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बगल की रेलगाड़ी धीमी क्यों लगती है, और तैराक नदी को कैसे मात देता है?

सापेक्ष वेग का मतलब है, एक चीज़ का वेग, दूसरी चीज़ की नज़र से। साथ-साथ चलती दो रेलगाड़ियाँ, नदी में नाव, डिब्बे में चलता यात्री, सब एक ही विचार हैं, यानी सदिशों का घटाव। इस पाठ में तुम दोनों क्लासिक स्थितियाँ खुद चला सकोगे, दो रेलगाड़ियों का एक-दूसरे को पार करना और धारा के विरुद्ध तैराक का नदी पार करना, और देखोगे कि किताब के सूत्र की हर संख्या कहाँ से आती है।

रेलगाड़ी Aरेलगाड़ी Bआमने-सामने का हिस्सा
गति

नियंत्रण

कौन-सा दृश्य

रेलगाड़ियों की दिशा

किसकी नज़र से देखें

20 m/s
15 m/s
150 m
100 m
60 m

मापन

सापेक्ष चाल
35.0m/s
सापेक्ष चाल (km/h)
126.0
कुल लंबाई, L₁ + L₂
250m
पूरी तरह पार होने का समय
7.14s
इस नज़र से B का वेग
-35.0m/s

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. “दो रेलगाड़ियाँ” दृश्य से शुरू करो। डिफ़ॉल्ट में A 20 m/s पर और B 15 m/s पर, उलटी दिशा में। सापेक्ष चाल 35 m/s दिखती है, यानी 126 km/h।
  2. दिशा को “एक ही दिशा में” कर दो। सापेक्ष चाल घटकर दोनों चालों के अंतर पर आ जाती है। B को A से धीमा कर दो तो पार होने का समय “कभी नहीं” हो जाता है।
  3. “रेलगाड़ी A की नज़र से” चुनो। A स्क्रीन पर रुक जाती है और मील के पत्थर पीछे खिसकने लगते हैं। B ठीक सापेक्ष वेग से चलती दिखती है।
  4. अब “नदी पार करना” दृश्य खोलो। कोण शून्य रखकर बहाव देखो: सीधे सामने की ओर मुँह करने पर भी सीधे सामने नहीं पहुँचते।
  5. लक्ष्य “सबसे छोटा रास्ता” चुनो। तैराक sin θ = u/v कोण पर धारा की ओर झुक जाता है और पहुँचने का बिंदु हरी बिंदीदार रेखा पर आ जाता है।
  6. धारा की चाल को तैराक की चाल से ऊपर कर दो। सीधा पार होना तब “संभव नहीं” हो जाता है, और रीडिंग में दिखता है कि कम से कम कितना बहना पड़ेगा।

बगल की रेलगाड़ी पीछे क्यों खिसकती लगती है

तुम स्टेशन पर रेलगाड़ी में बैठे हो। बगल की पटरी की गाड़ी चल पड़ती है, और एक पल को लगता है कि तुम्हारी अपनी गाड़ी पीछे खिसक रही है। फिर प्लेटफ़ॉर्म की ओर देखते हो, वह स्थिर है, और अहसास टूट जाता है। हुआ क्या था? तुम्हारे देखने की जगह के सिवा कुछ नहीं हिला था।

यह छोटा-सा झटका ही पूरा विषय है। गति कभी शून्य के सापेक्ष नहीं नापी जाती। किसी चीज़ के सापेक्ष नापी जाती है: ज़मीन, कोई रेलगाड़ी, नदी का पानी। वह चीज़ बदलो तो उसी यात्रा की चाल बदल जाती है। भौतिकी इसे सापेक्ष वेग कहती है।

परीक्षा में यह क्यों ज़रूरी है? क्योंकि दो तरह के सवाल बार-बार आते हैं। एक में दो रेलगाड़ियाँ एक-दूसरे को पार करती हैं और समय निकालना होता है। दूसरे में तैराक या नाव नदी पार करती है और समय, बहाव या कोण निकालना होता है। दिखने में अलग, भीतर से एक ही घटाव।

