, जो 2/4 से अलग है। अतः k = 3 पर कोई हल नहीं।
वही k और c₂ = 16 लें तो c₁/c₂ = 8/16, जो 2/4 के बराबर है। तीनों अनुपात बराबर, तो अनंत हल। k के किसी और मान पर ठीक एक हल रहता है।
उदाहरण 8: दो संख्याएँ
दो संख्याओं का योग 25 और अंतर 7 है। उन्हें x और y मानें तो x + y = 25 और x − y = 7।
जोड़ने पर 2x = 25 + 7, इसलिए x = 16। फिर y = 25 − 16 = 9। संख्याएँ 16 और 9 हैं।
उदाहरण 9: कलम और कॉपी
3 कलम और 2 कॉपियों का मूल्य 70 रुपये है, और 2 कलम तथा 5 कॉपियों का 120 रुपये। कलम का मूल्य x और कॉपी का y मानें तो 3x + 2y = 70 और 2x + 5y = 120।
D = 3 × 5 − 2 × 2 = 11। x = (70 × 5 − 120 × 2) / 11 = 110/11 = 10। y = (3 × 120 − 2 × 70) / 11 = 220/11 = 20।
कलम 10 रुपये की और कॉपी 20 रुपये की। जाँच: पहली खरीद 70, दूसरी 120। दोनों सही हैं।
उदाहरण 10: (1, 2) और (4, −4) से गुज़रने वाली रेखा
ढाल m = (−4 − 2) / (4 − 1) = −6/3 = −2। ढाल ऋणात्मक है, तो रेखा नीचे उतरती है और कोण लगभग −63.43° है।
बिंदु-ढाल रूप: y − 2 = −2(x − 1), सँवारकर y = −2x + 4। y-अंतःखंड 4, x-अंतःखंड 2। मानक रूप में −6x − 3y = −12।
उदाहरण 11: ढाल 3, बिंदु (2, 1)
y − 1 = 3(x − 2) से y = 3x − 6 + 1, यानी y = 3x − 5। y-अंतःखंड −5।
x-अंतःखंड के लिए y = 0: x = 5/3 ≈ 1.67। अंतःखंड भिन्न हो तो कागज़ पर उसे अनुमान से ही रख सकते हैं, इसलिए सटीक मान पहले निकाल लीजिए।
उदाहरण 12: बिंदु (3, −2) और (3, 4)
क्षैतिज अंतर 3 − 3 = 0, इसलिए ढाल 6/0 अपरिभाषित है। यह ऊर्ध्वाधर रेखा है: x = 3।
यह y-अक्ष के समांतर है, उसे कभी नहीं काटती और x-अक्ष को x = 3 पर काटती है। सिमुलेशन में दो बिंदु एक ही x पर रखकर देख लीजिए।
उदाहरण 13: जब प्रतिच्छेद बिंदु पूर्णांक न हो
2x + 3y = 7 और 4x − y = 1। D = −14, x = −10/(−14) = 5/7 ≈ 0.71, y = −26/(−14) = 13/7 ≈ 1.86।
ग्राफ़ पेपर पर यह बिंदु खाने के कोने पर नहीं पड़ता, इसलिए आलेख से केवल अनुमान मिलता है। इसीलिए सटीक मान ज़रूरी है। सिमुलेशन भिन्न ही दिखाता है, दशमलव अनुमान नहीं।
उदाहरण 14: अक्षों के साथ बने त्रिभुज का क्षेत्रफल
रेखा 2x + 3y = 12 और दोनों अक्ष एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं। x-अंतःखंड 6 और y-अंतःखंड 4 है, इसलिए क्षेत्रफल = ½ × 6 × 4 = 12 वर्ग इकाई।
वे गलतियाँ जो सब करते हैं
इनसे अंक कटते हैं, इसलिए पहले से सावधान रहिए।
- क्रमित युग्म उलटा लिखना: (2, 3) और (3, 2) अलग बिंदु हैं, पहले x आता है।
- ढाल के सूत्र में बिंदुओं का क्रम गड़बड़ा देना। जो बिंदु अंश में पहले है, वही हर में भी पहले होना चाहिए।
- ax + by = c का ढाल a/b मान लेना। सही −a/b है, चिह्न मायने रखता है।
- समांतर रेखाओं के लिए “अनंत हल” लिख देना, या पहले दो अनुपात बराबर होने पर तीसरा देखना भूल जाना।
- x-अंतःखंड के लिए x = 0 रखना। x-अंतःखंड के लिए y = 0 रखना होता है।
- आलेख से हल पढ़कर उसे दोनों समीकरणों में रखकर जाँचना भूल जाना।
- दोनों अक्षों पर अलग-अलग पैमाना लेना, जिससे ढाल बिगड़ा दिखता है।
- रेखा को छोटा टुकड़ा खींचना। रेखा को दोनों ओर बढ़ाइए, वरना प्रतिच्छेद बिंदु छूट सकता है।
