स्रोत S₁, S₂ या बिंदु P को खींचें
नियंत्रण
दृश्य
मापन
- S₁ से दूरी, r₁
- 26.8cm
- S₂ से दूरी, r₂
- 24.0cm
- पथांतर, Δ
- 2.83cm
- पथांतर, Δ/λ
- 0.94λ
- P पर कलांतर, δ
- 20°
- परिणामी आयाम (A₁ = 1)
- 1.97
- P पर व्यतिकरण
- आंशिक
- पर्दे पर मापी गई फ्रिंज चौड़ाई
- 11.5cm
- β = λD/d (D ≫ d मानकर)
- 11.0cm
सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें
- S₁ और S₂ को खींचें या "स्रोतों के बीच दूरी" स्लाइडर बदलें — d बढ़ाने पर फ्रिंज पास-पास आ जाती हैं।
- दृश्य को "औसत तीव्रता" पर करें: चलती तरंगों की जगह स्थिर दीप्त और अदीप्त फ्रिंज दिखेंगी।
- बिंदु P को हरी रेखा पर रखें तो पथांतर λ का पूर्ण गुणज होगा; लाल डैश रेखा पर अर्ध-पूर्ण गुणज।
- कलांतर φ = 180° करें: सारी फ्रिंज खिसक जाती हैं और बीच की रेखा अदीप्त हो जाती है।
तालाब में दो पत्थर: व्यतिकरण से पहली मुलाकात
किसी शांत तालाब में थोड़ी दूरी पर दो पत्थर एक साथ डालकर देखिए। दोनों से गोल-गोल लहरें फैलती हैं और कुछ ही देर में एक-दूसरे के आर-पार निकलने लगती हैं। ध्यान से देखेंगे तो एक पैटर्न दिखेगा — कुछ रेखाओं पर पानी खूब ऊपर-नीचे हो रहा है, और कुछ रेखाओं पर लगभग शांत है।
"कहीं ज़ोरदार, कहीं शांत" का यही पैटर्न व्यतिकरण है। जहाँ दोनों तरंगें एक ही कदम में पहुँचती हैं वहाँ वे एक-दूसरे की मदद करती हैं, और जहाँ उलटे कदम में पहुँचती हैं वहाँ एक-दूसरे को मिटा देती हैं। यह पैटर्न अव्यवस्थित नहीं होता — कहाँ ज़ोर होगा और कहाँ शांति, यह पहले से गणना करके बताया जा सकता है।
साबुन के बुलबुले पर चमकते रंग, या बारिश के बाद सड़क पर फैली तेल की पतली परत के इंद्रधनुषी रंग भी प्रकाश के व्यतिकरण का ही नतीजा हैं। यहाँ लहरें पानी की नहीं, प्रकाश की हैं — पर नियम वही है।
शुरुआत से: तरंगों की कुछ आसान बातें
पहले कुछ शब्द पहचान लेते हैं। पानी की लहर का सबसे ऊँचा भाग शृंग कहलाता है और सबसे नीचा भाग गर्त। दो पास-पास के शृंगों के बीच की दूरी तरंगदैर्घ्य है, जिसे λ (लैम्ब्डा) से लिखते हैं।
कण अपनी विराम स्थिति से अधिकतम जितना हटता है, वह आयाम (A) है। कला बताती है कि किसी क्षण कण अपने कंपन की किस अवस्था में है — शृंग पर, गर्त पर, ऊपर जा रहा है या नीचे। जो दो कण साथ-साथ ऊपर उठते और साथ-साथ नीचे आते हैं, वे समान कला में हैं।
अध्यारोपण का सिद्धांत: तरंगें जोड़ना जानती हैं
जब एक ही माध्यम में दो या अधिक तरंगें एक साथ किसी कण से गुज़रती हैं, तो कण का परिणामी विस्थापन अलग-अलग तरंगों के विस्थापनों के योग के बराबर होता है। इसे अध्यारोपण का सिद्धांत कहते हैं।
आसान उदाहरण: दो दोस्त एक झूले को धक्का दे रहे हैं। दोनों एक ही दिशा में, एक ही समय धक्का दें तो झूला बहुत ऊँचा जाता है। पर अगर एक आगे से और दूसरा पीछे से बराबर ज़ोर से धक्का दे, तो झूला हिलता ही नहीं। तरंगों में भी विस्थापन चिह्न सहित जुड़ते हैं।