वेग इस पर निर्भर है कि देख कौन रहा है

दो वस्तुएँ A और B लो, दोनों ज़मीन के सापेक्ष नापी गई हैं। B के सापेक्ष A का वेग है v(A, B के सापेक्ष) = v(A) − v(B)। शब्दों में: A जो कर रही है वह लो, फिर B जो कर रही है वह हटा दो। अगर तुम B के साथ चल रहे हो तो तुम्हारी नज़र में B की कोई गति नहीं है, इसलिए बाकी हर चीज़ से भी B की गति घट जाती है।

सरल रेखा में दिशा की जगह चिह्न आ जाते हैं। दायाँ धनात्मक मानो। दाएँ 20 m/s से जाती गाड़ी का वेग +20, बाएँ 15 m/s से जाती गाड़ी का −15। तो B से देखने पर A का वेग 20 − (−15) = 35 m/s। चिह्न ने काम कर दिया, इसलिए “जोड़ूँ या घटाऊँ” का अंदाज़ा लगाने की जगह हमेशा चिह्न लिखो।

समरूपता पर ध्यान दो। A से देखने पर B का वेग ठीक उलटा, −35 m/s। चाल वही, दिशा उलटी। यही स्वाभाविक है: दूसरी गाड़ी तुम्हारी ओर 35 m/s से आ रही है तो तुम भी उसकी ओर 35 m/s से जा रहे हो।

v(A, B के सापेक्ष) = v(A) − v(B)B की नज़र से A का वेग, चिह्न सहित

v(B, A के सापेक्ष) = −v(A, B के सापेक्ष)देखने वाला बदलो तो चिह्न पलट जाता है

v(A, ज़मीन के सापेक्ष) = v(A, B के सापेक्ष) + v(B, ज़मीन के सापेक्ष)बीच के तंत्र से वेग जोड़ना

वे शब्द जो आने ही चाहिए

इस विषय के लगभग हर सवाल में ये शब्द आते हैं। अर्थ और मात्रक साथ-साथ याद रखो।

शब्दसरल अर्थमात्रक
सापेक्ष वेगएक वस्तु का वेग, दूसरी की नज़र सेm/s
निर्देश तंत्रवह दर्शक जिसके सापेक्ष गति नापी जाती है (ज़मीन, गाड़ी, पानी)कोई नहीं
सापेक्ष चालसापेक्ष वेग का परिमाण, दिशा छोड़करm/s
मुख का कोण, θसीधे सामने की रेखा से तैराक जिस कोण पर मुँह करता हैडिग्री
बहावधारा तुम्हें किनारे के साथ जितना बहा ले जाती हैm
परिणामी वेगतैराक और धारा के वेगों का सदिश योग, किनारे से देखा गयाm/s
पार होने का समयपहली मुठभेड़ से गाड़ियों के पिछले सिरे अलग होने तकs

दो रेलगाड़ियाँ: एक ही दिशा या उलटी दिशा

नियम एक पंक्ति में। उलटी दिशा में चलें तो चालें जुड़ती हैं। एक ही दिशा में चलें तो चालें घटती हैं। बस। यह ऊपर के सूत्र से ही निकलता है: दोनों वेगों के चिह्न या तो एक होते हैं या अलग।

अनुभव से मेल खाता है? हाइवे पर सामने से आती बस के पास से गुज़रो तो वह बिजली की तरह निकल जाती है। और अपनी ही दिशा में चलते धीमे ट्रक को ओवरटेक करो तो लगता है कि सदियों से उसके बगल में रेंग रहे हो। ट्रक धीमा इसलिए दिखता है कि तुम लगभग उसी की चाल से चल रहे हो।

सारणी में चाल के चार जोड़े हैं। हर संख्या कोड में निकाली गई है, उसी सूत्र से जिसे सिमुलेशन चलाता है, इसलिए कोई भी जोड़ा स्लाइडर में डालकर रीडिंग मिला सकते हो। तीसरी पंक्ति देखो: एक ही दिशा में बराबर चाल की दो गाड़ियों की सापेक्ष चाल शून्य है। कोई किसी को पार नहीं करती, और सिमुलेशन कहता है “कभी नहीं”।