- ऊर्ध्वाधर रेखा को y = mx + c में ज़बरदस्ती बिठाना। उसका ढाल नहीं होता, समीकरण x = k है।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रैखिक समीकरण
आलेख और प्रतिच्छेद बिंदु हमारे रोज़ के कई फ़ैसलों के पीछे छिपे हैं:
- मोबाइल प्लान चुनना: एक में मासिक शुल्क ज़्यादा और प्रति मिनट दर कम, दूसरे में उलटा। आपके इस्तेमाल पर कौन सस्ता है, यह कटान बिंदु बताता है।
- टैक्सी और राइड-शेयर का किराया: बुकिंग शुल्क और प्रति किलोमीटर दर मिलकर एक सरल रेखा बनाते हैं।
- व्यापार का सम-विच्छेद बिंदु: आय की रेखा और लागत की रेखा जहाँ कटती हैं, वहीं से लाभ शुरू होता है।
- सड़क या रैंप की ढलान: ढाल जितना ज़्यादा, चढ़ाई उतनी कठिन, इसीलिए व्हीलचेयर रैंप का ढाल कम रखा जाता है।
- गति: दूरी-समय आलेख में ढाल गति होता है, और दो रेखाओं का मिलना यानी दो यात्री एक ही समय एक ही जगह पर हैं।
- फ़ोन की बैटरी बनाम चलने के घंटे: सीधी रेखा का रुझान देखकर अंदाज़ा लगता है कि बैटरी कितनी देर चलेगी।
परीक्षा की तैयारी: कक्षा 10 (CBSE)
कक्षा 10 के अध्याय “दो चरों वाले रैखिक समीकरण युग्म” में आलेख विधि से हल, अनुपात से संगत-असंगत की पहचान, और प्रतिस्थापन, विलोपन व वज्रगुणन विधियाँ आती हैं। एक या दो अंक के प्रश्न अनुपात देखकर प्रकार पूछते हैं, जैसे “k के किस मान पर निकाय का कोई हल नहीं होगा।”
तीन और चार अंक के प्रश्नों में अक्सर शब्द-समस्या आती है: दो संख्याएँ, किराया, आयु, कलम-कॉपी। उसे दो समीकरणों में बदलकर हल करना होता है। आलेख वाले प्रश्न में पैमाना, अक्षों के नाम और बिंदुओं के नाम लिखना अंक दिलाता है। कभी-कभी रेखाओं और y-अक्ष से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल भी पूछा जाता है।
बहुविकल्पीय के लिए याद रखिए: a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ पर एक हल, तीनों अनुपात बराबर हों तो अनंत, पहले दो बराबर और तीसरा अलग हो तो कोई नहीं। ax + by = c का ढाल −a/b, x-अंतःखंड c/a और y-अंतःखंड c/b है। ऊर्ध्वाधर रेखा का ढाल अपरिभाषित और क्षैतिज रेखा का शून्य होता है।
एक पन्ने में दोहराव
परीक्षा से पहले की रात बस इतना देख लीजिए:
- ax + by = c का आलेख सरल रेखा है। खींचने को दो बिंदु काफ़ी हैं, तीसरा जाँच के लिए।
- ढाल m = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁) = tan θ = −a/b।
- y = mx + c में m ढाल और c, y-अंतःखंड है। x-अंतःखंड के लिए y = 0 रखें।
- समीकरण युग्म का हल दोनों रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु है।
- a₁/a₂ ≠ b₁/b₂: एक हल, संगत, स्वतंत्र।
- a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂: समांतर, कोई हल नहीं, असंगत।
- a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂: संपाती, अनंत हल, आश्रित।
- वज्रगुणन: x = (c₁b₂ − c₂b₁)/D, y = (a₁c₂ − a₂c₁)/D, D = a₁b₂ − a₂b₁।
- ऊर्ध्वाधर रेखा x = k का ढाल अपरिभाषित है। क्षैतिज रेखा y = k का ढाल शून्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दो चरों वाले रैखिक समीकरण युग्म क्या हैं?