y = y₁ + y₂परिणामी विस्थापन = अलग-अलग विस्थापनों का योग
ज़रूरी शब्द एक नज़र में
ये परिभाषाएँ परीक्षा में बार-बार आती हैं, इसलिए एक छोटी तालिका बना दी है।
| शब्द | आसान अर्थ |
|---|---|
| अध्यारोपण | कई तरंगें एक जगह मिलें तो उनके विस्थापनों का जुड़ना |
| व्यतिकरण | अध्यारोपण से बनने वाला स्थायी पैटर्न — कहीं अधिक, कहीं कम आयाम |
| कला-संबद्ध स्रोत | समान आवृत्ति वाले दो स्रोत, जिनका कलांतर समय के साथ नहीं बदलता |
| पथांतर (Δ) | किसी बिंदु की दोनों स्रोतों से दूरी का अंतर, |r₁ − r₂| |
| कलांतर (δ) | एक तरंग दूसरी से कितनी आगे-पीछे है, कोण में |
| फ्रिंज | पर्दे पर बारी-बारी से दीप्त और अदीप्त पट्टियाँ |
| फ्रिंज चौड़ाई (β) | दो पास-पास की दीप्त (या अदीप्त) फ्रिंजों के बीच की दूरी |
संपोषी और विनाशी व्यतिकरण की शर्तें
किसी बिंदु पर दो तरंगें क्या करेंगी, यह इस पर निर्भर है कि वे वहाँ किस कला में पहुँचती हैं। और कला निर्भर करती है पथांतर पर — एक तरंग को दूसरी से कितना अधिक रास्ता तय करना पड़ा।
संपोषी व्यतिकरण: शृंग पर शृंग
यदि पथांतर तरंगदैर्घ्य का पूर्ण गुणज हो (0, λ, 2λ, …), तो एक तरंग ने बस कुछ पूरे चक्र अधिक चले हैं। शृंग शृंग पर और गर्त गर्त पर पड़ता है। आयाम A₁ + A₂ हो जाता है — प्रकाश में दीप्त फ्रिंज।
Δ = nλ, n = 0, 1, 2, …परिणामी आयाम A₁ + A₂
विनाशी व्यतिकरण: शृंग पर गर्त
यदि पथांतर आधे तरंगदैर्घ्य का विषम गुणज हो (λ/2, 3λ/2, …), तो एक तरंग का शृंग दूसरी के गर्त पर पड़ता है। विस्थापन उलटी दिशा में होते हैं और एक-दूसरे को काट देते हैं। आयाम |A₁ − A₂| होता है; दोनों बराबर हों तो शून्य — अदीप्त फ्रिंज।
Δ = (2n + 1)λ/2परिणामी आयाम |A₁ − A₂|
पथांतर से कलांतर
एक तरंगदैर्घ्य अधिक पथ का मतलब एक पूरा चक्र, यानी 2π रेडियन या 360° कलांतर। इसलिए किसी भी पथांतर को एक सरल अनुपात से कलांतर में बदला जा सकता है, और किसी भी कलांतर के लिए परिणामी आयाम का सामान्य सूत्र भी है।
δ = (2π/λ)·Δकलांतर
A² = A₁² + A₂² + 2A₁A₂cosδकिसी भी कला पर परिणामी आयाम
कला-संबद्ध स्रोत क्यों ज़रूरी हैं
दो अलग बल्ब जलाकर दीवार पर डालें तो कोई फ्रिंज नहीं दिखती। हर बल्ब का प्रकाश एक सेकंड में लाखों बार बेतरतीब ढंग से कला बदलता है, इसलिए किसी बिंदु पर एक पल संपोषी तो अगले पल विनाशी — आँख तक सिर्फ़ औसत प्रकाश पहुँचता है।
स्थिर पैटर्न के लिए दोनों स्रोतों की आवृत्ति समान और कलांतर स्थिर होना चाहिए। ऐसे स्रोत कला-संबद्ध कहलाते हैं। इसीलिए आम तौर पर एक ही स्रोत के प्रकाश को दो भागों में बाँटा जाता है — जैसे यंग ने दो पतली झिरियों से किया।
- दोनों स्रोतों की आवृत्ति (और तरंगदैर्घ्य) समान हो।
- कलांतर स्थिर रहे।
- आयाम समान या लगभग समान हों, ताकि अदीप्त फ्रिंज पूरी तरह अँधेरी और पैटर्न साफ़ दिखे।
- स्रोत बहुत पतले और एक-दूसरे के पास हों।
यंग का द्वि-झिरी प्रयोग चरण दर चरण