डिफ़ॉल्ट में A = 20 m/s, B = 15 m/s, उलटी दिशा। सापेक्ष चाल 20 + 15 = 35 m/s। अहसास के लिए बदलो: 35 m/s यानी 126 km/h। इसीलिए क्रॉसिंग पर दो गाड़ियाँ इतनी डरावनी तेज़ लगती हैं।

A की चाल (m/s)B की चाल (m/s)एक ही दिशा: सापेक्ष चाल (m/s)उलटी दिशा: सापेक्ष चाल (m/s)
2015535
30102040
2525050
40152555

पार होने का समय: लंबाइयाँ जोड़ो

पार होने में कितना समय लगता है? उस पल से गिनो जब दोनों के अगले सिरे मिलते हैं, उस पल तक जब दोनों के पिछले सिरे एक-दूसरे को छोड़ते हैं। इस दौरान गाड़ियों को एक-दूसरे के सामने से दोनों लंबाइयों के योग जितना खिसकना पड़ता है। इसलिए समय = कुल लंबाई ÷ सापेक्ष चाल।

लंबाइयाँ जोड़ें क्यों? सोचो तुम गाड़ी A पर खड़े हो। गाड़ी B सापेक्ष चाल से तुम्हारे पास से निकल रही है। उसकी पूरी लंबाई और तुम्हारी अपनी गाड़ी की पूरी लंबाई निकल जाए, तभी पार होना पूरा होता है। यानी L₁ + L₂, हर गाड़ी की एक।

डिफ़ॉल्ट जोड़े में कुल लंबाई 150 + 100 m है और सापेक्ष चाल 35 m/s, इसलिए पार होने में 7.14 s लगते हैं। इसे “पूरी तरह पार होने का समय” रीडिंग से मिला लो। दोनों पटरियों के बीच की छायादार पट्टी ठीक वही हिस्सा दिखाती है जहाँ डिब्बे साथ-साथ हैं।

यही सूत्र प्लेटफ़ॉर्म, पुल या खंभा पार करने पर भी लगता है। प्लेटफ़ॉर्म हिलता नहीं, इसलिए सापेक्ष चाल सिर्फ़ गाड़ी की अपनी चाल है। खंभे की लंबाई नहीं होती, इसलिए सिर्फ़ गाड़ी की लंबाई गिनो। एक ही विचार, तीन पोशाकों में।

t = (L₁ + L₂) ÷ v(सापेक्ष)दो गाड़ियों के पूरी तरह पार होने का समय

v(सापेक्ष) = v₁ + v₂ (उलटी दिशा)चालें जुड़ती हैं

v(सापेक्ष) = |v₁ − v₂| (एक ही दिशा)चालें घटती हैं, तेज़ गाड़ी ओवरटेक करती है

t = (L + प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई) ÷ vप्लेटफ़ॉर्म या पुल पार करना

गाड़ी A पर बैठकर देखो: दुनिया घूम जाती है

सिमुलेशन में “रेलगाड़ी A की नज़र से” दृश्य चुनो। A स्क्रीन पर रुक जाती है। ज़मीन में गड़े मील के पत्थर अब A की चाल से पीछे खिसकते हैं। गाड़ी B सापेक्ष वेग से चलती है।

सवाल आसान करने की यही तरकीब है। दो चलती गाड़ियाँ सँभालने की जगह खुद को एक के साथ चिपका लो और हर चीज़ से उसका वेग घटा दो। अब एक गाड़ी स्थिर है, दूसरी की बस एक चाल है। दो पिंडों की समस्या एक पिंड की समस्या बन गई।

“एक ही दिशा में” वाली स्थिति में आज़माओ। ज़मीन की नज़र में दोनों गाड़ियाँ दाएँ जा रही हैं, एक ज़रा तेज़। A की नज़र में सिर्फ़ B चलती है, धीमे-धीमे, जैसे पीछे से रेंगकर चढ़ रही हो। B के नीचे का तीर वही वेग दिखाता है, और “इस नज़र से B का वेग” रीडिंग में चिह्न सहित मान है।