एक ही दो अज्ञात राशियों x, y में दो रैखिक समीकरण, जैसे a₁x + b₁y = c₁ और a₂x + b₂y = c₂। इनका हल वह (x, y) है जो दोनों को एक साथ संतुष्ट करे। आलेख में यह दोनों रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु है।
आलेख विधि से समीकरण युग्म कैसे हल करें?
हर समीकरण की मान-तालिका बनाइए, एक ही अक्षों पर दोनों रेखाएँ खींचिए और देखिए वे कहाँ कटती हैं। उस बिंदु के x और y ही हल हैं। अंत में दोनों समीकरणों में रखकर जाँच लीजिए।
ढाल क्या है और कैसे निकालें?
ढाल ऊर्ध्वाधर अंतर और क्षैतिज अंतर का अनुपात है, यानी एक इकाई दाईं ओर चलने पर रेखा कितनी ऊपर उठती है। दो बिंदुओं से m = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁)। ax + by = c से ढाल −a/b है।
अंतःखंड क्या होता है?
रेखा जिस बिंदु पर अक्ष को काटती है, उस बिंदु को अंतःखंड कहते हैं। x = 0 रखने पर y-अंतःखंड मिलता है और y = 0 रखने पर x-अंतःखंड। ax + by = c के लिए ये (0, c/b) और (c/a, 0) हैं।
निकाय का कोई हल कब नहीं होता?
जब a₁/a₂ = b₁/b₂ हो पर c₁/c₂ उनके बराबर न हो। तब दोनों रेखाओं के ढाल बराबर हैं और रेखाएँ अलग हैं, इसलिए वे समांतर हैं और कभी नहीं मिलतीं। ऐसा निकाय असंगत कहलाता है।
अनंत हल कब होते हैं?
जब तीनों अनुपात a₁/a₂, b₁/b₂, c₁/c₂ बराबर हों। तब एक समीकरण दूसरे का गुणज होता है, दोनों रेखाएँ संपाती होती हैं और रेखा का हर बिंदु हल है। निकाय संगत और आश्रित है।
संगत और असंगत निकाय में क्या अंतर है?
संगत निकाय का कम से कम एक हल होता है, असंगत का कोई नहीं। संगत निकाय में ठीक एक हल हो तो वह स्वतंत्र है, और अनंत हल हों तो आश्रित।
ऊर्ध्वाधर रेखा का ढाल कितना होता है?
अपरिभाषित। ऊर्ध्वाधर रेखा के दो बिंदुओं का x समान होता है, इसलिए क्षैतिज अंतर शून्य है और भाग नहीं हो सकता। इसका समीकरण x = k है और x-अक्ष से कोण 90° है। क्षैतिज रेखा का ढाल 0 होता है।
दो बिंदुओं से रेखा का समीकरण कैसे लिखें?