लगभग 1801 में टॉमस यंग ने एक सरल प्रयोग से दिखाया कि प्रकाश तरंग की तरह व्यवहार करता है। कक्षा 12 की भौतिकी में यह इस अध्याय का सबसे अहम हिस्सा है।
प्रयोग की व्यवस्था
एकवर्णी प्रकाश पहले एक पतली झिरी S से गुज़रता है, फिर बहुत पास-पास की दो पतली झिरियों S₁ और S₂ तक पहुँचता है, जिनके बीच दूरी d है। दूर, D दूरी पर एक पर्दा है। S₁ और S₂ एक ही तरंगाग्र से प्रकाशित होती हैं, इसलिए कला-संबद्ध स्रोतों की तरह काम करती हैं।
पर्दे पर समान दूरी पर दीप्त और अदीप्त फ्रिंज दिखती हैं। बीच में, जहाँ पथांतर शून्य है, दीप्त फ्रिंज होती है — अगर दोनों झिरियाँ समान कला में हों।
फ्रिंज की स्थिति और चौड़ाई
पर्दे के केंद्र से y दूरी पर पथांतर लगभग Δ = yd/D होता है (जब D बहुत बड़ा हो)। दीप्त फ्रिंज के लिए Δ = nλ रखने पर n-वीं दीप्त फ्रिंज की स्थिति मिलती है, और दो पास-पास की फ्रिंजों का अंतर ही फ्रिंज चौड़ाई है।
yₙ = nλD/dn-वीं दीप्त फ्रिंज की स्थिति
β = λD/dफ्रिंज चौड़ाई
- λ बढ़े तो β बढ़ती है — लाल प्रकाश की फ्रिंज नीले से चौड़ी।
- पर्दा दूर करें (D बढ़ाएँ) तो फ्रिंज चौड़ी होती हैं।
- झिरियाँ पास लाएँ (d घटाएँ) तो फ्रिंज चौड़ी होती हैं।
- पूरा उपकरण पानी में डुबाएँ तो λ घटता है, फ्रिंज पतली हो जाती हैं।
व्यतिकरण और विवर्तन में अंतर
दोनों में दीप्त-अदीप्त पट्टियाँ दिखती हैं, इसलिए ये अक्सर उलझ जाते हैं। असली अंतर यह है कि मिलने वाली तरंगें कहाँ से आ रही हैं।
| आधार | व्यतिकरण | विवर्तन |
|---|---|---|
| स्रोत | दो कला-संबद्ध स्रोतों की तरंगें | एक ही तरंगाग्र के अलग-अलग भागों की तरंगें |
| फ्रिंज चौड़ाई | प्रायः सभी बराबर | केंद्रीय फ्रिंज सबसे चौड़ी, बाकी पतली |
| चमक | दीप्त फ्रिंज लगभग समान चमकीली | केंद्र से दूर जाने पर तेज़ी से घटती है |
| अदीप्त फ्रिंज | पूरी तरह अँधेरी हो सकती है | पूरी तरह अँधेरी नहीं होती |
| उदाहरण | यंग का द्वि-झिरी प्रयोग | एक पतली झिरी या तीखे किनारे से गुज़रता प्रकाश |
सिमुलेशन में खुद प्रयोग करें
ऊपर का रिपल टैंक एक छोटी प्रयोगशाला है। किताब में जो पढ़ा, उसे यहाँ खुद जाँचिए।
- तरंगदैर्घ्य λ बढ़ाएँ: लहरें लंबी होती हैं और हरी-लाल रेखाएँ दूर-दूर हो जाती हैं — ठीक β = λD/d के अनुसार।
- स्रोतों की दूरी d घटाएँ: रेखाएँ कम, फ्रिंज चौड़ी।
- कलांतर φ को 0° से 360° तक धीरे-धीरे बदलें: पूरा पैटर्न एक ओर खिसकता है और 360° पर वापस आ जाता है।
- आयाम अनुपात घटाएँ: अदीप्त फ्रिंज काली नहीं, धूसर हो जाती है।
- बिंदु P को अलग-अलग जगह खींचें और मापन पैनल में पथांतर कितने λ है, देखें।
हल उदाहरण
हर उदाहरण चरण दर चरण हल किया गया है। पहले सभी मात्रक SI में बदल लें।
उदाहरण 1: फ्रिंज चौड़ाई ज्ञात करना
यंग के प्रयोग में λ = 600 nm, झिरियों के बीच दूरी d = 0.5 mm और पर्दे की दूरी D = 1 m है। फ्रिंज चौड़ाई कितनी है?