तैराक के पास एक साथ दो वेग होते हैं

अब नदी। जो तैराक शांत पानी में v चाल से तैर सकता है, वह कूदता है, और नदी खुद u चाल से बह रही है। पानी तैराक को बहा ले जाता है और तैराक पानी के भीतर से आगे ठेलता है। किनारे से देखो तो दोनों गतियाँ साथ-साथ होती हैं, इसलिए वेग सदिश की तरह जुड़ते हैं।

तैराक सीधे सामने की रेखा से धारा की ओर θ कोण पर मुँह करता है। उसके अपने वेग के दो भाग करो। नदी के आर-पार v cos θ। नदी के साथ-साथ धारा की ओर उलटा v sin θ। धारा नीचे की ओर u जोड़ती है। इसलिए आर-पार चाल v cos θ और किनारे के साथ चाल u − v sin θ।

दोनों दिशाएँ कभी एक-दूसरे के रास्ते में नहीं आतीं। पार होने का समय सिर्फ़ आर-पार वाले घटक पर निर्भर है, क्योंकि सामने वाले किनारे की ओर कितनी तेज़ी से बढ़ रहे हो, इसमें धारा का कोई हाथ नहीं। बहाव इस पर निर्भर है कि तुमने कितना समय लिया और किनारे के साथ कितनी तेज़ी से बहे।

सिमुलेशन के नीचे दाएँ कोने का सदिश त्रिभुज यही दिखाता है: हरा तीर पानी में तैराक का वेग, नीला तीर धारा, और शुरुआत से नीले तीर की नोक तक का लाल तीर ज़मीन के सापेक्ष असली वेग।

v(आर-पार) = v cos θनदी के पार जाने में सिर्फ़ तैराक का योगदान

v(साथ-साथ) = u − v sin θधारा में से तैराक का धारा-विरुद्ध भाग घटा दो

t = W ÷ (v cos θ)W चौड़ी नदी पार करने का समय

बहाव = (u − v sin θ) · tकिनारे पहुँचते-पहुँचते धारा के साथ कितना बहे

सबसे कम समय या सबसे छोटा रास्ता

ये दो अलग लक्ष्य हैं, और दोनों के लिए कोण भी अलग। सबसे कम समय के लिए आर-पार वाला घटक सबसे बड़ा चाहिए, इसलिए सीधे सामने मुँह करो, θ = 0। धारा कितनी भी तेज़ हो, समय W ÷ v। कीमत है बहाव: धारा तुम्हें नीचे की ओर बहा ले जाएगी।

सबसे छोटे रास्ते के लिए ठीक शुरुआत के सामने उतरना है, यानी बहाव शून्य। इसके लिए धारा को काटना होगा: u − v sin θ = 0, यानी sin θ = u ÷ v। धारा की ओर मुँह करो। कीमत समय में चुकानी पड़ती है, क्योंकि अब मेहनत का एक हिस्सा आर-पार नहीं जा रहा।

डिफ़ॉल्ट नदी लो: चौड़ाई 100 m, तैराक 4 m/s, धारा 2 m/s। सीधे सामने मुँह करने पर 25.0 s लगते हैं और धारा के साथ 50.0 m आगे उतरते हो। बहाव-शून्य कोण धारा की ओर 30.0 डिग्री है और समय 28.9 s, क्योंकि आर-पार काम की चाल √(4² − 2²) = 3.46 m/s है।

नीचे की सारणी उसी नदी में कोण बदलकर दिखाती है। धारा की ओर जितना झुकोगे, समय बढ़ता ही जाता है। बहाव घटते-घटते बहाव-शून्य कोण पर शून्य हो जाता है; उससे आगे झुको तो तुम धारा की ओर ज़रूरत से ज़्यादा चढ़ जाते हो और बहाव ऋणात्मक हो जाता है। ज़मीन के सापेक्ष चाल लाल तीर की लंबाई है।