पहले ढाल m = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁) निकालिए, फिर किसी एक बिंदु से y − y₁ = m(x − x₁) लिखिए। जैसे (1, 2) और (4, −4) से y = −2x + 4 मिलता है।
वज्रगुणन विधि क्या है?
a₁x + b₁y = c₁ और a₂x + b₂y = c₂ में D = a₁b₂ − a₂b₁ शून्य न हो तो x = (c₁b₂ − c₂b₁)/D और y = (a₁c₂ − a₂c₁)/D। यह एक ही चरण में दोनों अज्ञात देती है।
इस विषय पर और पढ़ाई
एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।
Textbook
Class 9-10 Mathematics textbook
SSC
SSC Mathematics: syllabus and preparation
SSC
SSC suggestions
SSC
SSC Higher Mathematics: syllabus and preparation
HSC
HSC Higher Mathematics: syllabus and preparation
Textbook
Class 9-10 Higher Mathematics textbook
Admission
Engineering admission test preparation
Admission
Jahangirnagar University mathematical and physical sciences unit
English
Paragraph: Artificial Intelligence
Bangla
রচনা: কৃত্রিম বুদ্ধিমত্তা (बांग्ला में)
HSC
HSC suggestions
Admission
University admission guide
SSC
SSC syllabus
HSC
HSC syllabus
Test prep
GRE Quantitative Reasoning guide
Test prep
Digital SAT Math guide
Scholarship
Scholarships to study abroad
Tool
Compound interest calculator
Career
Data scientist resume example
Career
Cover letter examples
गणित के और एनिमेशन
कक्षा 7 · 10
पाइथागोरस प्रमेय
पाइथागोरस प्रमेय क्या है, सूत्र कर्ण² = आधार² + लंब², प्रमाण, विलोम, पाइथागोरस त्रिक और हल सहित 10 उदाहरण: त्रिभुज खींचकर खुद देखें।
कक्षा 10 · 11
त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त
त्रिकोणमितीय अनुपात क्या है, sin cos tan के मान 0° से 360° तक, मानक कोणों की तालिका, चतुर्थांश के चिह्न और सूत्र: इकाई वृत्त पर बिंदु घुमाकर खुद देखें, हल सहित।
कक्षा 10 · 11
द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़
द्विघात समीकरण क्या है, गुणनखंड और पूर्ण वर्ग विधि, द्विघाती सूत्र, विविक्तकर से मूलों की प्रकृति, शीर्ष और परवलय का ग्राफ़: एनिमेशन में खुद बदलकर देखें।
कक्षा 9 · 10
वृत्त के प्रमेय
वृत्त के सभी प्रमेय: केंद्र पर कोण, एक ही वृत्तखंड के कोण, अर्धवृत्त में कोण, चक्रीय चतुर्भुज, जीवा और स्पर्श रेखा। उपपत्ति, हल उदाहरण और इंटरैक्टिव चित्र।
कक्षा 10
ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण
उन्नयन कोण और अवनमन कोण का मतलब क्या है, ऊँचाई-दूरी का सूत्र कैसे काम करता है, और बिना नापे मीनार की ऊँचाई दो बार का कोण देखकर कैसे निकाली जाती है — इंटरैक्टिव सिमुलेशन और हल सहित।
कक्षा 10 · 11
प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता
प्रायिकता किसे कहते हैं, प्रतिदर्श समष्टि और सूत्र P(E) = n(E)/n(S) कैसे काम करता है, और बार-बार उछालने पर प्रयोगसिद्ध दर सैद्धांतिक प्रायिकता के कितने पास आ जाती है — सिक्के, पासे और रंगीन गेंदों के इंटरैक्टिव सिमुलेशन में।
कक्षा 10 · 11
समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी
समांतर श्रेढ़ी और गुणोत्तर श्रेढ़ी के n-वें पद व योग के सूत्र, गाउस की जोड़ी तकनीक और अनंत श्रेढ़ी के सूत्र a/(1−r) को बार-चार्ट एनिमेशन में स्वयं बदलकर समझें, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 10
माध्य, माध्यिका और बहुलक