β = λD/d = (600 × 10⁻⁹ × 1) / (0.5 × 10⁻³) = 1.2 mm। तीसरी दीप्त फ्रिंज केंद्र से y₃ = 3β = 3.6 mm दूर होगी।
उदाहरण 2: फ्रिंज चौड़ाई से तरंगदैर्घ्य
एक प्रयोग में मापी गई फ्रिंज चौड़ाई 0.75 mm, D = 1.5 m और d = 1 mm है। प्रकाश का तरंगदैर्घ्य कितना है?
सूत्र पलटें: λ = βd/D = (0.75 × 10⁻³ × 1 × 10⁻³) / 1.5 = 500 nm — यह हरे प्रकाश का तरंगदैर्घ्य है।
उदाहरण 3: झिरियों की दूरी आधी करने पर
उदाहरण 1 में d को आधा करके 0.25 mm किया गया। नई फ्रिंज चौड़ाई β′ = λD/(d/2) = 2.4 mm — ठीक दोगुनी। β और d व्युत्क्रमानुपाती हैं।
उदाहरण 4: दीप्त या अदीप्त?
λ = 600 nm पर दो बिंदुओं का पथांतर क्रमशः 1.5 µm और 1.8 µm है। हर बिंदु पर क्या होगा?
पहला बिंदु: Δ/λ = 2.5, अर्ध-पूर्णांक। कलांतर δ = (2π/λ)Δ = 5π रेडियन, जो π का विषम गुणज है — विनाशी व्यतिकरण, अदीप्त फ्रिंज।
दूसरा बिंदु: Δ/λ = 3, पूर्णांक। δ = 6π रेडियन, 2π का गुणज — संपोषी व्यतिकरण, दीप्त फ्रिंज।
उदाहरण 5: असमान आयाम
दो कला-संबद्ध तरंगों के आयाम 3 cm और 1 cm हैं। अधिकतम आयाम = 3 + 1 = 4 cm, न्यूनतम आयाम = 3 − 1 = 2 cm। तीव्रता आयाम के वर्ग के समानुपाती है, इसलिए Imax : Imin = 4² : 2² = 4 : 1।
कलांतर 60° हो तो A² = 3² + 1² + 2 × 3 × 1 × cos60° = 13, इसलिए A = 3.61 cm।
आम गलतियाँ
ये गलतियाँ पहले से जान लें तो परीक्षा में अंक बचेंगे।
- β = λD/d में mm और nm एक साथ रख देना — पहले सब कुछ मीटर में बदलें।
- सोचना कि अदीप्त फ्रिंज पर ऊर्जा नष्ट होती है — वह केवल पुनर्वितरित होती है।
- सोचना कि d बढ़ाने पर फ्रिंज चौड़ी होती है — उलटा, d बढ़ने पर β घटती है।
- दो अलग बल्बों से व्यतिकरण की उम्मीद — वे कला-संबद्ध नहीं हैं।
- व्यतिकरण और विवर्तन को मिला देना — देखें, दो स्रोत हैं या एक तरंगाग्र।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यतिकरण
व्यतिकरण सिर्फ़ किताब की बात नहीं है, यह हमारे आसपास हर दिन हो रहा है।
- साबुन के बुलबुले और तेल की परत: पतली परत की आगे और पीछे की सतह से परावर्तित प्रकाश व्यतिकरण करता है। अलग-अलग मोटाई पर अलग रंग प्रबल होते हैं, इसलिए इंद्रधनुषी रंग दिखते हैं।
- चश्मे और कैमरा लेंस की परावर्तन-रोधी परत: एक बहुत पतली परत लगाई जाती है ताकि उसकी दोनों सतहों से परावर्तित प्रकाश विनाशी व्यतिकरण से एक-दूसरे को मिटा दे। परावर्तन घटता है और अधिक प्रकाश अंदर जाता है।
- नॉइज़-कैंसलिंग हेडफ़ोन: माइक्रोफ़ोन बाहर का शोर सुनता है और हेडफ़ोन ठीक उलटी कला (180°) की ध्वनि बनाता है। दोनों का विनाशी व्यतिकरण होता है — इंजन या पंखे जैसी लगातार आवाज़ बहुत कम हो जाती है।