कम समय: θ = 0, t = W ÷ vसीधे सामने मुँह; बहाव = uW ÷ v

कम बहाव: sin θ = u ÷ v (v > u)शुरुआत के ठीक सामने उतरना

t = W ÷ √(v² − u²)सबसे छोटे रास्ते से पार होने का समय

मुख का कोण θ (डिग्री)पार होने का समय (s)बहाव (m)ज़मीन के सापेक्ष चाल (m/s)
025.050.04.47
1025.433.14.15
2026.616.83.81
3028.90.03.46
4032.6-18.63.12

जब तैराक धारा से कमज़ोर हो

अगर धारा तैराक से तेज़ हो, u > v? तब sin θ = u ÷ v एक से बड़ा आता, जो असंभव है। कोई भी कोण बहाव नहीं काट सकता। तैराक हमेशा शुरुआत के बिंदु से आगे धारा की दिशा में उतरेगा। “सीधे सामने का कोण” रीडिंग “संभव नहीं” कहती है, और सिमुलेशन उसकी जगह सबसे कम बहाव दिखाता है।

सबसे कम बहाव निकालने की सुंदर तरकीब है: परिणामी को त्रिभुज की इजाज़त के भीतर सीधे सामने के जितना पास हो सके रखना है। सबसे अच्छे कोण पर sin θ = v ÷ u और सबसे कम बहाव W√(u² − v²) ÷ v। नीचे के आख़िरी हल किए सवाल में दिखेगा कि फिर भी वह नदी की चौड़ाई से ज़्यादा दूर धारा के साथ उतरता है।

आज़माओ: तैराक को 1 m/s और धारा को 3 m/s करो, “सबसे छोटा रास्ता” चुनो, और देखो कि लाल रास्ता नीचे की ओर कितना झुका है, जबकि तैराक धारा के विरुद्ध लगभग बगल की ओर मुँह किए है।

sin θ = v ÷ u (v < u)सबसे कम बहाव का कोण

न्यूनतम बहाव = W√(u² − v²) ÷ vसंभव सबसे कम बगल में खिसकना

हल किए हुए सवाल

सात सवाल, सबसे आसान से लेकर उस तक जो लोगों को चकमा देता है। हर संख्या उसी सूत्र से निकाली गई है जिससे सिमुलेशन चलता है, इसलिए स्लाइडर में डालकर सब मिला सकते हो।

सवाल 1: आमने-सामने दो रेलगाड़ियाँ

गाड़ी A की लंबाई 150 m है, चाल 72 km/h। गाड़ी B की लंबाई 100 m है, बगल की पटरी पर उलटी दिशा में 54 km/h पर चलती है। पूरी तरह पार होने में कितना समय लगेगा?

पहले 3.6 से भाग देकर m/s करो: A 20 m/s और B 15 m/s। उलटी दिशा, इसलिए चालें जोड़ो: 20 + 15 = 35 m/s। कुल लंबाई 150 + 100 = 250 m।

समय = 250 ÷ 35 = 7.14 s।

सवाल 2: ओवरटेक

200 m लंबी एक गाड़ी 54 km/h पर चलती है। उसके पीछे 100 m लंबी दूसरी गाड़ी उसी दिशा में 90 km/h पर चलती है। तेज़ गाड़ी को ओवरटेक करने में कितना समय लगेगा, और उस दौरान हर गाड़ी कितनी दूर जाएगी?

m/s में गाड़ियाँ 15 और 25 हैं। एक ही दिशा, इसलिए घटाओ: 25 − 15 = 10 m/s। जितनी दूरी पाटनी है 200 + 100 = 300 m। समय = 300 ÷ 10 = 30 s।

तेज़ गाड़ी 25 × 30 = 750 m चलती है, धीमी 15 × 30 = 450 m। दोनों का अंतर 300 m, ठीक कुल लंबाई। अच्छी जाँच।

सवाल 3: चलती गाड़ी के भीतर चलना

एक गाड़ी 20 m/s पर चल रही है। एक यात्री डिब्बे में गाड़ी के सापेक्ष 1.5 m/s से चल रहा है। ज़मीन के सापेक्ष उसकी चाल क्या है?