माध्य, माध्यिका और बहुलक निकालने के सूत्र, अपवाद (आउटलायर) मिलने पर माध्यिका क्यों नहीं बदलती जबकि माध्य बहुत बदल जाता है, और वर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका-बहुलक सूत्र: संख्या रेखा पर बिंदु खींचकर स्वयं देखें, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 11
समुच्चय और वेन आरेख
सम्मिलन, सर्वनिष्ठ, अंतर और पूरक को वेन आरेख में रंगकर देखें, संख्याएँ रखें, n(A ∪ B) सूत्र जाँचें और डी मॉर्गन के नियम परखें, हल किए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 11
sin, cos, tan के आलेख
स्लाइडर से y = A sin(Bx + C) + D बनाएँ: आयाम, आवर्तकाल, कला विस्थापन, परिसर और tan के अनंतस्पर्शी खुद देखें। त्रिकोणमितीय फलन के आलेख, हल सहित।
कक्षा 10
पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण
टाइलों से पूर्ण वर्ग बनाने की विधि देखें, द्विघात समीकरण के मूल और शीर्ष निकालें और जानें कि सूत्र क्यों काम करता है। मुफ़्त सिमुलेशन, हल किए उदाहरणों सहित।
कक्षा 10
वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न
वृत्त को टुकड़ों में काटकर आयत बनाओ और देखो कि क्षेत्रफल πr² कैसे बनता है। परिधि, पाई, त्रिज्यखंड, चाप और हल किए प्रश्नों वाला मुफ़्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन।
कक्षा 8 · 10
ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला
छह ठोसों को 3D में घुमाइए, जाल खोलकर देखिए और शंकु का पानी बेलन में उड़ेलकर समझिए कि वह ठीक तीन बार में क्यों भरता है। सूत्रों और हल किए प्रश्नों के साथ निःशुल्क सिमुलेशन।
कक्षा 10
समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई
स्लाइडर से त्रिभुज को बड़ा-छोटा करें और देखें कि कोण बराबर रहते हैं, भुजाओं का अनुपात k रहता है और क्षेत्रफल k² गुना होता है। AA, SSS, SAS नियमों और छाया के सवालों वाला मुफ़्त सिमुलेशन।
कक्षा 9 · 10
निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ
ग्रिड पर बिंदु खींचकर देखें कि दूरी सूत्र, मध्य-बिंदु, ढाल और विभाजन सूत्र कैसे बदलते हैं। लंब समद्विभाजक बिंदुपथ और हल किए प्रश्नों वाला मुफ़्त निर्देशांक ज्यामिति सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय
द्वि-शंकु के आर-पार तल को झुकाइए और देखिए वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय या अतिपरवलय कैसे बनता है। मानक समीकरण, नाभि और उत्केंद्रता के साथ मुफ़्त सिमुलेशन और हल किए हुए प्रश्न।
कक्षा 10 · 11
फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना
x², |x|, √x, sin x या 2^x चुनिए और a, b, h, k के स्लाइडर खींचिए। देखिए ग्राफ़ कैसे खिसकता, खिंचता, सिकुड़ता और पलटता है, पीछे फीके मूल ग्राफ़ के साथ। मुफ़्त सिमुलेशन और हल किए हुए प्रश्न।
कक्षा 11 · 12
अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक
x², x³, sin x, eˣ या 1/x पर बिंदु P खींचिए और अंतर h को शून्य की ओर घटाइए। देखिए छेदक कैसे स्पर्श रेखा बनती है और उसकी ढाल अवकलज, नीचे अवकलज का ग्राफ़ भी। निःशुल्क सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल
x², x³, sin x, eˣ या √x के नीचे के क्षेत्रफल को 100 तक पट्टियों में बाँटिए और बायाँ, दायाँ, मध्य बिंदु व समलंब योग की तुलना सटीक समाकलन से कीजिए। त्रुटि घटते देखिए। निःशुल्क सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए
ε–δ परिभाषा से सीमा को आँखों से देखिए। फलन चुनिए, ε घटाइए और δ पट्टी को सिकुड़ते देखिए। बाएँ-दाएँ सीमा, छेद, sin x / x और छलाँग, जहाँ कोई δ नहीं चलता। मुफ़्त सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन
दो त्रिविमीय सदिशों को खींचकर घुमाइए। योग समांतर चतुर्भुज बनकर, डॉट गुणन छाया और कोण बनकर, क्रॉस गुणन लंब तीर बनकर दिखेगा, जिसकी लंबाई क्षेत्रफल है। मुफ़्त सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक
2×2 आव्यूह बदलकर देखिए कि जाली, इकाई वर्ग और एक F-आकृति कैसे चलते हैं। î और ĵ कहाँ जाते हैं, सारणिक कैसे चिह्नित क्षेत्रफल है, और व्युत्क्रम। मुफ़्त सिमुलेशन।
कक्षा 11 · 12
सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल
आर्गंड तल पर दो सम्मिश्र संख्याएँ खींचिए। योग समांतर चतुर्भुज बनकर, गुणनफल घुमाव और खिंचाव बनकर, संयुग्मी, घात सर्पिल बनकर और इकाई के मूल दिखेंगे। मुफ़्त सिमुलेशन।
कक्षा 9 · 12
बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़
बिट पलटिए और देखिए दशमलव, बाइनरी, ऑक्टल व हेक्स साथ बदलते हैं। 2 से भाग, 3-4 बिट के समूह और कैरी वाला बाइनरी जोड़, हल किए उदाहरणों के साथ। मुफ़्त सिमुलेशन।
अन्य विषयों के एनिमेशन
भौतिकी
प्रकाश का अपवर्तन
भौतिकी
ओम का नियम
भौतिकी
प्रक्षेप्य गति
भौतिकी
सरल लोलक
भौतिकी
विद्युत क्षेत्र
भौतिकी
तरंगों का व्यतिकरण
भौतिकी
मुक्त पतन
भौतिकी
लेंस द्वारा प्रतिबिंब
भौतिकी
न्यूटन के गति के नियम
भौतिकी
गोलीय दर्पण किरण आरेख
भौतिकी
विद्युत चुंबकीय प्रेरण
भौतिकी
संवेग संरक्षण और संघट्ट
भौतिकी
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
भौतिकी
आनत तल
भौतिकी
एकसमान वृत्तीय गति
भौतिकी
अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग
भौतिकी
उत्तोलक और आघूर्ण
भौतिकी
द्रव्यमान केंद्र
भौतिकी
कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति
भौतिकी
सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम
भौतिकी
सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना
भौतिकी
केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा
भौतिकी
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह
भौतिकी
तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें
भौतिकी
अनुनाद नली और ध्वनि की चाल
भौतिकी
विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन
भौतिकी
डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम
भौतिकी
प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष
भौतिकी
किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम
भौतिकी
व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु
भौतिकी
एकल झिरी से विवर्तन
भौतिकी
आँख के दोष और उनका निवारण
भौतिकी
प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम
भौतिकी
संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक
भौतिकी
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका
भौतिकी
एसी जनित्र
भौतिकी
ट्रांसफ़ॉर्मर
भौतिकी
ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण
भौतिकी
प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव
भौतिकी
मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर
भौतिकी
गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल
भौतिकी
अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी
भौतिकी
रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता
भौतिकी
बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम
रसायन विज्ञान
परमाणु की संरचना
रसायन विज्ञान
अम्ल, क्षारक और pH मान
रसायन विज्ञान
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
रसायन विज्ञान
गैस नियम: बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक, आवोगाद्रो और PV = nRT
रसायन विज्ञान
आयनिक बंध कैसे बनता है
रसायन विज्ञान
वैद्युत अपघटन और फैराडे के नियम
रसायन विज्ञान
सहसंयोजक बंध
रसायन विज्ञान
आवर्त सारणी की आवर्तिता
रसायन विज्ञान
अभिक्रिया की दर और संघट्ट सिद्धांत
रसायन विज्ञान
द्रव्य की अवस्थाएँ: ठोस, द्रव, गैस और तापन वक्र
रसायन विज्ञान
परमाणु कक्षक: s, p, d के आकार, क्वांटम संख्याएँ और नोड
रसायन विज्ञान
आणविक आकृतियाँ और VSEPR सिद्धांत: आबंध युग्म, एकाकी युग्म और कोण
रसायन विज्ञान
मोल अवधारणा: मोलर द्रव्यमान, आवोगाद्रो संख्या और मोलर आयतन
रसायन विज्ञान
विसरण और निःस्राव: ग्राहम का नियम
रसायन विज्ञान
रासायनिक समीकरण संतुलन: विधि, उदाहरण और अभ्यास
रसायन विज्ञान
रासायनिक साम्य: साम्य स्थिरांक Kc और ले शातेलिए का सिद्धांत
रसायन विज्ञान
अनुमापन: ब्यूरेट और सूचक से अज्ञात सांद्रता निकालना
रसायन विज्ञान
गैल्वेनिक सेल: डेनियल सेल, EMF और नर्स्ट समीकरण
रसायन विज्ञान
ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ: ऑक्सीकरण संख्या, इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण और अर्ध-अभिक्रिया
रसायन विज्ञान
हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन और संरचनात्मक समावयवी 3D में
रसायन विज्ञान
प्रकार्यात्मक समूह: ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड, कीटोन, अम्ल, एस्टर और ऐमीन
रसायन विज्ञान
बहुलकीकरण: योगात्मक और संघनन बहुलक, पॉलिथीन और नायलॉन
रसायन विज्ञान
मिश्रण अलग करने की विधियाँ: निस्यंदन, आसवन, क्रोमैटोग्राफी, क्रिस्टलन
रसायन विज्ञान
क्रिस्टल जालक: SC, BCC और FCC एकक कोष्ठिका, संकुलन क्षमता और घनत्व
रसायन विज्ञान
रेडियोएक्टिवता: अल्फ़ा, बीटा, गामा क्षय और अर्ध-आयु
जीव विज्ञान
समसूत्री कोशिका विभाजन
जीव विज्ञान
विसरण और परासरण
जीव विज्ञान
प्रकाश संश्लेषण
जीव विज्ञान
मानव हृदय की संरचना और कार्य
जीव विज्ञान
मेंडल के आनुवंशिकता नियम
जीव विज्ञान
डीएनए प्रतिकृति
जीव विज्ञान
कोशिकीय श्वसन
जीव विज्ञान
एंजाइम क्रिया
जीव विज्ञान
तंत्रिका आवेग और एक्शन पोटेंशियल
जीव विज्ञान
नेफ्रॉन और मूत्र निर्माण की प्रक्रिया
जीव विज्ञान
अर्धसूत्री विभाजन (मियोसिस)
जीव विज्ञान
पाचन तंत्र
जीव विज्ञान
श्वसन क्रियाविधि: अंतःश्वसन और उच्छ्वसन
जीव विज्ञान
प्रोटीन संश्लेषण
जीव विज्ञान
रक्त परिसंचरण: दोहरा परिसंचरण और हृदय निर्गम
जीव विज्ञान
कोशिका की संरचना और कोशिकांग: पादप कोशिका बनाम जंतु कोशिका
जीव विज्ञान
प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप
जीव विज्ञान
मानव नेत्र: संरचना, प्रतिबिंब और समंजन
जीव विज्ञान
पेशी संकुचन और स्लाइडिंग-फ़िलामेंट मॉडल
जीव विज्ञान
पौधों में परिवहन: जाइलम, फ्लोएम और वाष्पोत्सर्जन
जीव विज्ञान
खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल: ऊर्जा प्रवाह और 10 % नियम
जीव विज्ञान
जनसंख्या वृद्धि: चरघातांकी और लॉजिस्टिक वक्र
जीव विज्ञान
प्राकृतिक चयन: पेप्पर्ड मॉथ और कालिख वाला पेड़
जीव विज्ञान
प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया
जीव विज्ञान






