- रेडियो और वाई-फ़ाई सिग्नल: दीवारों से परावर्तित सिग्नल सीधे सिग्नल से व्यतिकरण करता है, इसलिए कमरे के कुछ कोनों में सिग्नल कमज़ोर मिलता है।
परीक्षा कॉर्नर: CBSE कक्षा 12 और JEE/NEET
ये प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
- कला-संबद्ध स्रोत की परिभाषा दीजिए और बताइए कि दो स्वतंत्र स्रोत स्थायी व्यतिकरण पैटर्न क्यों नहीं बनाते।
- पथांतर और कलांतर के रूप में संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें लिखिए।
- दिए गए λ, D और d से फ्रिंज चौड़ाई ज्ञात कीजिए — इस पृष्ठ के मानों से β = 1.2 mm।
- JEE/NEET: d आधा करने, पर्दा दूर करने या उपकरण को पानी में रखने पर फ्रिंज चौड़ाई में परिवर्तन; तथा Imax/Imin = (A₁ + A₂)²/(A₁ − A₂)² पर आधारित प्रश्न।
- व्यतिकरण और विवर्तन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
झटपट दोहराव
परीक्षा से पहले की रात बस यह भाग पढ़ लें, मुख्य बातें याद आ जाएँगी।
- अध्यारोपण: y = y₁ + y₂।
- व्यतिकरण के लिए कला-संबद्ध स्रोत चाहिए।
- संपोषी: Δ = nλ, आयाम A₁ + A₂।
- विनाशी: Δ = (2n + 1)λ/2, आयाम |A₁ − A₂|।
- कलांतर δ = (2π/λ)Δ।
- फ्रिंज चौड़ाई β = λD/d।
- ऊर्जा नष्ट नहीं होती, पुनर्वितरित होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अध्यारोपण का सिद्धांत क्या है?
जब कई तरंगें एक साथ किसी बिंदु पर मिलती हैं, तो परिणामी विस्थापन अलग-अलग तरंगों के विस्थापनों के योग के बराबर होता है।
तरंगों का व्यतिकरण किसे कहते हैं?
दो कला-संबद्ध स्रोतों की तरंगों के अध्यारोपण से कुछ बिंदुओं पर परिणामी आयाम अधिकतम और कुछ पर न्यूनतम होने की घटना को व्यतिकरण कहते हैं।
संपोषी और विनाशी व्यतिकरण में क्या अंतर है?
संपोषी व्यतिकरण में पथांतर nλ होता है और आयाम A₁ + A₂ (दीप्त फ्रिंज); विनाशी में पथांतर (2n + 1)λ/2 होता है और आयाम |A₁ − A₂| (अदीप्त फ्रिंज)।
कला-संबद्ध स्रोत क्यों आवश्यक हैं?
केवल समान आवृत्ति और स्थिर कलांतर वाले स्रोत ही संपोषी और विनाशी बिंदुओं को एक जगह टिकाए रखते हैं। स्वतंत्र स्रोतों का पैटर्न इतनी तेज़ी से बदलता है कि केवल औसत प्रकाश दिखता है।
फ्रिंज चौड़ाई का सूत्र क्या है?
β = λD/d, जहाँ λ तरंगदैर्घ्य, D झिरियों से पर्दे की दूरी और d दोनों झिरियों के बीच की दूरी है।
व्यतिकरण और विवर्तन में क्या अंतर है?
व्यतिकरण में दो कला-संबद्ध स्रोतों की तरंगें मिलती हैं और फ्रिंज समान चौड़ी व समान चमकीली होती हैं; विवर्तन में एक ही तरंगाग्र के अलग भाग मिलते हैं, केंद्रीय फ्रिंज सबसे चौड़ी और बाकी धीरे-धीरे धुँधली होती हैं।
विनाशी व्यतिकरण में ऊर्जा कहाँ जाती है?