आगे की ओर चले तो: 20 + 1.5 = 21.5 m/s। पीछे की ओर चले तो: 20 − 1.5 = 18.5 m/s। बीच के तंत्र, यानी गाड़ी, से होकर वेग जुड़े।

सवाल 4: गाड़ी और प्लेटफ़ॉर्म

200 m लंबी गाड़ी 72 km/h पर चलती है। 300 m लंबा प्लेटफ़ॉर्म पार करने में कितना समय लगेगा, और एक सिग्नल खंभा पार करने में?

चाल = 72 ÷ 3.6 = 20 m/s। प्लेटफ़ॉर्म: (200 + 300) ÷ 20 = 25 s। खंभा: सिर्फ़ गाड़ी की अपनी लंबाई, 200 ÷ 20 = 10 s।

सवाल 5: नदी सबसे कम समय में पार

शांत पानी में 5 m/s से तैरने वाली एक तैराक 120 m चौड़ी नदी पार कर रही है, धारा 3 m/s। वह सीधे सामने की ओर मुँह करती है। समय, बहाव और ज़मीन के सापेक्ष चाल निकालो।

समय = 120 ÷ 5 = 24 s। बहाव = 3 × 24 = 72 m। ज़मीन के सापेक्ष चाल = √(5² + 3²) = 5.83 m/s।

सवाल 6: वही नदी, ठीक सामने उतरना

अब वह ठीक सामने के किनारे पर उतरना चाहती है। कोण और समय निकालो।

sin θ = 3 ÷ 5, इसलिए θ = धारा की ओर 36.87 डिग्री। आर-पार चाल √(5² − 3²) = 4 m/s, इसलिए t = 120 ÷ 4 = 30 s। सवाल 5 से 6 s ज़्यादा: ठीक सामने उतरने की कीमत।

सवाल 7: धारा से कमज़ोर तैराक

2 m/s से तैरने वाली तैराक 60 m चौड़ी नदी पार करना चाहती है, धारा 3 m/s। क्या वह ठीक सामने उतर सकती है? सबसे कम बहाव कितना?

नहीं, क्योंकि v < u। सीधे सामने मुँह करने पर 90 m बह जाती। सबसे अच्छे कोण पर sin θ = 2 ÷ 3, यानी 41.8 डिग्री। सबसे कम बहाव 60 × √(3² − 2²) ÷ 2 = 67.1 m, समय 40.2 s।

जिन गलतियों से अंक कटते हैं

परीक्षा से पहले यह सूची एक बार देख लो। हर गलती पर किसी न किसी के सचमुच अंक कटे हैं।

  • लंबाई मीटर में हो तो km/h को m/s में न बदलना। 3.6 से भाग दो, या सब कुछ km में रखो।
  • एक ही दिशा के ओवरटेक में चालें जोड़ देना। एक ही दिशा मतलब घटाना।
  • दो गाड़ियों के पार होने में सिर्फ़ एक की लंबाई लेना। दोनों की चाहिए।
  • खंभा पार करने में लंबाइयाँ जोड़ना। खंभे की लंबाई नहीं होती।
  • नदी के सवाल में धुरियाँ गड्डमड्ड कर देना: समय सिर्फ़ आर-पार वाले घटक से आता है।
  • v < u होने पर sin θ = u ÷ v लिखना। वह कोण होता ही नहीं।
  • θ को किनारे से नापना, सीधे सामने की रेखा से नहीं। उत्तर में लिखो कि किस रेखा से नापा।

सापेक्ष वेग और कहाँ मिलता है

चलती बस से बारिश तिरछी दिखती है, जबकि वह सीधे नीचे गिरती है: तुम्हारे सापेक्ष बारिश का वेग उसका अपना वेग घटा बस का वेग है। पायलट तैराक वाला ही त्रिभुज इस्तेमाल करते हैं, धारा की जगह हवा होती है, और रास्ता पकड़े रखने के लिए विमान की नाक को हवा की ओर झुकाते हैं।

सड़क पर आमने-सामने की टक्कर की भयावहता भी यहीं से समझ आती है। दोनों गाड़ियाँ 15 m/s से एक-दूसरे की ओर आएँ तो टक्कर की चाल 30 m/s है, क्योंकि चोट की चाल ही सापेक्ष चाल है। यह विचार खगोल विज्ञान में भी आता है, और आगे आइंस्टाइन के सापेक्षता सिद्धांत में, जहाँ बहुत ऊँची चालों पर यह सीधा घटाव सुधारना पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरल शब्दों में सापेक्ष वेग क्या है?

एक वस्तु का वेग, दूसरी वस्तु की नज़र से। इसे देखने वाले का वेग वस्तु के वेग में से घटाकर निकालते हैं, सरल रेखा में दिशा के लिए चिह्न लेकर।

दो रेलगाड़ियों की सापेक्ष चाल कैसे निकालें?

उलटी दिशा में चलें तो दोनों चालें जोड़ो। एक ही दिशा में चलें तो बड़ी में से छोटी घटाओ। पहले दोनों को एक ही मात्रक में ले आओ।

दो रेलगाड़ियों के एक-दूसरे को पार करने का समय कैसे निकालें?

दोनों लंबाइयों के योग को सापेक्ष चाल से भाग दो। गिनती उस पल से करो जब अगले सिरे मिलते हैं, उस पल तक जब पिछले सिरे अलग हो जाते हैं।

नदी पार करने का सबसे कम समय कितना होता है?

नाव या तैराक को सीधे सामने की ओर रखो। समय = नदी की चौड़ाई ÷ शांत पानी में तैराक की चाल, और यह धारा पर निर्भर नहीं करता। धारा सिर्फ़ यह बदलती है कि तुम कहाँ उतरते हो।

ठीक सामने के बिंदु पर कैसे उतरें?

धारा की ओर θ कोण पर मुँह करो, जहाँ sin θ = u ÷ v। u धारा की चाल और v तैराक की चाल है। इसके लिए v का u से बड़ा होना ज़रूरी है।

अगर धारा तैराक से तेज़ हो तो क्या होता है?

तब कोई भी कोण बहाव नहीं काट सकता। तैराक हमेशा धारा की दिशा में आगे उतरेगा। सबसे कम बहाव sin θ = v ÷ u पर होता है और चौड़ाई गुणा √(u² − v²) भाग v के बराबर है।

इस विषय पर और पढ़ाई

एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।

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अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग

एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।

कक्षा 9 · 11

उत्तोलक और आघूर्ण

सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।

कक्षा 11

द्रव्यमान केंद्र

छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।

कक्षा 11

कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति

कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।

कक्षा 11

सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम

दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।

कक्षा 11

केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा

उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।

कक्षा 11

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह

दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।

कक्षा 11

तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें

सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।

कक्षा 11

अनुनाद नली और ध्वनि की चाल

अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।

कक्षा 11

विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन

लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।

कक्षा 11 · 12

डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम

ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।

कक्षा 10 · 12

प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष

सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।

कक्षा 12

किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम

दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।

कक्षा 12

व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु

व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 12

एकल झिरी से विवर्तन

झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।

कक्षा 10 · 12

आँख के दोष और उनका निवारण

सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।

कक्षा 12

प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम

ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक

प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।

कक्षा 10 · 12

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका

छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।

कक्षा 12

एसी जनित्र

चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।

कक्षा 10 · 12

ट्रांसफ़ॉर्मर

ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।

कक्षा 9 · 12

ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण

ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव

निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।

कक्षा 10 · 12

मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर

चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।

कक्षा 11 · 12

गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल

डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।

कक्षा 12

अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी

p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।

कक्षा 10 · 12

रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता

240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।

कक्षा 12

बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम

हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।

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रासायनिक समीकरण संतुलन: विधि, उदाहरण और अभ्यास

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पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण

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वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न

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ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला

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समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई

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निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ

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शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय

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फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना

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अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक

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रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल

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सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए

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त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन

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आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक

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सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल

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बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़