ऊर्जा संपोषी व्यतिकरण वाले स्थानों पर पहुँच जाती है। कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है — व्यतिकरण बस उसका पुनर्वितरण करता है।
इस विषय पर और पढ़ाई
एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।
SSC
SSC Physics: syllabus and preparation
HSC
HSC Physics: syllabus and preparation
Textbook
Class 9-10 Physics textbook
Admission
Engineering admission test preparation
Admission
Dhaka University science unit admission 2026-27
English
Composition: The Uses of Electricity
Bangla
প্রতিবেদন: বিজ্ঞান মেলা (बांग्ला में)
English
Paragraph: Science in Everyday Life
SSC
SSC suggestions
HSC
HSC suggestions
Admission
University admission guide
SSC
SSC syllabus
HSC
HSC syllabus
Study abroad
Study in Germany
Test prep
Digital SAT Math guide
Scholarship
Scholarships to study abroad
IELTS
IELTS vocabulary: science and research
Tool
GPA calculator
Career
Civil engineer resume example
भौतिकी के और एनिमेशन
कक्षा 10 · 12
प्रकाश का अपवर्तन
प्रकाश का अपवर्तन किसे कहते हैं, अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, क्रांतिक कोण व पूर्ण आंतरिक परावर्तन — आसान भाषा में, इंटरैक्टिव एनिमेशन और हल उदाहरण सहित।
कक्षा 10 · 12
ओम का नियम
ओम का नियम क्या है, सूत्र V=IR, V-I ग्राफ और श्रेणी-पार्श्व क्रम — विभवांतर व प्रतिरोध बदलकर धारा देखें। कक्षा 10 व 12 के हल प्रश्न।
कक्षा 11 · JEE
प्रक्षेप्य गति
प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? कोण व वेग बदलकर पथ देखें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई, क्षैतिज परास के सूत्र व हल उदाहरण। कक्षा 11, JEE/NEET।
कक्षा 11
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सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।
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विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं, तीव्रता का सूत्र व SI मात्रक, क्षेत्र रेखाओं के गुण — आवेश रखकर रेखाएँ देखें। कूलॉम के नियम के हल उदाहरण।
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मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।
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उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।
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न्यूटन के गति के नियम
न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।
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अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।
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संवेग संरक्षण और संघट्ट
संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 11 · JEE
आनत तल
ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
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एकसमान वृत्तीय गति
डोरी से बँधी गेंद घुमाकर कोणीय वेग, आवर्तकाल, a=v²/r और अभिकेंद्र बल F=mv²/r देखें। डोरी कटने पर गेंद कहाँ जाती है? बैंकिंग व हल किए उदाहरणों सहित।
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अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग
एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।
कक्षा 9 · 11
उत्तोलक और आघूर्ण
सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।
कक्षा 11
द्रव्यमान केंद्र
छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।
कक्षा 11
कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति
कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।
कक्षा 11
सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम
दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।
कक्षा 11
सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना
दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।
कक्षा 11
केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा
उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।
कक्षा 11
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह
दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।
कक्षा 11
तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें
सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।
कक्षा 11
अनुनाद नली और ध्वनि की चाल
अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।
कक्षा 11
विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन
लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।
कक्षा 11 · 12
डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम
ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।
कक्षा 10 · 12
प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष
सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।
कक्षा 12
किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम
दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।
कक्षा 12
व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु
व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 12
एकल झिरी से विवर्तन
झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।
कक्षा 10 · 12
आँख के दोष और उनका निवारण
सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।
कक्षा 12
प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम
ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक
प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।
कक्षा 10 · 12
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका
छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।
कक्षा 12
एसी जनित्र
चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।
कक्षा 10 · 12
ट्रांसफ़ॉर्मर
ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।
कक्षा 9 · 12
ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण
ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव
निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।
कक्षा 10 · 12
मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर
चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।
कक्षा 11 · 12
गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल
डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।
कक्षा 12
अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी
p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।
कक्षा 10 · 12
रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता
240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।
कक्षा 12
बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम
हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।
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परागण और निषेचन
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ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण
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प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता
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समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी
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माध्य, माध्यिका और बहुलक
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रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख
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sin, cos, tan के आलेख
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पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण
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वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न
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ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला
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समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई
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निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ
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शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय
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फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना
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अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक
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रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल
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सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए
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त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन
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आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक
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सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल
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